दूध ( Milk )

दूध ग्लॉसरी | दूध की रेसिपी( Glossary & Recipes with Milk in Hindi) Tarladalal.com Viewed 10298 times

अन्य नाम
फूल फॅट दूध, फूल क्रीम दूध

वर्णन
दूध को अक्सर संपूर्ण आहार कहा जाता है क्योंकि यह कॅलशियम और अन्य पोषण तत्व, जो किसी भी उम्र में शरीर के विकास, रखरखाव और वृद्धी के लिये ज़रुरी होते है। गाढ़ा मलाईदार और चिकने रुप वाले ताज़े दूध में किसी भी प्रकार का रंगीन पदार्थ या प्रिज़रवेटीव नही होते। गाय के दूध कि तुलना में, भैंस का दूध गाढ़ा, मलाईदार और झागदार होने के अलावा, उसमें अधिक मात्रा मे ह्वे प्रोटीन, मिनरल और विटामीन ए होता है। गाय के दूध के विपरीत, जिसका हल्का पीला रंग होता है, भैंस के दूध का सफेद रंग होता है। वसा आधारित पदार्थ जैसे मक्ख़न और घी भैंस के दूध से बनते है क्योंकि उसमे पानी की मात्रा कम और वसा कि मात्रा ज़्यादा होती है। बाज़ार में दोनो प्रकार के दूध, ताज़े या पाश्चरीकृत कर काँच कि बोतल, टैट्रा पैक, प्लास्टिक बैग में डाल या खुला भी मिलते है।

चुनने के सुझाव
• बाज़ार में दो प्रकार के दूध मिलते है, एक जो बिना पाश्चरीकृत किया हुआ, ताज़ा निकालकर, दूध वाले के द्वारे घर पर पहुँचाया जाता है और दुसरा परिष्कृत दूध जो दुकानों पर मिलता है।
• अक्सर परिष्कृत दूध को चुना जाता है क्योंकि अपरिष्कृत दूध में कुछ जीवाणू हो सकते है जो संग्रह करते समय या गाय से दूध निकालते समय बन सकते है।
• परिष्कृत करने का मतलब है, पाश्चरीकृत करना, माईक्रोफ्लोरीनेशन, क्रीमिन्ग और होमोजीनाईज़ेशन। यह जीवाणू को मारने मे मदद करते है और वसा के कणों कि एकंद्रित कर दूध कि अवधि बढ़ाने में मदद करते है।
• गोकुल, वारना, नेस्टले, अमुल एैसे कुछ नाम है जिनके अंतरगत बाज़ार में दूध आसानी मिलता है।
• पैकेट मे दी गई समापन कि दिनाँक ज़रुर पढ़ लें।

रसोई में उपयोग
• दुग्ध पदार्थ कि प्रतिभा उच्च है। आईस-क्रीम, दही, मलाई, मक्ख़न, छाछ, चीज़, पनीर, मावा और भी कई दुग्ध पदार्थ, जिसमे लो फॅट, नॉन फॅट या स्कीम्ड विकल्प भी शामिल है, इन सभि का मूल आधार दूध है।
• मिल्कशेक, कॉफी और चाय कुछ एैसे पेय है जो दूध के बिना नही बन सकते।
• ब्रेकफास्ट सिरीयम, म्यूसली, ओट्स और दूध एक अच्छा नाश्ता बनाते है।
• शीरा, हल्वा आदि जैसी मीठाई बनाने में।
• चॉकलेट आधारित डेज़र्ट बनाने के लिये।
• व्हाईट सॉस और पास्ता बनाने के लिये।

संग्रह करने के तरीके
• दूध को सामान्य तापमान पर रखा जाये तो वह जीवाण्विक उपज के योग्य हो जाता है।
• दूध जितना ठंडा रहेगा उतने ही लंबे समय तक रखा जा सकता है।
• इसलिये, दूध को फ्रिज में ४०° फॅरनहाईट में रखने से अनचाहे जीवाणू कि उपज रोकि जा सकती है।
• अगर आप कार्टन वाला दूध चुनते है तो याद रखें कि उसकि ६ महीने कि समापन होती है। खोलने के बाद उसका प्रयोग ४ महीने के अंदर कर लें और फ्रिज में हि रखें।
• कम से कम एक महीने तक संग्रह करने के लिये डीप फ्रिज़र या कोल्ड स्टोरेज में भी रखा जा सकता है।

स्वास्थ्य विषयक
• दूध शौर दूध से बने पदार्थ रोज़ पीने या खाने के स्वास्थ्य के लिये काफी लाभदायक है क्योंकि इन्हें संपूर्ण आहार कहा जाता है।
• दूध पीने से मज़बूत हड्डीयाई मिलती है, जिसका श्रेय दूध में प्रस्तुत कॅलशियम और विटामीन डी को जाता है। इसलिये कहा जाता है कि बच्चों कोदिन भर में कम से कम २ ग्लास दूध पीना चाहिए।
• साथ ही दूध में विटामीन ए कि भरपुर मात्रा और अन्य मिनरल जैसे सेलेनीयम, फौसफोरस भी होते है जो शरीर के कार्य पध्दृति में मदद करते है।
• गुनगुना दूध पीने से नींद अच्छी आती है क्योंकि दूध में ट्रिप्टोफेन होता है जो नींद आने में मदद करता है। साथ ही गुनगुना दूध शरीर का तापमान बढ़ाकर गहरी नींद सोने में मदद करता है। दूध पीने लायक गरम होना चाहिए।
• उपर दिये गये फयदे के अलावा, दूध का स्किन क्लीनसर के रुप में भी प्रयोग किया जाता है और यह हामरी त्वचा कि नमी बनाये रखता है।

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