अरहर/तुअर दाल ( Toovar dal )

अरहर/तुअर दाल का उपयोग,स्वास्थ्य लाभ, रेसिपी, ग्लॉसरी , Toor Dal in Hindi Viewed 8894 times

अन्य नाम
अरहर दाल

वर्णन
अरहर-तुवर दाल सबसे ज़्यादा प्रयोग होने वाले दालों में से एक है। इसका प्रयोग मशहुर व्यंजन जैसे दक्षिण भारत के साम्भर में, गुजराती दाल, मशहुर पुरन पोली और बहुत से विबिन्न व्यंजन में किया जाता है। तुवर दाल गाढ़ी और माँस जैसी होती है और मूंग दाल या मसूर दाल की तुलना में यह दाल जल्दी पकती है।

भिगोई और पकाई हुई तुवर दाल (soaked and cooked toovar dal)
तुवर दाल को साफ कर उसमें से पत्थर या अन्य कंकड़ निकाल दें। पानी से धोकर, गुनगुने पानी में 30 मिनट से 1 घंटे के लिए भिगो दें, जिससे इसे पाकने में आसानी होती है। पानी छानकर, ताज़ा पानी मिलाऐं और ढ़क्कन के साथ बर्तन में पका लें या प्रैशर कुकर में 3 सिटी तक पका लें।
भिगोई हुई तुवर दाल (soaked toovar dal)
तुवर दाल को साफ कर उसमें से पत्थर या अन्य कंकड़ निकाल दें। पानी से धोकर, गुनगुने पानी में 30 मिनट से 1 घंटे के लिए भिगो दें, जिससे इसे पाकने में आसानी होती है।

चुनने का सुझाव
• तुवर दाल पहले से पैक की हुई या थोक में, किरानें की दुकानों में आसानी से मिलती है।
• पहले से पैक की हुई दाल खरीदने पर, समापन के दिनांक की जांच कर लें और पैकेट की गुणवत्ता की जांच कर लें। पैकेट के अंदर देखकर रक सुनीश्चित कर लें कि दाल में किसी भी प्रकार के पत्थर या कंकड़ नहीं है।
• थोक में खरीदने पर, इस बात का ध्यान रखें कि दाल धूल से मुक्त है और दुकान में ताज़ा माल ही मिलता है।
• तेल से चुड़े हुए और बिना तेल से चुपड़े हुए दाल भी मिलते हैं। साल भर तक रखने के लिए, आप तेल से चुपड़ी दाल ही खरीदें क्योंकि तेल प्राकृतिक तरीके से संग्रह करने में मदद करती है। हालाँकि इस दाल को प्रयोग करने से पहले धोना ज़रुरी होता है।
• अगर आप थोड़े-थोड़े दिनों में कम दाल खरीदते हैं, तो बिना तेल वाली दाल को चुनें।

रसोई में उपयोग
• चावल के साथ मिलाकर, तुवर दाल शरीर को संपूर्ण प्रोटीन प्रदान करती है, और इसिए इसका अकसर खाने में प्रयोग किया जाता है।
• उबली हुई तुवर दाल को मसाले और तड़के के साथ मिलाकर, रोटी और चावल के सात परोसने के लिए एक बेहतरीन व्यंजन बनता है।
• इमली के गुदे, सब्ज़ीयाँ और मसाले के साथ तुवर दाल का प्रयोग स्वादिष्ट दक्षिन भारत का साम्भर बनाने के लिए किया जाता है।
• तुवर दाल नी खिचड़ी कए मशहुर गुजराती व्यंजन है।

संग्रह करने के तरीके
• तुवर से पत्थर या धूल जैसे पदार्थ छाँट लें।
• सूखे हवा बंद डब्बे में रखके इसे साल भार तक रखा जा सकता है।
• बर्तन में तेज़पत्ता या सूखी लाल मिर्च डालने से यह तुवर को कीड़े और अन्य किटाणू से दूर रखता है।
• और भी लंबे समय के लिए रखने के लिए, तेल लगी दाल खरीदें।

स्वास्थ्य विषयक
• यह आपके शरीर के लिए बहुत से ज़रुरी आहार तत्व प्रदान करता है, जैसे प्रोटीन, वसा और कार्बोहाइड्रेट।
• यह खास तौर से प्रोटीन से भरपुर होता है, जो स्वास्थ के मूल होते हैं। चावल के साथ मिलाने से यह संपूर्ण प्रोटीन प्रदान करते हैं।
• इसमें कापी मात्रा में लौह, फोलिक उसिड, कॅलशियम, मॅगनिशियम, पौटॅशियम और बी विटामीन होते हैं।
• यह खाद्य रेशांक से भरपुर होता है और इसमें वसा और कलेस्ट्रॉल की मात्रा कम होती है।

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