ब्राउन ब्रेड़ ( Brown bread )

ब्राउन ब्रेड़ ( Brown Bread ) Glossary |स्वास्थ्य के लिए लाभ, पोषण संबंधी जानकारी + ब्राउन ब्रेड़ रेसिपी ( Brown Bread ) | Tarladalal.com Viewed 6227 times

वर्णन
ब्राउन ब्रेड एक मशहुर प्रकार कि ब्रेड है, जिसे विश्व भर मे पसंद किया जाता है। ब्राउन ब्रेड बनाने के लिये हर देश कि अपनी खास विधी होती है। ब्राउन ब्रेड उद्बोधक मात्रा मे संपूर्ण अनाज के आटे जैसे गेहूँ या राई का प्रयोग कर बनाये जाते है और रंग के लिये इसमे मौलासस्, कॉफी और कैरेमल जैसे पदार्थ का भी प्रयोग किया जाता है। इसमे गेहूँ के आटे का ब्रेन और अंकुर शामिल होते है और इसलिये इसमे सभी ज़रुरी आहार तत्व और रेशांक कि मात्रा बनी रहती है- जो इसे स्वास्थ्य के प्रति सचक के लिये चुनाव बनाता है। यह बहुत से विकल्प मे मिलती है जैसे ब्रेड रोल, ब्रेड बन और लोफ।

ब्राउन ब्रेड मे अक्सर पाँच मुख्य सामग्री होती हैः गेहूँ या राई का आटा, नमक, शक्कर, पानी और खमीर। ब्रेड बनाने के लिये, सभी सामग्री का माप पर्याप्त होना ज़रुरी है। एक बेहतरीन ब्रेड लोफ के लिये सही मात्रा मे सामग्री का प्रयोग करना ज़रुरी होता है, जिसके लिये सामग्री को सही तरीके से मापना ज़रुरी होता है। इसके बाद आप ब्रेड का आटा बनाने कि शुरुआत कर सकते है। सही मात्रा मे किण्वित करना ज़रुरी होता है जिससे एक बेहतर वातित आटा बनता है। किण्वित करते समय, खमीर के सेल शक्कर के साथ मिलकर कार्बन डायऑक्साईड और अलक्होल उत्तपन्न करते है। किण्वित होने के उपरांत आटा फूल जाता है क्योंकि इसमे हवा जमा हो जाती है। इस फूले हुए आटे को दबाकर सारी हवा निकाली जाती है। इसे अपने पसंद के आकार मे रोल करने के बाद बेक किया जाता है।

ब्रेड के आटे को विभिन्न प्रकार के आकार और रुप मे बनाया जा सकता है। बेकर अक्सर विभिन्न प्रकार के योगात्मक पदार्थ का प्रयोग करते है जिन्हे ब्रेड उन्नतिशील पदार्थकहा जाता है। यह उन्नतिशील पदार्थ बेकर मुलायम, नरम क्रम्बस् वाले, फुली हुई और स्वाद भरे ब्रेड बनाने मे मदद करता है। मिनरल योगात्मक पदार्थ, एनरिचिन्ग पदार्थ या माल्ट शुगर, डीमैरारा शुगर आदि जैसे किण्वित पदार्थ कुछ ब्रेड योगात्मक पदार्थ है।

जब ब्राउन ब्रेड थोड़ी पुरानी हो जाये, इसे अवन मे सुखाया जा सकता है या खुली आँच मे सेक कर इसके ब्रेड क्रम्ब्स बनाये जा सकते है। साथ ही, ब्रेड के टुकड़े बनाकर उन्हे तलकर क्रुटौन्स् बनाये जा सकते है जिन्हे लंबे समय तक रखा जा सकता है।

ब्रेड पुरानी होने पर वह सूखी और खाने पर यह चुरा हो जाती है। जैसे ही ब्रेड पुरानी होती है इसका स्वाद और भी खराब हो जाता है। स्टार्च मे बदलाव कि वजह से ब्रेड खराब हो जाती है। हालाँकि ब्रेड का पुरानी होने का मतलब है लोफ के अंदर नमी कम होना। ब्रेड बनाने वाले एन्टी-स्टॅलिंग पदार्थ का प्रयोग करते है, जैसे लैसिथीन, सोया का आटा, जी़एम.एस आदि, जिससे ब्रेड का रुप और भी निखर जाता है।

चुनने का सुझाव
• हमेशा ताज़ी ब्रेड ही खरीदें; आप ब्रेड के क्रस्ट को दबाकर और खुशबु से ब्रेड के ताज़गी कि जाँच कर सकते है।
• उत्तपादन, समापन और पैक करने कि दिनाँक जाँच किया बिना ब्रेड ना खरीदें।

