अलसी ( Flax seeds )

अलसी क्या है, इसका उपयोग,स्वास्थ्य के लिए लाभ, रेसिपी, in Hindi Viewed 9112 times

अन्य नाम
कॉमन फ्लेक्स्, आम सन के बीज, कॉमन अलसी, लीनसीड

वर्णन
अलसी दो प्रकार की होती है, भुरी और पीली या सुनहरे रंग की, जहाँ अकसर सभी प्रकार के आहार तत्व समान होते हैं और सभी प्रकार में शॉर्ट-चेन ओमेगा-3 फॅटी एसिड होते हैं। भरपुर मात्रा में ओमेगा-3 फॅटी एसिड के साथ अलसी का हल्का गरम मेवेदार स्वाद इसे स्वास्थ के प्रति सचक के लिए आहार का मुख्य भाग बनाता है।

साबूत या पीसी हुई अलसी, साथ ही अलसी का तेल, साल भर मिलते हैं। तिल कि तुलना में अलसी ज़्यादा बढ़े होते हैं और इनकी उपरी परत कड़ी और चमकिली और मूलायम होती है। इसका रंग गहरे भूरे से लेकर लाल भूरे रंग तक होता है, जो अलसी के भुरे या सुनहरे विकल्प पर निर्भर करता है। जहाँ साबूत अलसी का अंदरुनी भाग नरम होता है, पीसे हुए बीज के पौषण तत्व पचाने में आसान होते हैं।

क्रश्ड अलसी (crushed flaxseeds)
अलसी का पाउडर (powdered flaxseeds)
अलसी का पाउडडर बनाने से पहले इसे भूनना ज़रुरी होता है। मिक्सर या ब्लेन्डर का प्रयोग कर, व्यंजन अनुसार आप इससे बारीक या दरदरा पाउडर बना सकते हैं। अगर आपको पके हुए सिरियल या अनाज आधारित व्यंजन में अलसी का पाउडर मिलाना हो, तो इसे पकाने के अंत मे डालें क्योंकि इसमें प्रस्तुत घुलने वला रेशांक लबे समय तक रखने पर पदार्थ को गाढ़ा बना सकता है।
भूनी हुई अलसी (roasted flaxseeds)
अलसी के करारेपन और संग्रह करने के समय को बढ़ाने के लिए, साबूत बीज को सूखा भूना जाता है। भूनी हुई अलसी की बहुत ही तेज़ खुशबु होती है, जो इसे मसालों में मिलाने के लिए पौष्टिक विकल्प बनाती है। आप मसाले के मिश्रण में भी अलसी के पाउडर मिला सकते हैं, जैसे दक्षिण भारतीय इडली मिल्गाई पोड़ी (भूनी हुई मिर्च, उड़द दाल और मसालों का मेल) जिसे इडली के साथ परोसा जाता है।

चुनने का सुझाव
• अलसी को साबूत या पाउडर रुप में खरीदा जा सकता है।
• थोक में या पैक की हुई ालसी खरीदने पर, इस बात का ध्यान रखें कि इसमें नमी प्रस्तुत ना हो।
• अलसी का पाउडर खरीदते समय, वैक्यूम सील्ड पैकेट खरीदें क्योंकि पीसी हुई अलसी जल्दी खराब हो सकती है।

रसोई में उपयोग
• पीसी हुई अलसी को ओटमील, दही, सिरियल मिक्स् या अन्य खाद्य पदार्थ के साथ मिलाया जा सकता है, जहाँ मेवेदार स्वाद की इच्छा हो।
• अंकुरित अलसी का स्वाद हल्का तीखा होता है, जो सलाद और सब्ज़ीयों के साथ बेहद जजता है।
• घर पर बने मफिन, कुकीस् या ब्रेड के मिश्रण में अलसी मिलायें।
• पकी हुई सब्ज़ीयों को मेवेदार स्वाद प्रदान करने के लिए, उपर थोड़ा अलसी का पाउडर छिड़कें।
• थोड़े से अलसी के पाउडर या तेल को मिल्कशेक या स्मूदी में डालें।
• फिर भी इसे संतुलित मात्रा में प्रयोग करें, क्योंकि इसे अत्यधिक मात्रा में खाने से दस्त हो सकते हैं।

संग्रह करने के तरीके
• साबूत अलसी रसायनीक रुप से ज़्यादा लंबे समय तक रखी जा सकती है और पीसी हुई अलसी में बिना स्वाद या खुशबु में बदलाव के, सामान्य तापमान पर 4 महीने तक रखा जा सकता है।
• साबूत अलसी खरीदने पर, हवा बंद डब्बे में रखकर गहरे रग की, सूखी और ठंडी जगह पर रखेंम जहाँ इन्हें महीनों तक रखा जा सकता है।
• पीसी हुई अलसी को सामान्य तापमान पर भी एक हफते से ज़्यादा के लिए नहीं रखा जा सकता है। इसलिए, हवा बद डब्बे में रखें, हो सके तो फ्रिज में।

स्वास्थ्य विषयक
• 100 ग्राम अलसी से लगभग 450 कॅलर। 41 ग्राम वसा, 28 ग्राम रेशांक और 20 ग्राम प्रोटीन मिलता है।
• अलसी में उच्च मात्रा में लिगननस् और ओमेगा-3 फॅटी एसिडस् होते हैं। जहाँ लिगननस् हृदय सबंधित रोग से बचाते हैं और इनमें कैंसर से बचाने वाले गुन होते हैं, वहीं ओमेगा-3 फॅटी एसिडस् का प्रयोग ऐसे पदार्थ बनाने के लिए किया जाता है जो खून जमने से रोकने में मदद करते हैं, जो आथेरोस्क्लेरोसिस या मधुमेह से पीड़ीत को हृदय रोग से बचाने में मदद करते हैं।
• अलसी और इसका आटा रेशांक के बहुत अच्छे स्रोत हैं जो आथेरोस्क्लेरोसिस से पीड़ीत में कलेस्ट्रॉल कम करने में मदद कर सकते हैं।

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