इलायची ( Cardamom )

बड़ी इलायची ग्लॉसरी | का उपयोग,स्वास्थ्य के लिए लाभ, ( Cardamom in Hindi) Viewed 4527 times

अन्य नाम
हरी इलायची

इलायची का वर्णन
भारत में, कालीमिर्च के बाद, इलायची सबसे ज़्यादा प्रयोग होने वाला मसाला है। साथ ही यह विश्व का सबसे पुराना मसाला है, जिसे अकसर मसालों की रानी, जन्नत का अनाज आदि कहा जाता है। इसका प्रयोग भारत में खाने और चिकित्सिक उपाय में बहुत किया जाता है।

इलायची मोटे, नरम राईज़ोम या ज़मीन से निकले हुए जड़ों वाला और पत्तेदार डंठल वाला एक बहुवर्षिय जड़ी बुटी है। इसके पत्ते बड़े, सफेद या फीके हरे रंग के होते हैं, जिनके हरे या पीले रंज के फल में बहुत से बीज होते हैं और इनके बीज त्रिकोन आकार के काले रंग के होते हैं। इसकी खुशबु सौम्य होती है और इसका स्वाद सौम्य तीखा होता है। हरी इलायची के फली मिलने में मुशकिल होते हैं और ज़्यादा महँगे होते हैं जिनमें खुशबु और स्वाद को लबे समय तक रखने की क्षमता होती है।

क्रश्ड की हुई इलायची (crushed cardamom)
इलायची की फली को हलका क्रश कर लें और अंदर के बीज को निकाल लें। छिलके फेंक दें। बीज को खलबत्ते में रखक, व्यंजन अनुसार, दरदरा या बारीक पीस लें। ज़्यादा मात्रा में क्रश की हुई इलायची बनाने के लिए, मिक्सर या ग्राइन्डर का प्रयोग करें, कुछ लोग बारीक पाउडर के लिए और पाउडर को सूखने से बचाने के लिए इसे छिलके के साथ पीसते हैं।

चुनने का सुझाव
• इलायची को साबूत या पीसकर बेचा जाता है। साबूत इलायची खरीदना बेहतर होता है और लंबे समय तक खुशबु बनाये रखने के लिए, ज़रुरत अनुसार पीसना बेहतर होता है। पीसी हुई इलायची से स्वाद जल्दी उड़ जाता है।
• बीज खरीदते समय, हल्के हरे रंग, सफेद या भुरे विकल्प से खरीदें।
• साबूत इलायची खरीदते समय, ज़्यादा स्वाद के लिए, हरे रंग की फली को चुनें।

रसोई में उपयोग
• इलायची गरम मसाले की मुख्य सामग्री है, जो एक मसाले का मिश्रण है जिसका भारत में प्रयोग सब्ज़ी, चावल से बने व्यंजन, नाश्ते आदि में किया जाता है।
• इलायची से बनी चाय या कॉफी ताज़ी और स्वादिष्ट लगती है।
• इलायची को अरबी तरीके से प्रयोग कर देखें। इसी थोड़ी मात्रा को पीसी हुई कॉफी में डालें और मीठा कर इसमें क्रीम डालें।
• इलायची का प्रयोग पान में भी किया जाता है, जो पान के पत्तों से बना एक पाचन पदार्थ है।
• बहुत से पुलाव, करी और गरमा गरम व्यंजन में साबूत इलायची का प्रयोग किया जाता है। यह धीरे-धीरे व्यंजन में मिलता है और इसकी खुशबु व्यंजन में मिल जाती है। इसलिए, इसका प्रयोग अकसर बिरयानी, पुलाव या कबाब में खुसबु प्रदान करने के लिए किया जाता है।
• भारतीय मीठाई जैसे खीर, फिरनी आदि, साथ ही गुलाब जामुन और गाजर का हलवा को इलायची अनोखा स्वाद प्रदान करती है।
• पश्चिमी डेज़र्ट जैसे फ्लॉन, राईस पुडिंग और पॉरिज में भी इस मसाले का प्रयोग किया जाता है।

संग्रह करने के तरीके
• इलायची को फली के साथ रखना बेहतर होता है, क्योंकि छिलका निकालने के बाद बीज अपना स्वाद जल्दी खो देते हैं।
• हालाँकि भरोसेमंद दुकान से आप उच्च गुण वाली साबूत इलायची खरीद सकते हैं, इसे ज़रुरत अनुसार पीसना बेहतर होता है।
• इलायची को ठंडी, सूखी जगह पर रखकर हवा बंद डब्बे में रखना चाहिए।
• सूखी जगह पर रखने से यह साल भर तक खुशनुदार रहता है।

स्वास्थ्य विषयक
• यह पाचन तंत्र को संतुलित रखता है और गैस से आराम प्रदान करता है।
• इसका चिकित्सक कार्य फेफड़ो में रक्तसंचार बढ़ाने में मदद करता है और इसलिए दमा और ब्रोन्काईटीस् से बचाता है।
• यह पेट में तीक्षता को कम कर सकता है।
• यह भुख बढ़ाता है और साँस की बदबू से आराम प्रदान करता है।
• पीसी हुई इलायची को थोड़े पुदिने के साथ 1 कप पानी में उबालने से, हिचकी से आराम मिलता है। 

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