अंकुरित मटकी ( Sprouted matki )

अंकुरित मटकी क्या है, इसका उपयोग,स्वास्थ्य के लिए लाभ, रेसिपी in Hindi Viewed 25304 times

अन्य नाम
अंकुरित मोठ


अंकुरित मटकी, अंकुरित मोठ क्या है?


साबूत मोठ के अंकुर बनाकर अंकुरित मटकी बनाये जाते हैं। मटकी छोटे भुरे रंग के अंडाकार बीनस् हैं, जो भारतीय पाकशैली में मशहुर हैं।

मटकी को अंकुरित करने के लिए, पहले मटकी को साफ कर उसमें से सारे पत्थर निकालकर धो लें और 6 से 8 घंटे के लिए पानी में भिगो दें। मटकी को दुबारा धोकर पानी छान लें। बाद में गिले सूती के कपड़े में लपेटकर 10-12 घंटे के लिए लटका दें (मौसम के अनुसार) या जब तक आपको अंकुर ना दिखने लगे। कपड़ा सूखने पर पानी छिड़कते रहें। छोटे अंकुर आने पर, यह खाने के लिए तैयार हैं।
अंकुरित मटकी खाद्य पदार्थ है। आपके अंकरित दानों को फ्रिज में रखने के बाद भी, यह बढ़ते रहेंगे और इनके विटामीन की मात्रा भी बढ़ते रहेगी। यह इनको आहार में पौष्टिक्ता बढ़ाते हैं। साथ ही, इसका हल्का कुरकुरापन और मीठा स्वाद व्यंजन में स्वाद ड्रदान करता है, जैसे सलाद और डोसा।

उबली हुई अंकुरित मटकी (boiled sprouted matki)
अंकुरित मटकी पकाने के लिए, आप इन्हें ढ़के हुए बर्तन में पका सकते हैं। प्रति 1 कप अंकुरित दाने के लिए 2 कप पानी का प्रयोग करें। मटकी उबालते समय, बर्तन को हमेशा ढ़ककर रखें। इस तरह पकाने से, यह जल्दी पकते हैं, ऊर्जा की मात्रा कम लगती है और साथ ही ज़्यादा विटामीन बने रहते हैं। अंकुरित मटकी को ढ़के हुए बर्तन में पकाने के लिये लगभग 10 से 12 मिनट लगते हैं। आप अंकुरित मटकी को नमक के साथ या नमक के बिना, उबलते पानी में 3-4 मिनट के लिए प्रैशर कुक भी कर सकते हैं। पकने के बाद, आप इसमें अपनी पसंद और व्यंजन अनुसार मसाले, सब्ज़ीयाँ या यहाँ तक की उबले चावल भी मिला सकते हैं।
आधी उबली हुई अंकुरित मटकी (parboiled sprouted matki)
यह एक पकाने की विधी है जिसमें मटकी को भिगोकर उबले हुए पानी में 3 से 5 मिनट के लिए पकाया जाता है, लेकिन पूरी तरह से पकने से पहले ही निकला दिया जाता है। बहुत से व्यंजन जैसे स्टर-फ्राय में आधे उबले हुए अंकुरित मटकी का प्रयोग किया जाता है। पहले से आधा उबालने से, यह सुनिश्चित किया जाता है कि यह अन्य सामग्री के साथ पूरी तरह पक जाए।

अंकुरित मटकी, अंकुरित मोठ चुनने का सुझाव
• अंकुरित मटकी किराने की दुकानों में और सब्ज़ीयों की दुकान में आसानी से मिलते हैं, लेकिन इसे घर पर बनाना अच्छा होता है।
• किराने की दुकान से खरीदते समय, फूले हुए करारे दाने चुनें और ना ही चिपचिपे, मूरझाये हुए और पतले दाने चुनें।
• साथ ही, छोटे अंकुर वाले दानें चुनें और फ्रिज में रखे गए दाने को चुनें। लंबे अंकुर जल्दी कड़वे हो सकते हैं।
• किसी भी प्रकार के बदबु की जांच करें।

अंकुरित मटकी, अंकुरित मोठ के उपयोग रसोई में (uses of sproted matki in cooking in hindi

