सरसों का तेल ( Mustard oil )

सरसों का तेल क्या है, इसका उपयोग,स्वास्थ्य के लिए लाभ, रेसिपी | Viewed 15751 times

अन्य नाम
राई का तेल

सरसों का तेल, राई का तेल क्या है?


सरसों के तेल का दो प्रकार के तेल कि तरह प्रयोग कया जाता हैः वसा भरपूर वनस्पति तेल जो बीज दबाकर बनता है और साथ ही ज़रुरी तेल जो बीज को पीसकर, पानी के साथ मिलाकर और आसवन कर वास्पशील तेल बनता है। सरसों के तेल कि तेज़ सुगंध और स्वाद तीखा कड़वा होता है।
बहुत ही तीखा और तेज़ स्वाद वाला सरसों का तेल मध्य भारत मे मशहुर है। यह वसंत त्रृतु का प्रतिक माना जाता है। इसके अनोखे स्वाद और खुशबु क वजह से इसका तलने के लये, तड़का लगाने और पकाने के लिये प्रयोग किया जाता है।

सरसों का तेल, राई का तेल चुनने का सुझाव
• साफ औेर छाना हुआ तेल बाज़ार मे आसानी से मिलता है।
• सरसों के तेल मे कभी-कभी आर्जिमम तेल से मिलावट कि जाती है, जो ज़हरीला होता है। इसलये अच्छे ब्रैंड का तेल चुने और जान-पहचान कि दुकान से ही खरीदें।
• इस बात का ध्यान रखें कि तेल का रंग साफ सुनहरा हो और उसकि तेज़ सुगंध हो।
• तेल कि छोटी बोतल खरीदें, क्योंकि इसका प्रयोग ज़्यादा मात्रा मे नही किया जाता और यह जल्दि खराब हो जाता है।
• खरीदने से पुर्व, हमेशा बोतल कि सील जाँच लें और समापन कि दिनाँक जाँच लें।

सरसों का तेल, राई का तेल के उपयोग रसोई में
• नीचे दिए गए कुछ व्यंजनों में भारतीय सरसों के तेल का उपयोग किया जाता है।
1. पंजाबी अचारी पनीर टिक्का अब भारतीय रेस्तरां में सबसे लोकप्रिय स्टार्टर में से एक बन गया है । पनीर को क्लासिक भारतीय अचार मसालों के मिश्रण में मिलाया जाता है, और साते स्टिक में मैरीनेड किए गए पनीर क्यूब्स पिरोकर तवा में पकाया जाता है।
2. पनीर टिक्का एक प्रामाणिक पंजाबी नाश्ता है जिसे तंदूर में बनाया जाता है। मूल रूप से टिक्का बनाने में किसी भी सब्ज़ी, पनीर या माँस के टुकडों को एक बहुत ही स्वादिष्ट मसाले में मेरिनेट करने के बाद ग्रीलर में ग्रील किया जाता है। 

सरसों का तेल पशचिम बंगाल का मनपसंद है जहाँ इसके तीखे तेज़ स्वाद को सराहा जाता है।
• विश्व भर मे इसका खास स्वाद ड्रैसिंग और सॉस मे महत्वपुर्ण माना जाता है।
• इसकि खास बात यह है कि इसका तेज़ स्वाद होने के बाद भी, इसका स्वाद खाने के बेद बना नही रहता, इसलिये इसका प्रयोग तड़का लगाने के लिये, पकाने और तलने के लिये भी किया जा सकता है।
• सरसों मे प्रस्तुत ज़रुरी तेल कुछ यीस्ट, किटाणु और फफूंद को बढ़ने से बचाते है, जिसकि वजह से सरसों का तेल प्राकृतिक रुप से संग्रह करने के लिये उपयुक्त होता है।

सरसों का तेल, राई का तेल संग्रह करने के तरीके
सरसों के तेल को फ्रिज मे रखना चाहिए क्योंकि यह आसानी से खराब हो जाता है।

सरसों का तेल, राई का तेल के फायदे, स्वास्थ्य विषयक (benefits of mustard oil, sarson ka tel, rai ka tel): 
सरसों के बीजों से बने सरसों के तेल में बहुत अजीब गंध होती हैजो बहुत लोगों को पसंद नहीं आती है। एवोकैडो तेल और जैतून का तेल की तरह, सरसों का तेल भी PUFA (पॉली अनसैचुरेटेड फैटी एसिड) की तुलना में MUFA (मोनो अनसैचुरेटेड फैटी एसिड) में अधिक होता है। इसमें लगभग 60% MUFA होता है। इस अनुपात के साथ इसके यौगिक एलिल आइसोथियोसाइनेट (allyl isothiocyanate) शरीर में इन्फ्लमेशन (inflammation) को कम करने और हृदय रोगों के जोखिम को कम करने के लिए माने जाते हैं। इसके जीवाणुरोधी और एंटी-फंगल गुणों के कारण यह अचार के उपयोग में भी बहुत लोकप्रिय है। हालाँकि, इसमें मौजूद इरूसिक एसिड (erucic acid) से शरीर पर कुछ बुरे प्रभाव पड़ने की संभावना हो सकती है। यदि संभव हो तो खरीदते समय सरसों के तेल की बोतल पर इरूसिक एसिड के अनुपात की जांच करें। हमेशा याद रखें कि तेल की खपत को प्रति दिन 3 से 4 चम्मच से अधिक करें।