नारियल का तेल ( Coconut oil )

नारियल का तेल क्या है, इसका उपयोग,स्वास्थ्य के लिए लाभ, रेसिपी , Coconut Oil in Hindi Viewed 5989 times

वर्णन
नारियल के तेल मे प्रस्तुत सैच्यूरेटड वसा से पशु वसा मे प्रस्तुत सैच्य़ूरेटड वसा से अलग होता है। अन्य वनस्पति तेल कि तरह, नारियल के तेल मे भी कलेस्ट्रॉल नही होता और इसलिये इसका सूर्यमुखी या सैफ्लावर तेल कि तरह, अन्य प्रकार के खाने के तेल के साथ, संपूर्ण आहार में आसानी से प्रयोग किया जा सकता है।

चुनने का सुझाव
• जैविक विधुद्ध और साफ नारियल का तेल बाज़ार मे आसानी से मिलता है।
• अलग-अलग ब्रेंड मे छोटे और बड़े पैकेट मिलते है। अच्छा ब्रेंड चुनकर पैकेट में फटने के चिन्ह पर ध्यान दें।
• अपनी ज़रुरत अनुसार बड़े या छोटे पैकेट चुने क्योंकि नारियल का तेल लंबे समय तक रखने पर खराब हो जाता है।
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रसोई मे उपयोग
• नारियल का तेल अक्सर खाना बनाने के लिये प्रयोग किया जाता है, खासतौर पर तलने के लिये, क्योंकि इस तेल को गरम करने से ज़्यादा धूँआ नही बनता।
• इस बात का ध्यान रखना होगा कि नारियल का तेल हर प्रकार के खाने के लिये उपयुक्त नही होता। एैसा इसलिये होता है क्योंकि इस तेल के खास गुण इसे बेक और तलने के लिये उपयुक्त बनाते है।
• तटीय श्रेत्र में करी अक्सर नारियल के तेल से बनयी जाती है और इनका स्वाद बेहतरीन होता है।
• नारियल के तेल से बने खाने और अन्य तेल से बने खाने के स्वाद को आसानी से पहचाना जा सकता है।

संग्रह करने के तरीके
• शुद्ध हो या अशुद्ध, सभी तेल गर्माहट, रोशनी और हवा से सूक्ष्म होते है और कुछ समय बाद खराब हो जाते है।
• खराब तेल से बुरी गंध आती है और खट्टा स्वाद होता है और साथ हौ पौष्टिक्ता कम हो जाती है। इसलिये तेल को हमेशा साफ, सूखी जगह पर रखना चाहिए।

स्वास्थ्य विषयक
• आहार विशेषज्ञ अक्सर नारियल तेल से बने खाने को अपनाने कि सलाह देते है क्योंकि यह सबसे पौष्टिक माना जाता है।
• नारियल के तेल मे मुख्य रुप से मिडीयम चेन फॅटी एसिडस् (एम.सी.एफ.ए), जिसे मिडीयम चेन ट्राईग्लीसराईडस् (एम.सी.टी) भी कहा जाता है, प्रस्तुत होता है। एम.सी.एफ.ए ही नारियल के तेल को चिकित्सीक गुण प्रदान करता है।
• लौरीक एसिड भी स्वास्थ्य के लिये अच्छा होता है और नारियल के तेल मे लगभग ५०% लौरीक एसिड होता है। इसके बाद केवल माँ के दूध मे इतनी मात्रा मे यह पाया जाता है। नारियल के तेल मे प्रस्तुत मिडीयम चेन फॅट माँ के दूध के जैसा होता है और समान पौष्टिक तत्व होता है।
• नारियल के तेल कि दुसरी खास बात यह है कि यह वसा होने के बाद भी वजन कम करने मे मदद करता है, जिसकी वजह इसमे प्रस्तुत मिडीयम चेन फॅटी एसिडस् है। यह फॅटी एसिडस् अन्य फॅट कि तरह रक्त मे बहते नही है, लेकिन सीधे लीवर मे पहुँचकर उर्जा, जैसे कार्बोहाईड्रेट मे बदल जाते है। इसलिये हमारा शरीर नारियल का तेल उर्जा बनाने के लिये प्रयोग करता है और वसा के रुप मे जमा नही होता।
• नारियल का तेल पाचन तंत्र को सुधारने मे और विभिन्न प्रकार के पेट और पाचन संबंधित बिमारी जैसे ईरिटेबल बाउल सिंन्ड्रोम, से बचाता है। नारियल तेल मे प्रस्तुत सैच्यूरेटड वसा मे सुक्ष्मजीवीरोधी गुण होता है जो किटाणू, फफूंद, आदि से बचाने मे मदद करता है, जिनसे अपच हो सकता है। नारियल का तेल अन्य आहार तत्व जैसे विटामीन, मिनरल और अमौनो उसिड के अवचूषण मे मदद करता है।
• नारियल का तेल प्रतिरक्षी तंत्र के लिये अच्छा होता है क्योंकि इसमे सुक्ष्मजीवीरोधी लिपिड होते है, जैसे लौरिक एसिड, कॅपरिक एसिड और कॅपरिलीक एसिड, जिनमे
फफूंदरोधी, किटाणुरोधी और वायरसरोधी गुण होते है।
• संक्रामक रोग पर लगाने पर, यह एक रसायनीक परत बनाता है, जो संक्रामित जगह पर बाहार कि धुल, फफूंद, हवा, किटाणु और वायरस से बचाता है। नारियल के तेल कि औषधिक गुण चोट ठीक करने मे भी मदद करते है। यह टुटे हुए ऊतक को सुधारने मे मदद करता है।
• नारियल का तेल विभिन्न प्रकार के संक्रामक रोग के लिये लाभदायक है, क्योंकि इसमे फफूंदरोधी, किटाणुरोधी और वायरसरोधी गुण होते है। इसलिये यह इन्फल्य़ूएन्ज़ा, मीसलस्, हैपटायटीस, हर्पीस जैसी अन्य बिमारियो मे लाभदायक होता है। छाले, गले कि खराश, मूत्र मार्ग संक्रामण, नीमोनिया, प्रमेह आदि के किटाणु को भी नष्ट करता है। नारियल का तेल दाद, एथलीट्स फुट, छाला, डायपर कि फुंसी जैसी बिमारी पैदा करने वाले फफूंद और यीस्ट से बचाता है।
• नारियल के तेल मे प्रस्तुत मिडीयम चेन ट्रायग्लीसराईड्स और फॅटी एसिड्स लीवर संबंधित बिमारीयों से बचाते है क्योंकि यह पदार्थ लीवर तक पहुँचते ही आसानी से उर्जा मे बदल जाते है जिसकि वजह से लीवर का काम कम हो जाता है और इसमे वसा जमा होने से बच जाता है।
• नारियल का तेल वृक्क और पित्ताशय कि बिमारीयो से बचाता है। यह किडनी के पत्थर को घुलने मे भी मदद करता है।
• नारियल का तेल आपके शरीर कि ज़रुरी मिनरल को अवशोषण कि क्षमता बढ़ा देता है। जैसे कॅलशियम और मॅगनीशियम, जो हड्डीयों कि मज़बुती के लिये ज़रुरी माने जाते है।इसलिये नारियल का तेल महिलाओं के लिये लाभदायक होता है जिन्हे कम उम्र मे ही ओस्टीयोपोरोसिस होने कि आशंका होती है।

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