केला ( Banana )

केला ग्लॉसरी |स्वास्थ्य के लिए लाभ, पोषण संबंधी जानकारी + केला की रेसिपी (Glossary and Recipes with Bananas in Hindi) Viewed 6326 times

अन्य नाम
वज़ाईपज़म, बालेहन्नू

वर्णन
केला, जैसा इसका नाम है, यह केले के पेड़ का एक नरम और मीठा फल है, जो भारतीय उपमहाद्वीप का मूल है, जिसे अब अफरीका, वेस्ट ईन्डीज़ और दक्षिण अमरीका के उत्कट श्रेत्र मे उगाया जाता है।

इसके प्रत्येक पौधा/पेड़ पर लगभग 45 से 150 केले होते हैं, जिनका छिल्का हरा, पीला या लाल रंग का हो सकता है और इसका गुदा सफेद से लेकर हल्का सफेद और मीठा होता है। केले के केवल कुँ ही विकल्प पकते हैं और वहीं प्लैटेन नामक दुसरे विकल्प कच्चे ही रहते हैं और इनका प्रयोग सब्ज़ीयों में किया जाता है। यहाँ हम फल वाले केले के बारे में बात करेंगे।

केले के टुकड़े (banana cubes)
केले के टुकड़े बनाने के लिए, केले को छिलकर काटने के बोर्ड पर रखें। चाकू का प्रयोग कर, केले को बीच से लंबे आकार में काटकर दो भागों में काट लें। दुसरे हाथ से दोनो आधे टुकड़ो को जोड़कर, 1/2"/1" के तिरछे आकार में समान अंतर पर काटकर टुकड़ों में काट लें। इन टुकड़ो का प्रयोग अकसर फ्रूट सलाद में किया जाता है।
केले की पट्टियॉं (banana strips)
कटे हए केले (chopped bananas)
केला काटने के लिए, केले को छिलकर काटने के बोर्ड पर रखें। चाकू का प्रयोग कर, केले को बीच से लंबे आकार में काटकर दो भागों में काट लें। दोनो लंबे भाग को समान आकार के स्ट्रिप्स् में काट लें और सभी स्ट्रिप्स् को साथ रखें। समान अंतर पर तिरछा काट लें।
मसले हुए केले (mashed bananas)
केले को टुकड़ो में काटकर क्रीम या शक्का (ऐच्छिक) के साथ फूड प्रोसेसर में डाल दें। अच्छी तरह मसलने तक पीस लेँ। मसले हुए केले का प्रयोग बनाना स्प्रैड, केक आदि में किया जाता है।
स्लाईस्ड केले (sliced banana)
केला छिल लें। काटने के बोर्ड पर रखकर और दोनो किनारे काट लें। अब केले को समान अंतर पर तिरछा काटकर आवश्यक्ता अनुसार मोटे या पतले स्लाईस में काट लें।

चुनने का सुझाव
• मुलायम छिल्के वाले और सभी तरफ से हल्के सख्त केले चुनें।
• डंडी लगे हुए केले चुनें, क्योंकि उपर से खुले हुए केलों पर मच्छर और मक्ख़ी आते हैं! अगर आपके पास खुला केला आ गया हो, तो खाने से पहले फल के उपरी भाग को काटकर निकाल लें।
• विभिन्न प्रकार के केलो के अलग-अलग स्वाद, खुशबु और चिकित्सक गुण होते हैँ। इन सब बातों का ध्यान रखें और ज़रुरत अनुसार चुनें।
• केला पका हुआ है या नहीं, यह जाँच करने के लिए यह तिन तरीके हैं: दबाने पर यह हल्के नरम लगते हैं, इनमें से कच्ची की जगह फल जैसी खुशबु आती है और इन्हें डंडी से आसानी से तोड़ा जा सकता है।

रसोई में उपयोग
• यह एक स्वादिष्ट फल है जिसे आप केवल छिलकर ऐसे ही इसका मज़ा ले सकते हैं!
• साथ ही यह फ्रूट सलाद का मुख्य भाग है, जिनमें वह भी आते हैं जिन्हें क्रीम, कस्टर्ड आदि के साथ परोसा जाता है।
• साथ ही इन्हें मसलकर बहुत से मीठे व्यंजन में प्रयोग किया जा सकता है, जैसे मीठे अप्पम, केले की खीर और पन्चामृतम।
• केले की प्युरी को बच्चों को उनके पहले खाने के रुप में दिया जाता है, क्योंकि यह पचाने में आसान होते हैं और इनका स्वाद भी आकर्षित होता है।
• केले का प्रयोग अकसर फ्रूट फ्लेम्बे में किया जाता है, जहाँ इसे मक्ख़न और शक्कर के साथ पकाकर छुरा किया जाता है और अल्कोहोल के साथ मिलाया जाता है। यह एक स्वादिष्ट डेज़र्ट बनाते हैं।
• और हाँ, मशहुर बनाना स्पलिट भी है, को स्लाईस्ड केले के उपर अलग-अलग आईस-क्रीम, सॉस और मेवे से बना एक सन्डे होता है।
• स्लाईस्ड केले को घोल में डुबोकर तलें और बनाना फ्रिटर्स बनाऐं।
• केलों का प्रयोग अकसर केक और मफिन को स्वाद प्रदान करने के लिए किया जाता है। मशहुर बनाना वॉलनट केक को किसी पहचान की आवश्यक्ता नहीं है।

संग्रह करने के तरीके
• इन्हें बहुत दिनों के लिए सामान्य तापमान पर रखा जा सकता है। फिर भी, याद रखें कि यह हर दिन पकते जाते हैं इसलिए उतने ही खरीदें जितने आपन एक या दो दिनों में खा सकते हैं।
• इन्हें हमेशा सामान्य तापमान पर रखकर, मच्छरों या मक्ख़ी से बचाने के लिए नेट से ढ़ककर रखें।
• केले को फ्रिज में ना रखें क्योंकि क तापमान पर यह काले हो सकते हैँ।
• साथ ही, केलों को काटकर रखने का सुझाव नहीं दिया जाता क्योंकि यह काले और नरम पड़ सकते हैं।

स्वास्थ्य विषयक
• शक्कर और रेशांक से भरपुर। यह झटपट ऊर्जा प्रदान करते हैं! इसलिए भरपुर मात्रा में ऊर्जा के लिए इन्हें सुबह-सुबह खाने का सुझाव दिया जाता है।
• बढ़ते बच्चों के लिए भी यह पर्याप्त खाना बनाते हैं।
• इनमें भरपुर मात्रा में विटामीन ए, सी और के होता है।
• इसके अलावा, इनमें स्टार्च और पौटॅशियम की मात्रा भी ज़्यादा होती है। पौटॅशियम हृदय की धड़कनों को संतुलित रखने में मदद करता है और शरीर में पानी कि मात्रा को संतुलित रखने में मदद करता है। तनाव के समय, जब पौटॅशियम की मात्रा कम हो जाती है, केले खाने से फायदा होता है।
• केले आंत को स्वस्थ रखने में मदद करते हैं। केले में प्रस्तुत पेक्टिन आंत में क्रिया को संतुलित रखने में मदद करते हैं।
• मोटापे या मधुमेह से पीड़ित ता वजन कम करने वालों को केला नहीं खाना चाहिए क्योंकि इनमें उच्च मात्रा में शक्कर होती है।

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