काले चने ( Kala chana )

काले चने ग्लॉसरी |स्वास्थ्य के लिए लाभ + काले चने की रेसिपी( Glossary & Recipes with Kala Chana in Hindi) Tarladalal.com Viewed 9704 times

अन्य नाम
देसी चना

वर्णन
देसी चने या काले चने भूरे रंग के छोटे चने होते है जिनकी उपरी परत कड़ी और दरदरी होती है, यह अधिक्तर भारत मे उत्तपन्न किये जाते है, सा र् ही भारतीय उपमहाद्वीप और ईथोपीया, मैक्सिको और ईरान में।
यह सामान्य तौर पर मिलने वाले पीले काबुली चनों का छोटा विकल्प है। हालाँकि यह उपर से भूरे रंग का होता है, अंदर से इसका रंग पीला होता है और इसका स्वाद नटी और पकाने पर यह गाढ़ा हो जाता है। यह एक बहु-उपयोगी दाल है जिसका प्रयोग मध्य पुर्वी और भारतीय व्यंजन मे किया जाता है।

उबले हुए काले चने (boiled kala chana)
काले चने को धोकर रातभर पानी मे भिगो दें। भिगे हुए चने को एक और बार ठंडे पानी से साफ होने तक धो लें। इसके बाद, भिगोये हुए चने को एक बड़े बर्तन मे निकाले और पुरी तरह से पानी से ढ़क दें। स्वादअनुासर नमक मिलाकर ढ़ककर पका लें। आँच से हठाकर छान लें। इसे प्रैशर कुकर मे भी पकाया जा सकता है। इसे उबालने का समय पकाने के तरीके पर निर्भर करता है। उबले हुए काले चनो को गरम या ठंडा सादा ही खाया जा सकता है या विभिन्न प्रकार के व्यंजन जैसे सलाद, सब्ज़ी आदि मे प्रयोग किया जा सकता है।
भिगोए हुए काले चने (soaked kala chana)
काले चने को साफ कर पानी से धोकर बर्तन भर पानी मे भिगो दें। इसे रातभर भिगोया जा सकता है, अक्सर 3-4 घंटे का समय इसे भिगोने के लिये उपयुक्त होता है। पकाये हुए चने का प्रयोग सलाद, चना मासाला जैसे व्यंजन या प्याज़ और टमाटर, नींबू का रस और मसाले मिलाकर चाट के रुप में भी किया जा सकता है।
अंकुरित और उबले हुए काले चने (sprouted and boiled kala chana)
अंकुरित काले चने (sprouted kala chana)
काले चने को धोकर भरपूर पानी मे रातभर भिगो दें। अगली सुबह, छन्नी मे सूती कपड़ा लगाकर सारा पानी छान लें। कपड़े के किनारों को साथ लाकर बाँध लें। इसे खिड़की मे लटका दें। अंकुरित होने का इंतज़ार करें। इसे अंकुरित होने मे लगभग एक या दो दिन लगता है। बीच मे एक बार कपड़े को निकालकर उसमे पानी छिड़क दें जिससे कपड़ा गीला रहे। अंकुरित होने पर कपड़े से निकाल लें। बहुत लंबे अंकुरित बनने पर चने का स्वाद कड़वा हो सकता है।
अंकुरित सनो को निकालकर, नमक वाले पानी मे आधा पका लें या स्टीम कर लें। अंकुरित काले चने एक बेहतरीन नाश्ता बनाते है और करी, स्ट्यू और कुरमा बनाने मे प्रयोग किये जा सकते है। इसे पानी पुरी के मसाले मे भी मिलाया जा सकता है।

चुनने का सुझाव
• किसी भी प्रकार के पत्थर या कंकड़ की जाँच कर लें।
• धुल से बचने के लिये पहले से पैक किये हुए या बंद डब्बे से ही खरिदें।
• पैकेट के सील कि जाँच कर लें।
• साथ ही, काले चने को श्यान से देखकर किसी भी प्रकार के कीड़े होने कि जाँच कर लें।

रसोई मे उपयोग
• काले चने काबुली सने का विकल्प है। यह चने बेहद पौष्टिक होते है और इनका प्रयोग करी और चाट बनाने मे किया जाता है।
• क्योंकि यह चने पकने के बाद भी अपना आकार बनाये रखते है, इसलिये इनका प्रयोग सलाद के लिये उपयुक्त होता है, खासतौर पर अंकुरित चने।
• इन्हे हल्का भूनकर ताज़े कटे प्याज़, बारीक कटा धनिया और नींबू के रस के साथ मिलाकर स्वादिष्ट व्यंजन बनाया का सकता है।
• काले चने को नमक के साथ या नमक के बिना भी पकाया जा सकता है और गार्लिक मक्ख़न मे भूनकर या मेयोनीज़ और हल्की पकी सब्ज़ीयों के साथ मिलाकर स्वादिष्ट सलाद बनाया जा सकता है।
• यह पानी पुरी मे मिलाने के बेहतरीन सुझाव है।
• काले चने, सब्ज़ी के साथ या बिना सब्ज़ी के भी, नान या रोटी के साथ परोसा जा सकता है।

संग्रह करने के तरीके
• सूखे चनो को हमेशअ हवा बंद डब्बे मे रखकर सामान्य तापमान पर रखें और फ्रिज मे ना रखें।
• पकोने के बाद, बीन्स् को ढ़के हुए बर्तन मे डालकर 5 दिनो तक रखा जा सकता है और हवा बंद डब्बे मे रखकर 6 महीनों तक।
• बीन्स् के प्रयोग साल भर के अंदर करना अच्छा होता है, कयोंकि इसके बाद यह नमी खो देते है जिसकी वजह से इन्हे भिगोने और पकाने का समय का बढ़ जाता है।
• पकाने से पहले समेशा बीन्स को साफ कर धो लें कयोंकि कभी-कभी इसमे बारीक पत्थर होते है।

स्वास्थ्य विषयक
• काला चना अपके आहार मे पौष्टिक्ता प्रदान करता है।
• इसमे प्राकृतिक रुप से वसा कि मात्रा कम होती है और खाद्य रेशांक, विटामीन और मिनरल कि मात्रा ज़्यादा।
• यह रेशांक और प्रोटीन से भरपूर होता है और इसका ग्लाईसमिक ईन्डेक्स कम होता है। इसक वजह से वजन संतुलित रखने मे मदद करता है। काले चने का दिन भर मे केवल 1/2 कप भी आपको कम क़लरी प्रदान करने के साथ-साथ आपका पेट भरा रखता है।
• उपर दिये गुणपं कि वजह से यह आपके आंत को स्वस्थ रखता है और दुसरी प्रकार के मधुमेह होने से बचाये रखता है।
• अपने आहार प्रतिदिन 3/4 काला चना शामिल करने से एल.डी.एल (खराब कलेस्ट्रॉल) कम होता है, जिससे हृदय रोग होने कि आशंका कम हो जाती है।
• काले चने को सुबह के नाश्ते या दोपहर कर खाने मे खाये कयोंकि यह पचाने मे आसान नही होते। रात के खाने के लिये यह उपयुक्त नही होते।

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