ब्रेड ( Bread )

ब्रेड ग्लॉसरी , का उपयोग, रेसिपी ( Bread glossary in Hindi) Viewed 6998 times

वर्णन
ब्रेड बेक किया हुआ सबसे आम उत्पाद हैं, जो दुनिया में किसी न किसी रूप में उपलब्ध है। कुछ खमीर और कुछ बिना खमीर वाले होते है। ब्रेड बनाने का हर देश का अपना एक अलग तरीका हैं, और ब्रेड के खास विकल्प भी होते है। ब्रेड कई रूप में पाया जाता है जैसे- खमीर वाले ब्रेड रोल, बन, रोटी आदि, जबकि बिना खमीर वाले ब्रेड में पीता, फुल्का, चपाती, पुरी आदि होते है।

खमीर वाले ब्रेड सबसे आम होते हैं, जिसमे चार मुख्य सामग्रियों का उपयोग किया जाता है- आटा, नमक, शक्कर, पानी और खमीर। ब्रेड बनाने के लिए, सही पैमाने में सामग्री को तौल कर सुनिश्चित करे। एक बार यह होने पर, आप ब्रेड के लिए आटा गूंथना शुरू कर सकते हैं। लोई को मिक्स करे ताकि ब्रेड की हवादार खाली जगह सही समय अवधि के लिए फरमेंट हो, जिसके दौरान खमीर की कोशिकाएँ शर्करा पर असर करते हुए कार्बन डायोक्साइड और अल्कोहोल निर्मित बनाए ।

एक बार फर्मेंट होने पर, गैस के रिटेनशन से आटे की मात्रा में वृद्धि होगी। आटे में से गैस को निकालने के लिए उसे दबाया और गीले मलमल के कपड़े से ढका जाता हैं । गुंथा हुआ आटा एक फिर बढ़ जायेगा, दुबारा उसे दबाए गैस निकालने के लिए। बाद में इसे अपने हिसाब से शेप दे और बेक करे।

ब्रेड के आटे को भिन्न रूप और आकार दे सकते हैं। उसको प्लैट्स, चेसबोर्ड (व्हाइट और ब्राउन ब्रेड को एक-एक कर उपयोग करके), रोल, स्टिक्स, क्रोइसंट्स, लोव आदि। उसमे विभिन्न सामग्रियाँ डाल कर उसे और भी स्वादिष्ट बनाया जा सकता हैं जैसे लहसुन, जड़ी बूटी, आलू, पनीर आदि।

अक्सर बेकर्स विभिन्न एडीतिव्स इस्तेमाल करते है, जिन्हें ब्रेड इम्प्रुवर कहते हैं । यह इम्प्रुवर बेकर को बेहतर तरीके से रखने वाले गुण, बेहतर बनावट, नरम टुकडों वाली, फूली हुई और ज्यादा स्वादिष्ट रोटिया बनाने में मदद करता हैं। ब्रेड एडिटिव में मिनरल एडिटिव, एनरिचिंग, एजेंट और खमीर वाले आहार जैसे माल्ट सुगर, डेमेरारा सुगर, आदि।

जब ब्रेड थोड़ा पुराना हो जाता है, उसको ओवन में सुखाया जाता हैं, या खुली आग पर टोस्ट किया जा सकता हैं और ब्रेड को छोटे टुकडो में पीस ले। या फिर ब्रेड को चौरस काटे और डीप फ्राई करे क्रूटन बनाने के लिए, जिसे लंबे टाइम तक रखा जा सकता हैं।

ब्रेड को सूखा और भुरभुरा होने वह फीका लगता है। जैसे ब्रेड बासी होता हैं, उसका स्वाद फीका हो जाता हैं। स्टार्च में परिवर्तन होने स फफूंद आती हैं। इस प्रकार, फफूंद आने से पाव रोटी में नमी आ जाने से नुक्सान होता हैं। इसलिए ब्रेड बनाने वाले फफूंद न आने वाले कारक का उपयोग करते है, जैसे लेसीथिन, सोया आटा, जी.एम.स आदि जिससे उसकी बनावट और मात्रा बढ़ेगी।

