ज्वार ( Jowar )

ज्वार ग्लॉसरी |स्वास्थ्य के लिए + रेसिपी + का उपयोग ( Jowar in Hindi) Viewed 3768 times

वर्णन
गेहूँ, ओट्स, मकई और जौ के साथ-साथ विश्व-भर मे उत्तपन्न किये जाने वाले 5 बेहतरीन अनाजों मे से ज्वार एक है। यह अफरिका मे उत्तपन्न किया जाता है, जो इस ानाज का सबसे बड़ा उत्तपादक है। समय के साथ-साथ, इस अनाज को दक्षिण एशिया और अमरीका मे भी उगाया जाता है।
पारंपरिक रुप मे ज्वार का पेड़ 6 फीट लंबा (2 मीटर) होता है, हालाँकि इसके बहुत से विकल्प के पेड़ छोटे होते है जिसे खासतौर पर बनाया जाता है। यह पेड़ बहुत लंबे समय तक अकाल मे बना रहता है, जो इसे सूखी जगह के लिये बेहतरीन चुनाव बनाता है। यह अत्यधिक मौसम मे आसानी से बना रहता है जिसकि वजह से यह पीष्टिक तत्वों का अच्छा स्तोत्र माना जाता है।

ज्वार का पाउडर (powdered jowar)
ज्वार का पाउडर बनाने के लिये, ज्वार के करारा होने तक सूखा भून लें। ठंडा कर मिक्सर मे पीसकर मुलायम पाउडर बना लें और ज़रुरत अनुसार प्रयोग करें।
भिगोया और पकाया हुआ अख्खा ज्वार (soaked and cooked whole jowar)

चुनने का सुझाव
• ज्वार के दाने साफ और धुल से मुक्त होने चाहिए और किसी भी प्रकार के किड़े या गंध से मुक्त होना चाहिए।
• हो सके तो जैविक अनाज ही खरिदें।

रसोई मे उपयोग
• ज्वार के आटे से अक्सर चपाती या रोटी बनाकर सब्ज़ी के साथ परोसी जा सकती है।
• ग्लुटेन असहनशील के लिये ज्वार उपयुक्त होता है और इसे अक्सर पकाकर पॉरिज बनाया जाता है।
• ज्वार लगभग बेस्वाद होता है और कभी-कभी मीठा लगता है। यह विभिन्न प्रकार के व्यंजन के लिये उपयुक्त होता है, क्योंकि टोफू कि तरह यह किसी भी प्रकार का स्वाद अपना लेता है। इसे सादा भी खाया जा सकता है।
• विश्व भर मे ज्वार का प्रयोग शराब बनाने के लिये भी किया जाता है।

संग्रह करने के तरीके
• ज्वार को हवा बंद डब्बे मे रखकर ठंडी और सूखी जगह पर रखें।

स्वास्थ्य विषयक
• ज्वार को अक्सर छिलके के साथ खाया जाता है जिसमे ज़्यादा पौषण तत्व होते है।
• इसमे रेशांक और लौह कि मात्रा बहुत ज़्यादा होती है, साथ ही प्रोटीन भी। इसलिये इसका प्रयोग स्टार्च के लिये किया जाता है।
• ज्वार ऑक्सीकरण रोधी से भरपूर होता है और इसके सभी विकल्प ग्लुटन मुक्त होते है, जो उनके लोये फायदेमंद होता है जिन्हे गेहूँ से एलर्जी होती है।

ग्लाइसेमिक इंडेक्स of ज्वार, Jowar

ज्वार का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम गिना जाता है। ग्लाइसेमिक इंडेक्स का मतलब आपके रोज़ के खाने में पाए जाने वाला कार्बोहाइड्रेट युक्त पदार्थ आपके रक्त शर्करा या ग्लूकोज़ के स्तर को कितनी तेज़ी से बढता है उसका क्रम होता है। 0 से 50 तक के खाद्य पदार्थ का ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है, 51 से 69 तक के खाद्य पदार्थ का ग्लाइसेमिक इंडेक्स मध्यम होता है और 70 से 100 तक का ग्लाइसेमिक इंडेक्स उच्च माना जाता है। उच्च ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाले पदार्थ वजन घटाने और मधुमेह के लिए उपयुक्त नहीं होते। ज्वार जैसे खाद्य पदार्थ जिनका ग्लाइसेमिक इंडेक्स कम होता है और यह धीरे–धीरे अवशोषित होते हैं, इसलिए यह पदार्थ रक्त शर्करा को तुरंत बढ़ने नहीं देते। ऐसे पदार्थ वजन घटाने के लिए और मधुमेह के लिए उपयुक्त होते हैं।

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