अजवायन ( Carom seeds )

अजवायन ग्लॉसरी |स्वास्थ्य के लिए लाभ, पोषण संबंधी जानकारी + अजवायन की रेसिपी( Glossary & Recipes with Carom Seeds in Hindi) Tarladalal.com Viewed 5192 times

अन्य नाम
अजमा, अजमोदिका

वर्णन
ज़ीरा और पार्सले परीवार से संबंधित एक जड़ीबूटी, अजवायन तीखे और तेज़ स्वाद वाले छोटे, सीधे और अंडाकार होते हैं। इनका प्रयोग उनके रसोई में उपयोग, खुशबुदार और घुलने वाले स्वाद के लिए प्राचीन काल से किया जा रहा है। अजवायन का प्रयोग अकसर साबूत रुप में किया जाता है और बहुत ही कम मात्रा में पाउडर के रुप में किया जाता है।

अजवायन का पाउडर (carom seeds powder)
अजवायन का पाउडर बनाने के लिए, पहले बीज को धिमी आँच में भुने लें, ठंडा का पीसकर पाउडर बना लें। इस पाउडर का प्रयोग रसोई और चिकित्सक गुण के लिए किया जाता है।

चुनने का सुझाव
• अजवायन अकासर साबूत बेचा जाता है, कयोंकि इसका इस रुप में भारतीय खाने में काफी मात्रा में प्रयोग किया जाता है।
• ताज़े और करारे दिखने वाले और तेज़ खुशबु वाले बीज चुनें।
• पैक करने की दिनांक और ताज़ा माल चुनें, क्योंकि पुराने अजवायन की खुशबु जल्दी निकल जाती है।
• खुले बीज ना खरीदें क्योंकि इनके खराब होने की आशंका ज़्यादा होती है। पैक किया हुआ अजवायन खरीदते समय, अच्छी तरह जांच कर यह देख लें कि इसनें किसी बी प्रकार के पत्थर, कंकड़ आदि ना हों।
• अजवायन पाउडर खरीदते समय, साबूत अजवायन खरीदते समय, घर पर पीसें।

रसोई में उपयोग
• इसकी तेज़ खुशबु और अनोखे स्वाद के कारण, बहुत से व्यंजन, खासतौर पर दाल और सब्ज़ी में तड़का लगाने के लिए, अजवायन का बहुत ही कम मात्रा में प्रयोग किया जाता है।
• इसे भजिये को खुसबु और स्वाद प्रदान करने के लिए, भजिया के घोल में भी मिलाया जाता है।
• पराठे का आटा बनाते समय आप इसमें थोड़ा अजवायन भी मिला सकते हैं, क्योंकि यह पराठे को सेकने पर, बेहद शानदार खुशबु प्रदान करता है।
• इसे अचार में अपने संग्रह करने के गुण के लिए भी मिलाया जाता है।
• अजवायन बीन्स् के गैस उत्तपन्न करने की आशंका भी कम करता है। साथ ही पाचन मज़बूत करता है।
• एक अच्छा पाचन तत्व होने के कारण, इसे खाने के बाद परोसने वाली छाछ में भी मिलाया जाता है या भुनकर खाया भी जाता है।
• इसे आप अपने मनपसंद पास्ता सॉस में भी मिला सकते हैं। सूप या स्टॉक में ताज़ा अजवायन भी डाल सकते हैं।

संग्रह करने के तरीके
• इसे अच्छी तरह बंद हवा बंद काँच के डब्बे में रखकर ठंडी, गहरे रंग की और शूखी जगह पर रखकर ताज़ा रखा जा सकता है।
• यह साल भर तक ताज़ा रह सकता है।

स्वास्थ्य विषयक
• अजवायन को उनके पाचन संबंधि, उपचारात्मक, औषधी गुणों के कारण, दवाई के रुप में मूल्य माना जाता है।
• यह बीज अनिमियत बिमारी को रोकने में मदद करते है।
• अपच होने पर 1 टी-स्पून अजवायन के साथ थोड़े काल नमक या अजवायन और छाछ के मिश्रण को खाया जा सकता है।
• इसे कच्चा या भुनकर चबाया जा सकता है।
• सौंफ, तिल, धनिया दाल और अजवायन को मिलालकर पाचन में मदद करता है। इन सामग्री से बना मुखवास बेहतरीन लगता है।
• ओमम वॉटर, जो कि, बीज से बना पानी है, अपच के लिए बेहतरीन होता है।
• गैस होने पर, बराबर मात्रा में अजवायन और सौंठ को 21/2 गुना नींबू के रस में भिगोया जा सकता है। इसे सूखाकर थोड़े काला नमक के साथ पीसा जाता है। इस मिश्रण के 1 टी-स्पून को थोड़े गुनगुने पानी के साथ लेने से फायदेमंद होता है।
• कच्चे या भुने हुए रुप में, दिन में 2-3 बार लेने से यह खाने से पहले खाया जा सकता है।
• बीज से बना गरमा गरम पेय पदार्थ दमा के लिए लाभदायक होता है। यह सांस फूलने पर मदद करता है।
• नांक बंद होने पर बीज को क्रश कर कपड़े में बाँधकर सूँगा जा सकता है। यह बंद नांक को खोलने में मदद करता है।
• अजवायन के तेल को लगाने से जोड़ो के दर्द से आराम मिलता है।
• बीज को नमक के साथ मिलाने से यह ठंड और चिल्लाने की वजह से बंद गले और गले में खराश को ठीक करने में मदद करता है।

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