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 Last Updated : Feb 12,2019


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Healthy Subzis - Read In English
પૌષ્ટિક શાક વાનગીઓ - ગુજરાતી માં વાંચો (Healthy Subzis recipes in Gujarati)

पौष्टिक सब्जी़  रेसिपी, Healthy Sabzi Recipes in Hindi



Top Recipes

अकसर रोज़ के खाने में, पालक को पनीर या आलू के साथ मिलाया जाता है। इस आसानी से बनने वाली सब्ज़ी में, इसके पौषणतत्व को और भी बढ़ाने के लिए, पालक को अंकुरित मटकी के साथ मिलाया गया है। अंकुरित करने से मोठ के लौहतत्व और विटामीन ए की मात्रा बढ़ जाती है, वहीं इस अनोखे व्यंजन में, पालक लौहतत्व, फोलिक एसिड और विटामीन सी प्रदान करता है। रोज़ प्रयोग होने वाले मसालों से बना एक खास मसाला पेस्ट इस स्पिनॅच एण्ड मोठ बीन्स् करी को और भी ज़्यादा स्वादिष्ट बनाता है।
गवारफल्ली की सूखी सब्ज़ी एक बेहद स्वादिष्ट सूखी सब्ज़ी है जो तवे से उतरे गरमा गरम फूल्के के साथ अच्छी तरह जजती है! रेशांक भरपुर फण्सी को लहसुन के स्वाद के साथ निखरा गया है, जो रक्त में शक्करा और कलेस्ट्रॉल को संतुलित रखने में मदद करता हैं।
मिले-जुले अंकुरित दानों का प्रयोग कर, एक पारंपरिक महाराष्ट्रियन व्यंजन को पौष्टिक बनाया गया है। अंकुरित करने से ना केवल प्रोटीन की मात्रा बढ़ती है लेकिन साथ ही इस व्यंजन को पचाने में आसान और कॅल्शियम से भरपुर बनाता है। जहाँ काफी विधी में कोकम का प्रयोग किया जाता है, खट्टापन प्रदान करने के लिए, हमने यहाँ टमाटर का प्रयोग किया है जिससे इस व्यंजन को कोई भी आसानी से बना सकता है, यहाँ तक कि ऐसे क्षेत्रों में जहाँ कोकम आसानी से नहीं मिलता।
चना और सोया का यह प्रोटीन भरपुर मेल आपको ज़रुर पसंद आएगा, क्योंकि इसका रुप और स्वाद दोनो बच्चे और बढ़ो को ज़रुर पसंद आएगा। मसाला पेस्ट और पाउडर के स्वाद से भरा और कसुरी मेथी के स्वाद भरा, यह चना सोया मसाला एक बेहतरीन सब्ज़ी है जिसे बनाना बेहद आसान है। केवल इतना याद रखें कि आप सोया नगेट्स का प्रयोग करने से पहले, गुनगुने पानी में कम से कम 10 मिनट के लिए भिगो दें।
मेथी पिठला एक आसान से बनने वाले लेकिन बेहद स्वादिष्ट महाराष्ट्रियन व्यंजन है जिसे झटपट बनाया जा सकता है और आपके आहार को लौहतत्व, फोलिक एसिड और ज़िन्क से भरपुर बनाया जा सकता है। आपके प्रतिरक्षा के स्तर को संतुलित रखने के लिए ज़ीन्क लाभदायक होता है और साथ ही यह आपकी त्वचा में निखार लाने में मदद करता है। केवल इस बात का ध्यान रखें कि इस पिठला को बनाने के बाद तुरंत परोसें क्योंकि कुछ समय बाद यह डल्ले जैसा बना जाता है।
