पीली मूंग दाल ( Yellow moong dal )

पीली मूंग दाल ग्लॉसरी , उपयोग ( Yellow Moong Dal Glossary in Hindi) Tarladalal.com Viewed 12230 times

वर्णन
छिली और विभाजीत किये हुए मूंग को पीली मूंग दाल कहा जाता है, जिससे यह चपटे, पीले रंग के और पकने में आसान होते हैं। यह पचाने में भी आसान होते हैं।

मूंग को छिलकर, पकाकर और पीसकर सूखा पेस्ट भी बनाया जा सकता है। यह पेस्ट ,ीठा होता है और दिखने में रेड बीन पेस्ट जैसा होता है, हालांकि, इसकी खुशबु बीन जैसौ होती है। विभिन्न एशियन शहरों में, छिले हुए मूंग दाल और मूंग बीन के पेस्ट से आइस-क्रीम और फ्रोज़न आइस पॉप बनाए जाते हैं।

भारत में, मूंग दाल का प्रयोग खासतौर से विभिन्न प्रकार के दाल या खिचड़ी या हलवा बनाने के लिए किया जाता है।

भिगोइ हुई पीली मूंग दाल (soaked yellow moong dal)
मूंग को साफ के पत्थर या कंकड़ निकालकर पानी से धो लें। लगभग 3-4 घंटे के लिए पानी में भिगो दें। भिगोई हुई पीली मूंग दाल का प्रयोग दक्षिण भारतीय व्यंजन कोसमल्ली बनाने के लिए किया जाता है। इसे विभिन्न करी या पुलाव में भी मिलाया जा सकता है या व्यंजन अनुसार दरदरे या मुलायम पेस्ट में पीसा जा सकता है।

चुनने का सुझाव
• पीली मूंग दाल किराने की दुकानों में, थोक और पैकेट में आसानी से मिलते हैं।
• पेकेट वाली पीली मूंग दाल खरीदने पर, समापन के दिनांक की जांच कर लें।
• अन्य किसी भी थोक में खरीदने वाले खाद्य पदार्थ की तरह, इस बात का ध्यान रखें कि जिस बर्तन में पीली मूंग दाल रखी गई है, वह ढ़का हुआ हो और दुकान में ताज़ा सामान मिलता हो।
• चाहे थोक में खरीदें या पेकेट में, इस बात का ध्यान रखें कि पीली मूंग दाल नमी से मुक्त है।

रसोई में उपयोग
• पीली मूंग दाल को किसी भी अन्य दाल की तरह पकाया जाता है। दाल को पयाज़, टमाटर, मिर्च और अदरक-लहसुन के पेस्ट के साथ प्रैशर कुक किया जाता है।
• पीली मूंग दाल अपना आकार बनाये नहीं रख पाते हैं, इसलिए इनका प्रयोग अकसर सूप और प्यूरी बनाने के लिए किया जाता है।
• मूंग का प्रयोग कर खिचड़ी, वड़ा, खीर, मूंग दाल हलवा, पकोड़े और अन्य मीठे और नमकीन खाद्य पदार्थ बनाये जा सकते हैं।
• इसका प्रयोग खास तरह के सांभर में किया जाता है जिसे इडली के साथ परोसा जाता है।
• इसका प्रयोग कर पराठे के लिए भरवां मिश्रण भी बनाया जा सकता है।
• इसे पॅरिज भी बनाया जा सकता है।

संग्रह करने के तरीके
• पीली मूंग दाल को हवा बंद डब्बे में रखकर ठंडी और सूखी जगह पर रखें।

स्वास्थ्य विषयक
• अन्य किसी भी दाल की तरह, यह भी प्रोटीन और रेशांक का अच्छा स्रोत है।
• इसमें वसा की मात्रा कम होती है और यह बी-कॉमप्लेक्स विटामीन, कॅलशियम और पौटॅशियम से भरपूर होता है।
• अन्य दाल की तुलना में, इसे खाने से अपच या गैस नहीं होती है।
• पकाई हुई पीली मूंग दाल पचाने में आसान होती है और बिमार व्यक्ति के लिए उपयुक्त होती है।
• बचपन, गर्भवस्था और स्तनपान के सौरान इसका रोज़मर्रा में उपयोग पौषण देने के लिए और स्वास्थ रहने में मदद करता है।
• इससे बनी खिचड़ी या पॉरिन, बिमारी से उठने वालों के लिए लाभदायक होते है।


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