विभिन्न प्रकार के ब्रेड पर एक झटपट टिप्पणिः
सफेद ब्रेडः इसे बनाने के लिये मैदा या गेहूँ के आटे और मैदा के मिश्रण का प्रयोग किया जाता है। इस ब्रेड का प्रयोग अक्सर किया जाता है और इसे सेण्डविच ब्रेड के रुप मे बेचा जाता है।
ब्राउन ब्रेडः ब्राउन ब्रेड 100% संपूर्ण गेहूँ के आटे से बनाया जाता है। इसे भुरा रंग प्रदान करने के लिये इसमे अक्सर कॅरेमल मिलाया जाता है।
मल्टिग्रेन ब्रेडः इसे बनाने के प्रयोग के लिये, इसे 6 ग्रेन या 7 ग्रेन ब्रेड भी कहा जाता है। इस ब्रेड को बनाने के लिये मैदा या गेहूँ के आटे और मैदा के मिश्रण के साथ सनफ्लावर के बीज, अलसी, सैफ्लावर के बीज, राई आदि को मिलाकर बनाया जाता है, जो इसमे रेशांक कि मात्रा बढ़ाता है। यह सफेद ब्रेड कि तुलना में ज़्यादा पौष्टिक होती है।
राई ब्रेडः यह रुस, स्केनडीनैवियन और जर्मन पाकशैली का भाग है और यह बेहद पौष्टिक राई से बनाया जाता है। इसका रंग गहरा, रुप दरदरा और गेहूँ के ब्रेड की तुलना में इसका तेज़ स्वाद होता है। राई ब्रेड का आकार गोल होता है जिसके बीच मे छेद होता है। इस वजह से इसे आसानी से संग्रह किया जा सकता है और इसे लंबे समय तक रखा जा सकता है।
पीटा ब्रेडः यह एक एैसी ब्रेड है जिसे ज़्यादा फरमेन्ट नही किया जाता है। इसे काटने पर इसमे पौकेट जैसा आकार बनता है जिसे सब्ज़ीयाँ, कटलॅट, फलाफल आदि से भरा जाता है। पीटा को ग्रिल या कच्चा ही हुमुस के साथ परोसा जा सकता है।
आईरिश सोडा ब्रेडः यह एक झटपट बनने वाला ब्रेड है जिसे अयरलैन्ड मे उत्तपन्न किये हुए एक खास विकल्प के गेहूँ से बनाया जाता है, जिसके साथ बेकिंग सोडा और छाछ मिलाये जाते है।
रोटी /चपाती / फुल्काः यह भारतीय पाकशैली का बिना खमीर का ब्रेड है। इन्हे अक्सर गेहूँ के आटे का प्रयोग कर गोल आकार ने बनाया जाता है और ग्रेवी, सब्ज़ी आदि के साथ परोसा जाता है।
टोर्टिलाः टोर्टिला मेक्सिकन पाकशैली का आधारिय आहार है। इसे मकई के आटे का प्रयोग कर बनाया जाता है और रोटी कि तरह गोला आकार मे बनाया जाता है। टोर्टिला जो भरा जा सकता है या तल कर डिपस् के साथ परोसा जा सकता है।
फौकाशियाः ईटली मे मशहुर, इसमें जैतून, सन-ड्राईड टमॅटोस्, लहसुन और हर्ब मिलाये जाते है। इसके उपर चीज़ डाला जा सकता है या इसे सब्ज़ीयों से भरकर बेक किया जा सकता है। फीकाशिया का आटा पिज्जा़ के आटे जैसा होता है।
काल्ज़ोनः एक ईटॅलियन व्यंजन, इस ब्रेड का आकार चाँद जैसा होता है और इसे अक्सर सब्ज़ीयाँ से भरा जाता है।
स्टीम्ड ब्रेडः आम बेक्ड ब्रेड की तुलना में, यह चायनीज़ व्यंजन गेहूँ के आटे या चावल के आटे को स्टीम या तल कर बनाया जाता है। इसे सब्ज़ी से भी भरा जा सकता है।
बैगेटः बैगेट एक मशहुर नाँव के आकार का फ्रेंच ब्रेड है, जिसकी उपरी परत दरदरी और अंदरुनी भाग नरम होता है।बैगेट मे बहुत से लंबे कट होते है, जो इसे एक अनोखा आकार प्रदान करता है, साथ ही इसके उपर खस-खस, तिल आदि भी छिड़के जाते है।
ग्रिसनीः अक्सर ब्रेड स्टिक के नाम से जानने वाला, ग्रिसनी आटे के पतले गोल आकार मे लपटे टुकड़े होते है और इनके उपर कभी-कभी तिल, चीज़, मिक्सड हर्ब, खस-खस, आदि छिड़के जाते है।
कियाबाट्टाः एक लंबा चौड़ा ईटॅलियन सफेद ब्रेड, जो बीच से हल्का दबा हुआ दिखता है।