कभी कभी आप मनमौजी तरह से कुछ अजीब सामग्री मिलाकर व्यंजन बनात हैं और वह इतना स्वादिष्ट बनाता है कि आप उस मेल का प्रयोग बार-बार करते हैं। खूंभ और हरी शिमला मिर्च इसी का एक उदाहरण है! यह इस मशरुम एण्ड ग्रीन कॅप्सिकम सब्ज़ी में इतनी अच्छी तरह जजते हैं, जो दोनो स्वाद और पौष्टिक्ता में विजेता माने जाते हैं। खूंभ प्रोटीन और फोलिक एसिड से भरपुर होते हैं और शिमला मिर्च से विटामीन सी इन्हें शरीर में सोखने में मदद करती है।
अपने चवली का प्रयोग ज़रुर किया होगा, जिसे आप अकसर सब्ज़ी के रुप में बनाते हैं। क्या आपके कभी चवली के पत्तों का प्रयोग करने की कोशिश की है, जो फोलिक एसिड और लौहतत्व से भरपुर होते हैं? चवली भाजी इन पत्तों से बनने वाली एक आसानी से लेकिन बेहद स्वादिष्ट सब्ज़ी है। इन पत्तों की प्युरी में सरसों, उड़द दाल और मिर्च का पारंपरिक तड़का लगाया गया है, जिनका प्रयोग अकसर दक्षिण भारतीय खाने में किया जाता है। चूंकी चवली भाजी प्राकृतिक रुप से कड़वी होती है, इसलिए आपको इस सब्ज़ी का स्वाद हल्का कड़वा लग सकता है।
रेशांक भरपुर हरे मटर का पौष्टिक मूठीया के साथ एक अनोखा मेल इस रॅडिश मूठीया एण्ड ग्रीन पीस् सब्ज़ी को उन सब्ज़ीयों से अलग बनाता है जो आपने पहले चखी होंगी। मूली के पत्तों से बने मूठीया विटामीन ए और सी से भरपुर हैं। बेक करने से यह तले हुए विकल्प से ज़्यादा पौष्टिक बनते हैं। मूठीया को परोसने से पहले ही डालें, क्योंकि यह थोड़े समय मे नरम हो जाते हैं।
पौष्टिक्ता से भरपुर एक बेहत सुखसुरत सब्ज़ी, यह बीटरुट टिक्कीस् इन स्पिनॅच ग्रेवी सामग्री के रंगबिरंगे और सोचे-समझे मेल को दर्शाता है। चटपटे मसालों के साथ चुकंदर और गाजर को मिलाकर एक स्वादिष्ट टिक्की बनती है जो लहसुन के स्वाद के वाली पडाक ग्रेवी के साथ अच्छी तरह जजते हैं। ऑक्सीकरण रोधी से भरपुर चुकंदर लौह को अपने कार्य करने में मदद करता है, वहीं आलू या कोर्नफ्लार की जगह प्रयोग किये गए ओट्स इस व्यंजन को रेशांक से भरपुर भी बनाते हैं। इस व्यंजन में फोलिक एसिड की मात्रा भी ज़्यादा होती है, जिसका श्रेय इसके पालक ग्रेवी को जाता है।
फण्सी बनाने का एक पारंपरिक दक्षिण भारतीय तरीका, जिसमें भिगोई हुई चना दाल डालकर, पारंपरिक तड़के का स्वाद भरा गया है। इस स्टर-फ्राय में चना दाल करारापन प्रदान करने के साथ-साथ नारियल जैसे अन्य सामग्री के विकल्प में, इस व्यंजन की मात्रा भी बढ़ाता है। जहाँ बहुत सी सब्ज़ीयों को इस तरह से पकाया जा सकता है, यह फ्रेंच बीन एण्ड चना दाल स्टर-फ्राय मधुमेह पीड़ीत के लिए बेहतरीन हे क्योंकि फण्सी में प्रस्तुत रेशांक शक्करा को बाँधकर रखता है और उसे जल्दी सोखने नहीं देता, जिससे रक्त में शक्करा की मात्रा बहुत जल्दी नहीं बढ़ती।

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