शहद ( Honey )

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मद

वर्णन
शहद एक मीठा पदार्थ है जो मधु-मक्खी और उसी प्रकार के फूल के रस से बनता है। शहद कि मीठास मोनोसैकेराईड्स- फ्रक्टोस और ग्लुकोस से मिलता है जिसकी मीठास लगभग शक्कर कि तरह होती है (९७% सुक्रोस कि मीठास जो एक डायसैकेराईड है)।
शहद मे बहुत आकर्षक रसायनक गूण होते है जो बेकिंग के लियिे उपयुक्त होते है और उसका अनोखा स्वाद जिसक वजह से कुछ व्यक्त शक्कर और दुसरे मीठे पदार्थ कि जगह शहद को चुनते है। अक्सर शहद को उसके रस के फूल स्तोत्र, जिससे वह बनता है, अनुवर्ग किया जाता है या उसके प्रक्रमण के स्तर द्वारा।

पाशरीकृत शहद (Pasteurized Honey) एैसा शहद जिसका पाशरीकरण किया जाता है। शहद का पाशरीकरण करने से ना सिर्फ नम कि मात्रा कम होत है, साथ ही किटाणु नष्ट होते है और शहद के कण पिघलते है।

कच्चा शहद (Raw Honey) मधुमक्ख़ी के छत्ते मे पाया जाता है या छत्ते से निकालकर, जमा कर, छानकर और १२०°फेरनहाईट से कम तापमान पर गरम कर बनाया जाता है। कच्चे शहद में कुछ फूल पराग या मोम जैसे कण मिले हुए रहते है।

छना हुआ शहद (Strained Honey) एैसा शहद है जिसे छन्नी से छानकर विशिष्ट कण अलग किये जाते है (मोम के टुकड़े, प्रोपोलिस आदि।) और पराग, मनरल और ज़रुरी एन्ज़ाईम नह छाने जाते।

अल्ट्रासोनीकेटड शहद (Ultrasonicated Honey) एैसा शहद है जिसका प्रक्रमण अल्ट्रासोनिकेशन द्वारा कियस जाता है, जो शहद के लिये अऊष्मीय तकनीक है। जब शहद का अल्ट्रासोनिकेशन किया जाता है, काफी सारे यीस्ट कण नष्ट हो जाते है।

सूखा हुआ शहद (Dried Honey) एैसा शहद है जिससे सारी नमी निकालकर उसे सूखा और अचिपचिपा बनाया जाता है। यह प्रक्रीया कुछ इस तरह कि जाती है क इसमे किसी भी प्रकार के मिलावटी पदार्थ या बाँधने के पदार्थ नही मिलाये जाते, जिससे शहद १००% शुद्ध मिलता है। सूखा हुआ शहद का अक्सर डेज़र्ट को सजाने के लिये प्रयोग किया जाता है।

चुनने का सुझाव
• ज़्यादातर बाज़ार मे मिलने वाला शहद मश्रित होता है, इसका मतलब यह है कि यह एक या दो प्रकार के अलग-अलग स्तोत्र से बने, रंग, स्वाद, गाढ़ापन मे अलग शहद को मिलकार बनता है।
• खरीदने से पुर्व समापन कि दिनाँक जाँच लें।
• हो सके तो जैविक शहद खरीदें। जैवोक शहद वह होता है जिसे राष्ट्रिय विनियम अनुसार उत्तपन्न, पारिष्कृत और पैक किया गया हो, और किसी सरकारी जनसमूह द्वारा प्रमाणित किया गया हो या किसी स्वाधीन जैविक कृषी प्रमाणन संगठन द्वारा प्रमाणित किया गया हो।
• धयान रखें कि शहद बहुत ज़यादा गाढ़ा ना हो- जिसका मतलब उसमे किसी प्रकार कि मिलावट कि गई है या उसे फ्रिज मे रखा गया है।
• इसी तरह, अगर आप एक चम्मच शहद ठंडे पानी मे डालें, वह पानी मे डूब जाना चाहिए और घुलना नही चाहिए। अगर वह पिघल जाये, तो हो सकता है उसमे शक्कर या गुढ़ कि चाशनी से मिलावट कि गई है।