फ्रेंच रोल (french roll)
फ्रैंच रोल छोटे गोल आकार के बैगेट होते है, जिसे अक्सर सूप या मुख्य आहार के साथ परोसा जाता है। इसका प्रयोग एैसे त्यौहारों मे किया जाता है जहाँ बड़े, आम आकार के बैगेट को परोसा नही जा सकता। फ्रैंच रोल को फ्रैंच आटे से बनाया जा सकता है, और यह विभिन्न आकार मे मिलते है, जैसे-प्लैटड या चैकर्ड (भुरे और सफेद ब्रेड के आटे से बना हुआ)। इनमे स्वाद भरने के लिये हर्ब, तिल या अन्य सामग्री का प्रयोग किया जाता है। बेकरस् इसमे ईम्प्रुवर भी मिलाते है जैसे मिनरल एैडिटीव, माल्ट शुगर और डीमैरारा शुगर, जिससे ब्रेड का स्वाद, रुप और इसके संग्रहण का समय भी बढ़ता है। इसे बनाने कि प्रक्रीया, संग्रहण और रसोई मे उपयोग अन्य प्रकार के ब्रेड कि तरह होती है।
टोस्डेड ब्रेड की स्लाईस (toasted bread slices)
त्रिकोणीय ब्रेड स्लाइस (triangular bread slices)
यह मैदा या गेहूं के आटे और मैदा को मिलाकर बनता है। आटा दबाने, गूँथने और रखने के बाद इसे त्रिकोन आकार के ब्रेड लोफ पॅन में बेक किया जाता है। बेक करने के बाद, लोफ को स्लाईस में काटकर पैक किया जाता है। त्रिकोन ब्रेड स्लाईस का प्रयोग अकसर ग्रिल्ड सेन्डविचस् बनाने में किया जाता है।

चुनने का सुझाव
• हमेशा ताज़ी ब्रेड खरीदें, आप ब्रेड के ताज़गी कि जाँच इसके परत और खुशबु से कर सकते है।
• उत्तपादन, समापन और पैकिंग कि दिनाँक जाँच किये बिना कभी भी ब्रेड ना खरीदें।

