मैदा ( Plain flour, maida )

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मैदा क्या है?


मैदा नरम और सखत गेहूँ का मेल है। यह ब्लीच किया हुआ या बिना ब्लीच किया हुआ हो सकता है। प्राकृतिक तरीके से ब्लीच किया हुआ आटा पुराना होने पर बिना ब्लीच का आटा बन जाता है, वहीं रसायनिक रुप से ब्लीच किया हुआ आटा ब्लीच्ड आटे के नाम से जाना जाता है। बिना ब्लीच किये हुए आटे की तुलना में ब्लीच किये हुए आटे में प्रोटीन की मात्रा कम होती है, जिसका प्रयोग पाई क्रस्ट, कुकीस्, कविक ब्रेड, पॅनकेक एण्ड वॉफल बनाने के लिए किया जाता है। बिना ब्लीच किया हुआ आटे का प्रयोग खमीर ब्रेड, डॅनिश पेस्ट्री, पफ पेस्ट्री, स्ट्रुडेल, योर्कशायर पुडिंग, इकलेयर्स, क्रीम पफ और पोपओवरस् बनाने के लिए किया जाता है।

मैदा से बने खने को वजन के प्रति सचक इसे पौष्टिक नहीं मानते हैं और इसे जहाँ तक हो सके, संपूर्ण गेहूँ के आटे से बदलने की कोशिश करते हैं। लेकिन फिर भी, कुछ मिठाई, बेकरी पदार्थ, और ब्रेड में खासतौर पर मैदा का प्रयोग किया जाता है।

मैदा चुनने का सुझाव (suggestions to choose maida)
• मैदा विभिन्न पैकेट के आकार में और अलग-अलग ब्रेन्ड का मिलता है। अपनी ज़रुरत अनुसार पैकेट का आकार चूनें।
• अच्छी तरह से पैक किया हुआ आटा खरीदें, जिसका रंग सफेद हो, मुलायम और दिखने में पाउडर जैसा हो। हल्के पीले रंग का आटा ना चुनें।
• कभी-कभी आटे में छना हुआ का नाम दिया गया होता है। इसका मतलब यह है कि आटे को पैक करने से पहले से ही पैक किया गया है लेकिन परिवहन के दौरान रह कौम्पैक्ट हो जाता है जिसकी वजह से यह छना हुआ नहीं बचता। इसलिए इसे दुबारा छानना ज़रुरी होता है।

मैदा के उपयोग रसोई में (uses of maida in cooking )

सादा आटा (मैदा) भारतीय स्नैक व्यंजनों के लिए 

कई लोकप्रिय भारतीय स्नैक व्यंजनों में मैदा का उपयोग किया जाता है। भारतीय स्नैक्स जैसे मूंग दाल कचौरीमटर की कचौरी और प्याज़ की कचौरी मैदा का उपयोग करके बनाए जाते है।

भारतीय मिठाइयों में इस्तेमाल किया जाने वाला मैदा । कभी सोचा है कि क्यों डेसर्ट का स्वाद अच्छा लगता है? होममेड जलेबीगुलाब जामुन से लेकर काला जामुन तक ट्राई करके देखें।

भारतीय नाश्ते में इस्तेमाल किया जाने वाला मैदा

मैदा का उपयोग क्लासिक भारतीय नाश्ते के व्यंजनों को बनाने के लिए किया जाता है। लो फैट दही के कटोरे के साथ कभी लोकप्रिय पंजाबी पनीर पराठा का आनंद लें।

आलू की पुरी नाश्ते या चाय के समय के लिए बहुत अच्छा है। मैदा में थोड़ा घी मिलाना न भूलें क्योंकि यह एक अच्छी बनावट और समृद्ध स्वाद देता है।