रसोई मे उपयोग
• शहद का प्रयोग करने से खाना मे भूरा रंग और करारापन मिलता है और इसलिये यह भूने और बेक्ड खाने के उपर चुपड़ने मे काम आता है, जिससे उपरी परत भूरी और करारी बनती है।
• शहद स्वाद बढ़ाने वाला पदार्थ माना जाता है; इसे गरमा गरम चाय ठंडे पेय पदार्थ मे मीठास प्रदान करने के लिये प्रयोग किया जाता है, खासतौर पर जब इतने सारे शहद के विकल्प से चुनने को मिले।
• केक और पेस्ट्री को यह करारा रुप और स्वाद प्रदान करता है।
• अचार और सॉस मे मिलाने से उनको लंबे समय तक संग्रह करने मे मदद करता है।
• शहद मे नमी प्रस्तुत होता है, जो केक मे नम बनाये रखने के लये ज़रुरी सामग्री मानी जाती है।
• शहद के गाढ़ेपन कि वजह से यह खाना बाँधने मे मदद करता है और पेस्ट्री, पुडिन्ग और केक जैसे डेज़र्ट को आकार प्रदान करता है।
• शहद सॉस, ड्रेसिंग, जैली और फ्रोज़न डेज़र्ट मे सुनहरा रंग प्रदान करता है।

संग्रह करने के तरीके
• शहद को साफ गहरे रंग क बोतल मे रखें और रसोई मे ठंडी जगह पर रखें।

स्वास्थ्य विषयक
• कार्बोहाईड्रेट के संबंध मे शहद मे मुख्य रुप से फ्रक्टोस (लगभग ३८.५%) और ग्लुकोस (लगभग ३८.५%) प्रस्तुत होता है, जो कृतिम रुप से बने इन्वर्ट शक्कर कि चाशनी के समान होता है जो लगभग ४८% फ्रक्टोस, ४७% ग्लुकोस और ५% सुक्रोस होता है। शहद मे शेष बचे कार्बोहाईड्रेट मे माल्टोस, सुक्रोस और अन्य कॉम्पलेक्स कार्बोहाईड्रेट होते है।
• सभी खाने को मीठा बनाने वाले पदार्थ के समान, शहद भी ज़यादातर शक्कर समान होता है और यह विटामीन और मिनरल का अच्छा स्तोत्र नही होता है।
• शहद मे फ्लेवोनॉयड्स होते है जो कुछ प्रकार के कैंसर और हृदय रोग से बचाते है।
• छाले और अन्य पेट संबंधित बिमारीयों से बचाने मे मदद करता है।
• सभी प्रकार के शहद किटाणु विरोधौ होते है, कयोंकि मधुमक्खी इसमे एक प्रकार का किण्वक मिलाती है जो हाईड्रोजन पर अॅक्साईड बनाते है।
• अन्य मीठे पदार्थ कि तुलना मे शहद बेहतरीन तरीके से ग्लाईकोजन कि मात्रा संतुलित रखता है। इसलिये यह व्यायाम करने वालों के लिये उपयुक्त माना जाता है।
• बलगम और गले कि खिचखिचाहट कम करता है।
• कुछ शहद का हाईपोग्लाईसेमिक इन्डेक्स कम होता है, जिससे यह मधुमेह रोगकि लिये उपयुक्त माना जाता है।
• शहद एक प्रोबायिटिक खाद्य पदार्थ भ है क्योंक इसमे अधिक मात्रा में अच्छे किटाणु पाये जाते हैं।
• यह त्वचा के लिये भी अच्छा माना जाता है।

जैविक शहद (organic honey)

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