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 Last Updated : Oct 19,2019


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53 recipes

Traditional Indian Mithai - Read In English
પરંપરાગત ભારતીય મીઠાઈઓ રેસિપીઝ - ગુજરાતી માં વાંચો (Traditional Indian Mithai recipes in Gujarati)

यह गेहूं से बना मीठा, किसी भी पारंपरिक गुजराती मिठाई की तुलना मे बनाने में बेहद आसान है। चूंकी इसमें बहुत ज़्यादा घी का प्रयोग नही किया जाता है और इसे बनाना भी बेहद आसान है, आप इसे शाम के नाश्ते के लिए भी बना सकते हैं। गुड़ को पतला कीसने का ध्यान रखें, जिससे इसके मिश्रण में डल्ले ना बने। सर्दीयों के ....
गरमा गरम मालपुवे को कोई मना नहीं कर सकता है, चाहे यह सादे खाये जाये या उपर ठंडी रबड़ी डालकर। इस स्वादिष्ट व्यंजन को घर पर ही बनाकर देखें जिसमें एक हल्का बदलाव है, जहाँ मैने इन मालपुवे को तलने की बजाय पॅन में घी से साथ पकाया है। ऐसा करने से यह बेहद नरम बनते हैं।
जब आपका मीठा खाने का मन करे, इस इलायची के स्वाद वाले लो फॅट पनीर खीर का मज़ा लें। पारंपरिक शक्कर को शुगर सब्स्टिट्यूट को बदलकर और अपौष्टिक गाढ़ा बनाने वाले पदार्थ का प्रयोग ना कर, हमनें अवाश्यक कार्बोहाईड्रेट और कॅलरी को भी कम किया है। इसलिए, आप इस शानदार खीर के गाढ़े रुप और स्वाद का मज़ा आराम से ले ....
यह मशहुर मीठे चावल का एक आसान सा विकल्प है। मीठे चावल के इस व्यंजन में आपको किसी भी प्रकार के शक्कर की चाशनी बनाने की आवश्यक्ता नहीं है, क्योंकि इसमें चावल और शक्कर को पहले से ही मिलाया गया है। केसर, दालचीनी, लौंग और तेज़पत्ता को मिलाने से एक मिठी, तीखी खुशबू सारे घर को में फैल कर सबाकी भूख और भी बढ ....
सभी गुजराती मिठाईयों में से मुझे यह सबसे आसान लगती है- जिसमें बहुत कम मात्रा में सामग्री का प्रयोग किया गया है, जो आपके रसोई में आसानी से मिलते हैं। केवल कुछ बातों का ध्यान रखें और आप इस व्यंजन को बेहतरीन तरह से बना सकते हैं। भुनते समय, इस बात पर ध्यान रखें कि किनारों से ज बघि निकलने लगे और आटा हल्क ....
क्या आपको पता है कि 100 ग्राम हलीम के बीज में 100 मिलीग्राम लौहतत्व होता है? किसने सोचा था कि यह छोटा सा बीज लौहतत्व का खज़ाना होगा! हलीम लड्डू एक पारंपरिक महाराष्ट्रियन मिठाई है, जिसे लौह भरपुर हलीम के बीज से बनाया गया है। गुड़ और बादाम जैसी अन्य सामग्री भी इन स्वादिष्ट लड्डू के लौहतत्व को बढ़ाते ह ....
गुजराती बासुंदी एक शाही और स्वादिष्ट गाढ़े दूध की गुजराती मिठाई है, जो उत्तर भारतीय रबड़ी के समान है। मूल रूप से दूध को मोटे सतह वाले पॅन में उबालकर कम किया जाता हैं। बादाम और पिस्ता इस समृद्ध और मलाईदार मिठाई में करकरापन जोडत ....
एक बेहद स्वादिष्ट गुजराती व्यंजन जो दलिये की पौष्टिक्ता और इलायची की मज़ेदार खुशबु को दर्शाता है। यह विश्व भर में सबका पसंदिदा व्यंजन है!
यह एक ऐसी मिठाई जिसके बिना बंगाली यह नहीं सकते और मुझे यकीन है कि एक बार खाने के बाद, आपको भी इन बेहद नरम, सफेद-दूध वाले रसगुल्लों से प्यार हो जाएगा। याद रखें कि बेहतरीन रसगुल्ले बनाने के लिए हर बात ज़रुरी है- नींबू के रस की मात्रा से लेकर, छेना को डल्ला मुक्त होने तक मसलना और शक्कर के पानी का रुप। ....
दूध पाक एक हल्की गाढ़ी मिठाई है, जो दूध की पौष्टिक्ता से भरपुर है। दूध को थोड़ी देर के लिए धिमी आँच पर उबाला जाता है, बाद में चावल डालकर धिमी आँच पर पकाया जाता है। जैसे ही चावल पूरी तरह पक जाते हैं, इसमें इसे एक मज़ेदार मनमोहक खुशबु आती है। अंत में मिलाए इलायची पाउडर और केसर इस व्यंजन को एक बेहतरीन ....
कहते हैं कि एक अच्छी पुरन पोली बनाना आसान कार्य नहीं है और काफी अभ्यास के बाद ही इसे बनाया जा सकता है…देखा गया तो यह एक कला है! महाराष्ट्रियन पपुरन पोली के अनुकुल, जिनमें चना दाल का प्रयोग किया जाता है, गुजराती विकल्प में तुवर दाल का प्रयोग किया जाता है। इसके अनोखे स्वाद और खुशबु का श्रेय इसमें प्रय ....
भारतीय भोजन कुल्फी के बिना अधूरा है। यूँ तो कुल्फी मसालेवाली से फलों के स्वादवाली भी मिलती है। यह ड्राई फ्रूट केसर कुल्फी एक पारंपारिक मुगलाई शैली का नुस्खा है, जो सूके ....
आपने आज तक रवा से बना हुआ या फिर किसी और आटे बनाया हुआ शिरा चखा होगा। लेकिन यह अखरोट से बनने वाला अनोखा है। इसकी बनावट और स्वाद दोनों सचमुच ही दिलचस्प है। बस एक चमम्च भर अकरोट का शीरा आपकी डीश में रखिए और इसका आनंद लीजिए। यहाँ ध्यान रहे कि इसका सेवन अल्प मात्रा यानि 1 से 2 टेबल-स्पून ही करें ....
पुरनपोली एक पारंपरिक महाराष्ट्रियन व्यंजन है और इसके विकल्प विश्व भर में बनाये जाते हैं। यह एक संपूर्ण और स्वादिष्ट नाश्ता है, जिसे चना दाल और नारीयल को मीठे गुड़ और इलायची के स्वाद से बनाया गया है। हालाँकि यह त्यौहारों में बनाने वाला व्यंजन है, इसे कुछ खास मीठा खाने के लिए कभी भी बनाया जा सकता है।
यह एक मीठा व्यंजन है जिसे दक्षिण भारत में बहुत से त्यौहारों में बनाया जाता है। संक्रांथी के दिन, यह खास होता है क्योंकि इसे तेज़े छँटाई किये हुए चावल से बनाया जाता है। उपर भरपुर मात्रा में घी डालना ना भुलें क्योंकि पोन्गल को खास खुशबु, स्वाद और रुप प्रदान करने वाला घी है। देखा गया तो, थीर्रुपव्व ....

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