रसोई मे उपयोग
• एक ब्रेड लोफ के व्यंजन विधी अनुसार पतले या मोटे स्लाईस काटे जा सकते है। स्लाईस करते समय अपनी इच्छा अनुसार क्रस्ट निकाल सकते है।
• स्लाई किये हुए ब्रेड लोफ का प्रयोग अक्सर विभिन्न प्रकार के सेण्डविच बनाने में, जैसे वेजिटेबल, चीज़, जैम आदि किया जाता है। इसे विभिन्न तरीके से पकाया जा सकता हैः टोस्टड या ग्रिल्ड, ओपन टोस्ट, हॉट डॉग रोलस्, सबमरीन आदि।
• ब्रेड सूप के साथ बेहद जजता है। इस ब्रेड का प्रयोग अलग-अलग विकल्प मे किया जा सकता है जैसे ब्रेड रोल, ग्रिसनी स्टिक्स् आदि।
• ब्रेड को बेक कर बन बनाते समय इसका प्रयोग बर्गर के आधार मे रुप मे किया जा सकता है। बर्गर बन के उपर अक्सर खस-खस या तिल छिड़के जाते है।
• क्रोयसेन्टस्, चाहे सोदे या क्रीम और जैम, सब्ज़ीयाँ से भरे हुए, नाश्ते के रुप मे परोसे जा सकते है।
• कुछ ब्रेड स्लाईस के उपर मक्ख़न लगाये और प्रत्येक स्लाईस के उपर लहसुन छिड़के। टुकड़ो मे काटकर करारा होने तक बेक कर लें। इसका प्रयोग सूप मे क्रूटॉन्स कि तरह करें। इसमे हर्ब, चीज़ आदि का स्वाद भरा जा सकता है।
• भारतीय ब्रेड के कुछ विकल्प है- रोटी, चपाती, नान, पराठे, कुल्छा आदि। इस ब्रेड के समूह को बास्केट मे रखकर ग्रेवी, सब्ज़ी या दाल के साथ परोसा जाता है।
• ब्रेप का प्रयोग पनिनी बनाने मे किया जाता है, जो एक ईटॅलियन व्यंजन है जहाँ कियाबाट्टा ब्रेड के स्लाईस काटकर उनमें सब्ज़ीयाँ, चीज़ भरकर ग्रिल किया जाता है।
• पीटा ब्रेड को ग्रिल कर हुमुस के साथ परोसा जाता है।
• ब्रेड के आटे मे क्रीमी सॉस को सब्ज़ीयाँ जैसे मकई, कुम्भ, हर्ब और चीज़ से भरकर बेक किया जाता है-जो एक बेहतरीन नाश्ता बनता है।
• आप ब्रेड के आटे को पतला रोल कर उपर खस-खस, तिल आदि छिड़क सकते है। इसे पतले लंबे स्ट्रिप मे काटे या त्रिकोन आकार मे काटकर उनके सुनहरे और करारे होने तक बेक कर लें। इस स्ट्रिप का प्रयोग क्रैकर के रुप में या सलाद को सजाने के लिये किया जा सकता है।
• ब्रेड क्रुटोन्स् का प्रयोग मशहुर सीसर सलाद मे किया जाता है जहाँ इसे रौमैन लैट्यूस, पारमेसान चीज़, नींबू का रस, जैतून का तेल, काली मिर्च आदि के साथ मिलाया जाता है।
• ब्रेड के क्रम्बस् बनाकर इसका प्रयोग टिक्की, पॅटीस आदि को कोट करने के लिये किया जाता है। इस तरह के व्यंजन को ब्रेड क्रम्बस् मे लपेटकर तला जाता है। ब्रेड क्रम्बस् का प्रयोग कुछ सॉस को गाढ़ा बनाने के लिये, केक बनाने के लिये आदि करने के लिये किया जा सकता है।
• स्लाईस्ड ब्रेड का प्रयोग ब्रेड बटर पुडिंग, डबल का मीठा (तले हुए ब्रेड को रबड़ी मे भिगोकर मेवे से सजाया हुआ) आदि बनाने के लिये किया जा सकता है।
• आप इसका प्रयोग सुबह के नाश्ते मे फैंच टोस्ट बनाने के लिये भी कर सकते है। ब्रेड के स्लाईस को अंडे, शक्कर और मसालों के मिश्रण मे भिगोकर, मक्ख़न के साथ चौड़े नॉन-स्टिक पॅन मे पकाकर हल्का गरम परोसें।

संग्रह करने के तरीके
• बेहतर है कि आप ताज़े ब्रेड का ही सेवन करें। फिर भी अगर आपको ब्रेड को थोड़े लंबे समय तक रखना हो तो ब्रेड को प्लास्टिक के बैग मे लपेटकर, ब्रेड बॉकस् मे रखकर फ्रिज मे रखें। इसका प्रयोग जल्द से जल्द करें।
• साथ ही, आप ब्रेड के क्रम्बस् बनाकर या टुकड़े मे काटने के बाद तलकर इसके क्रुटोन्स बना सकते है, जिन्हे हवा बंद डब्बे मे डालकर कुछ दिनो तक रखा जा सकता है।
• गरम और नमी युक्त जगह पर ब्रेड रखने से इसमे फफूंद लग सकती है। इसलिये एैसे मौसम मे ना रखें।

स्वास्थ्य विषयक
• ब्रेड मे अधिक मात्रा मे कार्बोहाईड्रेट होने के कारण यह ऊर्जा का अच्छा स्तोत्र है।
• ब्रेट के विकल्प अनुसार, यह आपके आहार के प्रोटीन और रेशांक कि मात्रा बड़ा सकता है।
• सफेद ब्रेड कि जगह गेहूँ से बनी ब्रेड खाने से कब्ज़ से राहत मिलती है।
• ब्रेड मे कुछ पौष्टिक विटामीन, मिनरल और फॅट भी होते है।
• सोने से पुर्व ब्रेड कि एक स्लाईस खाने से नींद अच्छी आती है।

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