काली मिर्च ( Black peppercorns )

कालीमिर्च ( Black Peppercorns ) Glossary |स्वास्थ्य के लिए लाभ, पोषण संबंधी जानकारी + कालीमिर्च रेसिपी ( Black Peppercorns ) | Tarladalal.com Viewed 5232 times

अन्य नाम
काली मीरी

वर्णन
कलीमिर्च, मसाले के डब्बे में पाये जाने वाली आम सामग्री को इतना बहुमूल्य माना जाता था कि इसका प्राचीन समुदाय में से पदार्थ खरीदने या बेचने के लिए पैसे के रुप में प्रयोग किया जाता था!

यह कालीमिर्च के समान कच्चे फल से उत्तपन्न होता है। इन फलों को साफ करने के लिए और सूखाने के लिए, थोड़े समय तक पानी में पकाया जाता है। फलों को बाद में धूप में या मशीन से सूखाया जाता है, जब बीज के आस-पास की मिर्च सीकुड़कर गहरे हो जाते हैं और पतली सीकुड़ी हुई परत बनाते हैं। सूखने के बाद, इस मसाले को कालीमिर्च कहा जाता है।

इसका स्वाद तेज़ होता है और इसका भारतीय पाकशैली में बहुत मात्रा में प्रयोग किया जाता है, चाहे साबूत हो या पाउडर रुप में। पीसी हुई कालीमिर्च अकसर अपनी खुशबु जल्दी खो देती है और इसलिए इन्हें हवा बंद डब्बे में रखना चाहिए। आप कालीमिर्च को ताज़ा पीसने के लिए पेपरमिल का प्रयोग कर सकते हैं और ज़रुरत अनुसार प्रयोग कर सकते हैं।

चुनने का सुझाव
• साबूत कालीमिर्च भारी, समान और बिना किसी दाग के होनी चाहिए।
• बहुत से किराने की दुकानों में कालीमिर्च के मिले हुए पैकेट मिल सकते हैं, जहाँ इसे पत्थर या अन्य बेरी मिलाये जाते हैं, और इन्हें अकसर कालीमिर्च जैसा समझा जाता है। इसलिए भरोसेमंद दुकान से ही खरीदें।
• कालीमिर्च पैक की हुई या थोक में भी मिलती है। थोक में खरीदते समय, इस बात का ध्यान रखें कि वह डब्बा धूल और कंकड़ से मुक्त हो। पैक की हुई कालीमिर्च खरीदते समय, पैकेट के सील और समापन के दिनांक की अच्छी तरह जांच कर लें।
• कालीमिर्च पाउडर को एक साथ थोक में खरीदकर संग्रह ना करें। साबूत कालीमिर्च खरीदना बेहतर होता है और थोड़ा-थोड़ा कर पीसकर ज़रुरत अनुसार प्रयोग करें। यह बेहतर स्वाद और साफ कालीमिर्च सुनिश्चित करता है।

रसोई में उपयोग
• कालीमिर्च का प्रयोग साबूत या पाउडर रुप में व्यंजन अनुसार किया जा सकता है।
• साबूत कालीमिर्च को भुनकर अन्य सामग्री के साथ पीसकर गरम मसाला, सामभर मसाला, रसम मसाला आदि बनाये जाते हैं।
• कालीमिर्च को घी में डालकर बिरयानी, पुलाव, दाल या करी में तड़का लगायें।
• कालीमिर्च को क्रश कर सेन्डविच में डालें।
• पाउडर की हुई कालीमिर्च का प्रयोग स्वाद प्रदान करने के लिए, सूप, सॉस, स्टॉक और स्ट्यू में डालें।
• क्रश की हुई कालीमिर्च दही और योगहर्ट के साथ बेहद जजती है। इसलिए इसका प्रयोग रायता, डिप और मेरीनेड में करें।
• दक्षिण भारत में, कालीमिर्च का प्रयोग रसम में किया जाता है, जो एक पतला सूप है जिसे चावल और घी के साथ परोसा जाता है।

संग्रह करने के तरीके
कालीमिर्च या क्रश की हुई कालीमिर्च को हवा बद डब्बे में रखकर ठंडी और सूखी जगह पर रखें।

स्वास्थ्य विषयक
• कालीमिर्च पाचन शक्त मज़बूत करने में मदद करता है।
• खाँसी और साँस से संबंधित अन्य बिमारीयों से पिड़ीत को अपने आहार में कालीमिर्च ज़रुर डालना चाहिए। इसका तीखा स्वाद नाक और गले से बलगम निकालने में मदद करता है।
• गर्भवस्था से निकली हुई महीला के अंदर के भाग को कालीमिर्च जल्दी ठीक करने में मरता है और इसलिए, नई बनी माँ के खाने में कालीमिर्च डाली जाती है।
• कालीमिर्च में पिपेरीन नामक एन्ज़ाईम होता है, जो विटामीन बी, सेलेनियम और बीटा कॅरोटीन को शरीर में सोखने में मदद करता है।
• कालीमिर्च का प्रयोग आयुर्वेद और सिद्धा चिकित्सा में भी किया जाता है। किताबों में दिया गया है कि यह कैसे दस्त, कब्ज़, जोड़ो में दर्द, अपच, दांतों की सड़न, दाँतों में दर्द आदि से आराम प्रदान करता है।

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