रसोई मे उपयोग
• ब्राउन ब्रेड लोफ के व्यंजन अनुसार पतले या मोटे स्लाईस बना सकते है। स्लाईस बनाते समय आप क्रस्ट ईच्छाअनुसार निकाल सकते है।
• अक्सर स्लाईस्ड ब्राउन ब्रेड के लोफ का प्रयोग विभिन्न प्रकार के मिश्रण के साथ सेण्डविच बनाने मे किया जा सकता है, जैसे सब्ज़ीयाँ, चीज़, जैम आदि। साथ ही इसे विभिन्न तरीके से बनाया जा सकता हैः टोस्टड या ग्रिल्ड, ओपन टोस्ट, हॉट डॉग रोल्स, सबमरीन आदि।
• ब्राउन ब्रेड सूप के साथ जजता है। यह ब्रेड अक्सर ब्रेड रोल, ग्रिसनी स्टिक आदि के रुप मे मिलते है।
• ब्राउन ब्रेड जो जब बन के रुप मे बेक किया जाता है, यह बर्गर का आधार बनते है। बर्गर बन के उपर अक्सर खस-खस या तिल छिड़का जाता है।
• ब्रउन ब्रेड के कुछ स्लाईस पर मक्ख़न लगायें और प्रत्येक स्लाईस पर थोड़ा लहसुन मसलकर लगायें। इसके टुकड़े काटकर अवन मे करारे होने तक बेक करें। इन क्रूटौनस् का प्रयोग सूप के लिये करें। इसमे हर्ब, चीज़ आदि का स्वाद भी भरा जा सकता है।
• ब्रेड के आटे मे क्रीमी सॉस को मकई, कुम्भ जैसी सब्ज़ीयाँ और हर्ब और चीज़ का मिश्रण भरकर बेक किया जा सकता है, जो एक बेहतरीन नाश्ता बनाता है।
• आप ब्रेड के आटे को पतला रोल कर उसके उपर खस-खस, तिल आदि छिड़क सकते है। इसे पतली लबी पट्टीयों मे या त्रिकोन आकार मे काटकर उनके सुनहरा और करारा होने तक बेक कर सकते है। इन स्ट्रिप्स का प्रयोग क्रैकर कि तरह या सलाद को सजाने के लिये किया जा सकता है।

संग्रह करने के तरीके
• ब्राउन ब्रेड का सेवन ताज़ा ही करें। लेकिन अगर आप इसे लंबे समय तक संग्रह करना चाहते है, तो प्लास्टिक मे लपेटकर ब्रेड बॉक्स मे रखें और फ्रिज मे रखें। कोशीश कर जल्द से जल्द इसका प्रयोग करें।
• साथ ही, इसे पिसकर इसके ब्रेड क्रम्बस् या इसके टुकड़ो को तलकर इसके क्रूटौन्स बना सकते है, जिन्हे हवा बंद डब्बे मे रखकर कुछ समय तक रखा जा सकता है।
• गरम और नमी युक्त जगह पर रखी ब्रेड मे फफूंद लग सकता है। इसलिये ब्रेड को इस तरह ना रखें।

स्वास्थ्य विषयक
• वजन कम करने कि कोशिश करने वाले या स्वास्थ्य के प्रति सचक को ब्राउन ब्रेड का चुनाव करना चाहिए, क्योंकि इसमे सफेद ब्रेड कि तुलना में कॅलरी कि मात्रा कम होती है, साथ ही यह आपका पेट लंबे समय तक भरा रखता है (इसमे प्रस्तुत रेशांक कि वजह से)।
• सफेद ब्रेड कि तुलना में ब्राउन ब्रेड में रेशांक और अन्य आहार तत्वों कि मात्रा अधिक होती है होती है क्योंकि इसका आटा छना हुआ नही होता है।
• ब्राउन ब्रेड मे प्रस्तुत रेशांक कुछ लंबी बिमारी जैसे कब्ज़ आदि के होने कि आशंका कम करने मे मदद करता है। साथ ही यह रक्त मे शक्करा कि मात्रा कम रखता हैम जिससे मधुमेह को संतुलित रखा जा सकता है।
• चूँकि रेशांक एल.डी.एल कलेस्ट्रॉल (बुरा कलेस्ट्रॉल) और टोटल कलेस्ट्रॉल कम करता है, गेहूँ से बनी ब्राउन ब्रेड को हृदय संबंधित रोग कि आशंका कम करने के लिये माना जाता है।
• यह शरीर को पौष्टिक विटामीन, मिनरल और वसा प्रदान करता है।
• सोने से पहले ब्रेड का स्लाईस उत्सुक्ता कम करने और अच्छी नींद के लिये जाना जाता है।

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