गेहूं का आटा ( Whole wheat flour )

गेहूं का आटा क्या है? ग्लासरी | इसका उपयोग | स्वास्थ्य के लिए लाभ |रेसिपी | Viewed 30009 times

गेहूं का आटा क्या है?
इसका मतलबा यह है कि इसमें अनाज के सभी भाग (चोकर, अंकुर और एन्डोस्पर्म) का प्रयोग किया जाता है और आटा बनाते समय पौषण तत्व नहीं निकलते। सफेद मैदा की तुलना में केवल इस आटे में एन्डोस्पर्म होता है।

संपूर्ण गेहूँ का आटा भुरे रंग का होता है और यह संपूर्ण गेहूँ से बनता है। इसका भी स्वाद मीठा मेवेदार होता है। गेहूँ का आटा ब्लीच या बिना ब्लीच किया हुआ हो सकता है। बिना ब्लीच किये हुए आटे की तुलना में, ब्लीच किया हुआ गेहूँ का आटा हल्का होता है। व्यंजन विधी अनुसार, आप गेहूँ को पीसकर दरदरा या मुलायम आटा बना सकते हैं।

दरदरा गेहूं का आटा (coarse whole wheat flour)

चुनने का सुझाव
• गेहूँ का आटा पहले से पैक किये हुए पैकेट में मिलता है। फिर भी खरीदने से पहले, लेबल को अच्छी तरह पढ़ लें। ऐसा आटा लें जिसमें 100 प्रतिशत गेहूँ का आटा लिखा गया हो। "स्टोन ग्राउन्ड", "सात ग्रेन" और "मल्टीग्रेन" जैसे लेबल वाले आटे में अकसर गेहूँ का आटा नहीं होता है और यह इतने पौष्टिक नहीं होते हैं।
• गेहूँ के आटे से बने खाद्त पदार्थ भी मिलते हैं, लेकिन इनका चुनाव ध्यान से करना चाहिए। गहरे भुरें रंग ब्रेड को देखकर यह ना सोचें की इसमें गेहूँ का आटा है, क्योंकि कुछ उद्योग इसमें केवल कैरेमल या मोलासस् मिलाकर रंग भरते हैं। "संपूर्ण गेहूँ आटे" की सामग्री को देखें। ऐसे पदार्थ ना खरीदें जिनमें पहली सामग्री "गेहूँ का आटा" या "एन्रीच्ड फ्लॉर" लिखा हो, क्योंकि इनमें अकसर संपूर्ण गेहूँ का आट नहीं होता है।

रसोई में उपयोग
• मैदा से बने पदार्थ की तुलना में संपूर्ण गेहूँ के आटे से बने पदार्थ शायद इतने स्वादिष्ट नहीं लगते। लेकिन, इनकी पौष्टिक्ता के कारण हमें सन्हें अपने आहार का मुख्य भाग बनाना चाहिए।
• गेहूँ के आटे से बने बेक किये हुए पदार्थ भारी, वजनदार और कड़वे हो सकते हैं, खासतौर पर जब इन्हें मैदा की जगह व्यंजन में प्रयोग किया जाये।
• केवल थोड़े से मैदा को गेहूँ के आटे से बदलकर शुरुआत करें। यह बेहतरीन तरीके से व्यंजन मे संपूर्ण अनाज की मात्रा बढ़ाता है साथ ही, पदार्थ को बहुत गाड़ा होने से भी बचाता है। साथ ही यह गेहूँ के आटे के तेज़ स्वाद को दबाकर रखता है, जिसे अकसर पसंद नहीं किया जाता है।
• फिर भी, 100% संपूर्ण गेहूँ के आटे से फूला हुआ हल्का ब्रेड लोफ बनाना संभव है, जब आटे में पानी की मात्रा बढ़ा दी जाये (गेहूँ में चोकर और अंकुर ज़्यादा मात्रा में पानी सोखते हैं), आटे को लबे समय तक गूँथने से ग्लूटेन भरपुर मात्रा में उत्तपन्न होता है, जो आटे को फूलने में मदद करता है।
• कुछ बेकरस् आटे को आकार देने से पहले 2 बार बेक करते हैं।
• मक्ख़न और तेल जैसे वसा, और दुध से बने पदार्थ (ताज़ा दुध, मिल्क पाउडर, छाछ, दही आदी) ब्रेड के फूलने में मदद कर सकते हैं।
• भारत में, गेहूँ के आटे का प्रयोग रोटी, पराठे और शीरा जैसे पदार्थ बनान के लिए किया जाता है।
• इसका प्रयोग कर पास्ता और नूडल्स् भी बनाये जा सकते हैं।

संग्रह करने के तरीके
• अन्य आटे की तुलना में गेहूँ का आटा जल्दी खराब हो सता है, क्योंकि इसमें चोकर से मिला वसा होता है जो खराब हो जाता है।
• सामान्य तापमान में संग्रह करने से, इसे एक या दो हफ्ते के अंदर प्रयोग कर लें।
• साल भर तक रखने के लिए, इसे फ्रिज या फ्रिज़र में रखें।

गेहूं के आटे के फायदे
•  गेहूं का आटा ( benefits of whole wheat flour in hindi) : गेहूं का आटा मधुमेह रोगियों के लिए उत्कृष्ट है क्योंकि वे आपके रक्त शर्करा के स्तर को गोली नहींमारेंगे क्योंकि वे कम जीआई भोजन हैं।साबुत गेहूं का आटा फास्फोरस में समृद्ध है जो एक प्रमुख खनिज है जो हमारी हड्डियों के निर्माण के लिए कैल्शियम के साथमिलकर काम करता है। विटामिन बी 9 आपके शरीर को नई कोशिकाओं के निर्माण और रखरखाव में मदद करता है, विशेष रूप से लाल रक्त कोशिकाओं मेंवृद्धि।साबुत गेहूं के आटे के विस्तृत 11 लाभ देखें और यह आपके लिए क्यों अच्छा है।

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