• मैदा का प्रयोग अक्सर सफेद ब्रेड बनाने के लिए किया जाता है।
• भारत में, मैदा का प्रयोग पेस्ट्री और अन्य बेकरी पदार्थ जैसे ब्रेड, बिस्कुट, टोस्ट आदि बनाने के लिए किया जाता है।
• बेकिंग में इसका प्रयोग करते समय, मैदा खाने को एक रुप और स्वाद प्रदान करने में मदद करता है। यह सामग्री को बाँध कर रखता है और घोल को गाढ़ा बनाता है।
• मैदा का प्रयोग अक्सर तलने वाले खाने की कोटिंग के लिए किया जाता है, इससे कोट किये गए खाने में करारापन, स्वाद भरा क्रस्ट और अंदर के भाग को मुलायम और रसभरा बनाता है।
• इसका प्रयोग अन्य कार्य के लिए भी किया जाता है, सॉस को गाढ़ा बनाने से लेकर ब्रेड, केक, पिज़्ज़ा बेक करने और आटे से बने विभिन्न प्रकार के भारतीय और अंतरराष्ट्रिय मीठाई बनान तक किया जाता है।
• मैदा से बने आटे का प्रयोग भारतीय ब्रेड जैसे नान, पुरी, पराठा और चपाती बनाने के लिए किया जाता है।
• इसका प्रयोग सॉस को गाढ़ा बनाने में और क्रीम और पाई मिश्रण के लिए भी किया जाता है।
• मैदा का प्रयोग केक पॅन को डस्ट करने के लिए और घोल और ब्रेड के आटे को सतह से चिपकने से बचाता है।
• मैदा का प्रयोग फल और मेवे को घोल में डालने से डहले, उसपर परत लगाने के लिए भी किया जाता है, जिससे बह बेक करने पर घोल के नीचे बैठ नहीं जाते।

मैदा को कैसे स्टोर करें, how to store maida in hindi
• आटे को खाने के हवादार डब्बे में रखकर ठंडी, सूखी और गहरे रंग की जगह पर रखें। मैदा को हवा बंद डब्बे से ज़्यादा अच्छे से हवादार डब्बे में रखा जा सकता है।
• गरम नमी वाली जगह मैदा को खराब कर सकते हैं, क्योंकि ऐसा करने से आटा जम सकता है. साथ ही इसमें कीड़े लगने की आशंका होती है जो आटे को खराब कर सकते हैं। इसलिए इसे हमेशा सूखी जगह पर सूखे डब्बे में ही रखें।
• यह आटा आसानी से नमी और गंध सोख सकता है। इसलिए इस बात का ध्यान रखैं कि आप इस आटे से बने पदार्थ को प्याज़ और अन्य गंध वाले खाद्य पदार्थ से दूर रखें।
• अच्छी तरह से सग्रह करने से,इसे लगभग 8 महीने तक रखा जा सकता है। इसे और भी लबे समय तक रखने के लिए, आटे को अच्छी तरह बंद कर फ्रिज में रखें।
• किसी भी प्रकार की बदबू आने पर आटे को तुरंत फेंक दें।
• आटे में तेज़पत्ता डाल दें. कयोंकि तेज़पत्ता कीड़ों को प्राकृतिक तरीके से दूर रखने में मदद करता है।

मैदा के फायदे, स्वास्थ्य विषयक (benefits of maida
मैदा ( plain flour problems in hindi): यह नुस्खा मैदा का उपयोग करता है जो कि रिफाइन्ड कार्ब है और स्वस्थ जीवन शैली के लिए उपयुक्त नहीं है। किसी भी भोजन में मैदा के सेवन पूरी तरह से टालना चाहिए या बहुत थोड़ा सा उपयोग करना चाहिए क्योंकि इसके सेवन से रक्त के स्तर में बढावा होता है, जो मधुमेह रोगियों और हृदय रोगियों के लिए अच्छा नहीं होता है। प्रीडायबिटीज का विकास अनियंत्रित चीनी और रिफाइन्ड खाद्य उत्पादों को कई वर्षों तक खाने से होता है और यदि आपके पास अतिरिक्त वसा है तो यह क्लासिक लक्षण है। इससे मधुमेह और आगे चलकर दिल का दौरा, उच्च रक्तचाप, स्ट्रोक, नपुंसकता और गुर्दे की क्षति हो सकती है। पूरी तरह से समझने के लिए पढ़ें - क्या मैदा सचमुच अच्छा है?

 मैदा से बने खाद्य पदार्थ पौष्टिक नहीं होते और आजकल संपूर्ण गेहँ के आटे से बने पदार्थ को चुना जाता है।
• मैदा, पॉलिश चावल, सूजी आदि जैसे पदार्थ में छने हुए कार्बोहाईड्रेट होते हैं, जिनमें उच्च गलायसमिक इन्डेक्स होता है।

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