खसखस ( Poppy seeds )

खसखस ग्लॉसरी | खसखस की रेसिपी( Glossary & Recipes with Poppy Seeds in Hindi) Tarladalal.com Viewed 13291 times

वर्णन
खसखस पापावेर सोम्नीफेरम के सूखे बीज को कहते हैं, जो एक लंबा सालभर उगने वाली जड़ीबुटी है, जो 0.5-1.5 सेन्टीमीटर मोटे डंडी वाली, 30-150 सेन्टीमीटर लंबी जड़ी बुटी है। इस पेड़ का तन्हा मुलायम और चमकीला होता है और इसपर चिकनी परत होती है। इस पेड़ में बहुत से पत्ते होते हैं लेकिन बेहद कम मात्रा में फूल। इसका फल मोम जैी परत से ढ़का होता है और वहीं इसमें बहुत से छोटे हल्के सफेद और तेलीय परत वाले बीज होते हैं। इन बीज का प्रयोग इसके मेवेदार खुशबु और स्वाद के लिए मसाले के रुप में किया जाता है। इसका प्रयोग अकसर व्यंजन को गाढ़ा और बेहतरीन स्वाद प्रदान करने के लिए किया जाता है और साथ ही इसका प्रयोग इसके चिकित्सक गुणों के लिए किया जाता है।

खसखस की पेस्ट (poppy seeds paste)
भूनी हुई खसखस (roasted poppy seeds)
खसखस भुनने के लिए, एक छोटे नॉन-स्टिक पॅन में रखकर, मध्यम-उच्च तापमान पर रखकर लगातार हिलाते हुए, खुशबु आने तक भुन लेँ। ऐसा करने के लिए लगभग 2-3 मिनट लगेंगे। हल्का ठंडा करने के लिए एक तरफ रख दें। भुनी हुई खसखस का प्रयोग ब्रेड और रोल्स् को सजाने के लिए किया जा सकता है, सॉस में पीसकर डाला जा सकता है और पेस्ट्री भरने के लिए और साथ ही सब्ज़ी और सलाद ड्रेसिंग में भी डाला जा सकता है। तरकीश पाकशैली में भुनी हुई खसखस का प्रयोग खासतौर पर किया जाता है।
भिगोई हुई खसखस (soaked poppy seeds)
बीज को अच्छी तरह साफ कर किसी भी प्रकार के कंकड़ निकाल लें। बीज को गुनगुने पानी या दूध में कम से कम 2 घंटे के लिए भिगो दें। छानकर, किचन टॉवल में निकालकर सूखा लें। भिगोई खसखस का प्रयोग अकसर अपने आप या अन्य मसालों के साथ पीसकर, ग्रवी या करी को गाढ़ा बनाने के लिए किया जाता है।

चुनने का सुझाव
• खसखस अलग-अलग प्रकार के दिखने वाले विकल्प में मिलते हैं। अपनी पसंद अनुसार विकल्प चुनें, लेकिन अच्छे स्रोत या ब्रेन्ड में से चुनें, जिससे यह सुनिश्चित किया जा सके कि खसखस मे किसी भी प्रकार के कंकड़, पत्थर आदि ना हो।
• भारतीय विकल्प अकसर सफेद से हल्के सुनहरे रंग के होते हैं, वहीं युरोपियन विकल्प को माव कहा जाता है और तर्कीश विकल्प तंबाकु जैसे भुरे रंग का होता है।

रसोई में उपयोग
• वसा भरपुर तेल का स्रोत होने के अलावा, खसखस का प्रयोग विभिन्न पाकशैली में भी किाया जाता है।
• इनका प्रयोग फ्रूट सलाद और खुशबुदार खमीर आधारित ब्रेड में भी किया जाता है।
• ब्रेड, केक, कुकीस्, पेस्ट्री, करी, मिठाई, बेकरी पदार्थ, पेस्ट्री के क्रस्ट और पॅनकेक और वॉफल के घोल मे खसखस मेवेदार स्वाद प्रदान करता है।
• भारतीय खाने में केवल क्रीम रंग वाले खसखस का प्रयोग किया जाता है, क्योंकि ग्रे रंग वाले बीज खाने के स्वाद को बदल सकते हैं।
• अकसर, भारतीय पाकशैली में, बीज को भिगोकर अपने आप या अन्य सामग्री के साथ पीसा जाता है, जिसका प्रयोग सब्ज़ी से बने व्यंजन को गाढ़ा बनाने के लिए किया जाता है।
• गुड़ और नारियल के साथ पकाकर, परतदार पेस्ट्री में भरने के बाद, तल कर एक स्वादिष्ट मिठाई बनाई जाती है, जिसे करंजी कहते हैं।
• इन्हें अकसर नान जैसे खमीर वाले भारतीय ब्रेड में छिड़का जाता है, जिन्हें यह अनोखा स्वाद, खुशबु और रुप प्रदान करते हैं।

संग्रह करने के तरीके
• खसखस को हमेशा हवा बद डब्बे में रखकर ठंडी और सूखी जगह पर रखना बेहतर होता है।

स्वास्थ्य विषयक
• खसखस प्यास भुजाने के लिए, भूखार, सूजन कम करने के लिए और पेट में जलन कम करने के लिए लाभदायक होते हैँ।
• खसखस दर्द कम करने के लिए काम आते हैं, और यह माँसपेशीयों और नसों मे दर्द को कम करने के लिए उपयोगी होते हैं। इनका सेवन अकसर गठिया ठीक करने के लिए किया जाता है।
• नींबू के रस के साथ खसखस के पेस्ट को सूखी खुजली पर लगाया जाता है।
• खसखस से निकाले हुए दूध, जिसे ओपियम कहते हैं, नींद ना आने पर इसे शहद के साथ लिया जाता है।
• फिर भी, हमेशा याद रखें कि ओपियम नशीला होता है और बिना किसी सुझाव के इसका सेवन करने से यह हानिकारक हो सकता है। इसे शिशु, बच्चों, गर्भवती महिलाऐं और किडनी रोग से पीड़ित मरीज़ो को नहीं देना चाहिए।

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