सब्ज़ी अंकुरित मटकी का उपयोग कर रहा है | sprouted matki used in sabzi in hindi | 

1.  स्पिनॅच एण्ड मोठ बीन्स करी | अंकुरित करने से मोठ के लौहतत्व और विटामीन की की मात्रा बढ़ जाती है, जबकि इस अनोखी व्यंजन में, पलक लौहतत्व, फोलिक एसिड और विटामीन सी प्रदान करता है। दैनिक प्रयोग होने वाले मसालों से बना एक विशेष मसाले का पेस्ट इस स्पिनैचिक्स मोठ बीन्स् करी को और बहुत अधिक स्वादिष्ट बनाता है।


अंकुरित मटकी का उपयोग कर भारतीय स्नैक्स | Indian snacks using sprouted matki |

1. मिसल पाव : महाराष्ट्र के व्यंजनों में से सबसे प्रसिद्ध मिसल है, जो अंकुरित दानोँ और फरसाँ के संयोजन से बनता है। स्वादिष्ट अंकुरित दानों को खट्टे टमाटर, स्वादिष्ट स्वादवाले प्याज़ और विशेष नारियल-प्याज़ वाले मिसल मसाले के साथ चिप्स गया है।


अंकुरित मटकी का प्रयोग ताज़ा सलाद बनाने के लिए किया जाता है। मटकी को अंकुरित करने के बाद, इसका स्वाद मीठा हो जाता है और यह ककड़ी, नींबू और हरी मिर्च के साथ बेहद जजता है।
• उसल, एक पारंपरिक महाराष्ट्रियन व्यंजन को अंकुरित मटकी या साबूत मटकी से बनाया जा सकता है।
• अंकुरित मटकी का प्रयोग मशहुर भाजी बनाने के लिए भी किया जा सकता है, जिसे मक्ख़न में टोस्ट किये हुए पाव के साथ परोसा जाता है। इसे मिसल पाव कहते हैं, जो एक मशहुर महाराष्ट्रियन नाश्ता है।
• अंकुरित मटकी का प्रयोग, अन्य किसी भी सब्ज़ी की तरह, विभिन्न प्रकार के सब्ज़ी या करी में, साथ ही चावल के व्यंजन, उपमा आदि में किया जाता है।
• अंकुरित मटकी और कम से कम मसालों के साथ बने हुए घोल का प्रयोग डोसा, उत्तपा आदि बनाने के लिए किया जाता है।
• अंकुरित मटकी को अन्य सब्ज़ीयों और लहसुन, अदरक और हरी प्याज़ जैसे सामग्री के साथ मिलाकर स्टर फ्राय बनाया जा सकता है।
• कच्चे अंकुरित मटकी का प्रयोग वैतनमीस स्प्रिंग रोल के भरवां मिश्रण में किया जाता है, साथ ही सजाने के लिए।
• कुरीया में, हल्के पके हुए अंकुरित मटकी को खाने के साथ परोसा जाता है। इन्हें उबलते पानी में एक मिनट से कम तक रखकर आधा उबाला जाता है और ठंडे पानी में तुरंत ठंडा कर, तिल के तेल, लहसुन, नमक और अकसर अन्य सामग्री के साथ मिलाया जाता है।

संग्रह करने के तरीके
• अंकुरित दाने को 2 दिन के अंदर प्रयोग करें और इनका प्रयोग करने से पहले धो लें।
• अंकुरित दाने किटाणू से जल्दी खराब हो जाते हैं, इसलिए खाने से पहले, इन्हें धोना ज़रुरी होता है।

अंकुरित मटकी, अंकुरित मोठ के फायदे, स्वास्थ्य विषयक
अंकुरित मटकीमटकी के स्प्राउट्स (Benefits of Sprouted Matki in Hindi): अंकुरित मटकी फाइबर में समृद्ध होती हैं और इसलिए यह वजन पर नजर रखने वालों, मधुमेह, हृदय रोग आदि के लिए एक आदर्श विकल्प हैं। अंकुरित होने की प्रक्रिया में मटकी की प्रोटीन की गिनती 30% तक बढ़ जाती है। अंकुरित मटकी शरीर में कोलेस्ट्रॉल का प्रबंधन करने का भी एक अच्छा तरीका है। एसिडिटी से पीड़ित लोगों को पकी हुई मटकी के बजाय अंकुरित मटकी का विकल्प चुनना चाहिए। अंकुरित मटकी के विस्तृत लाभ पढें।

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