सरसों के बीज ( Split mustard seeds )

सरसों के बीज ( Split Mustard Seeds ) Glossary | Recipes with सरसों के बीज ( Split Mustard Seeds ) | Tarladalal.com Viewed 8796 times

अन्य नाम
राई ना कूरीया, राई कूरीया, टुकड़े सरसों के बीज

वर्णन
सरसों की दाल या राई ना कूरीया उन सरसों के बीज को कहते हैं, जिन्हें खास तकनीक से बीच से आधा किया जाता है। सबसे पहले, सरसों के बीज के छिल्के को निकालकर फेंक दिया जाता है। छिल्के निकले हुए बीज को दरदरा पीसा जाता है। इन पीसे हुए सरसों के बीज को अकसर सरसों की दाल, टुकड़े सरसों के बीज, राई कूरीया या राई ना कूरीया कहा जाता है। भारतीय अचार में प्रयोग होने वाली यह आम सामग्री है।

चुनने का सुझाव
• सरसों की दाल बाज़ार में आसानी से मिलती है।
• आप इन्हें खल-बत्ते या मिक्सर में पीसकर घर पर भी बना सकते हैं। लेकिन घर पर बनी सरसों की दाल का रंग बाज़ार में मिलने वाली दाल से अलग हो सकता है, क्योंकि इसके रंग और संग्रह करने के लिए, बाज़ार में मिलने वाली दाल में हल्दी मिलाई जाती है।

रसोई में उपयोग
• सरसों की दाल का प्रयोग भारतीय अचार में उन्हें संग्रह करने के लिए और स्वाद प्रदान करने के लिए मिलाया जाता है।
• पत्तागोभी जैसी सब्ज़ी को उबलाते या अचार बनाते समय, उसमें सरसों की दाल छिड़की जा सकती है।
• यह दही और धनिया या पर्सले के पत्तों के साथ बेहतरीन तरह से जजता है।

संग्रह करने के तरीके
• सरसों की दाल को हवा बद डब्बे में डालकर ठंडी और गहरे रंग की जगह पर रखें।
• इन्हें 6 महिनों तक रखा जा सकता है।

क्रश किए हुए सरसों के बीज (crushed split mustard seeds)

Categories

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