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 Last Updated : Dec 18,2017


 भारतीय स्वस्थ > सर्जरी के पश्चात का आहार



Post Surgery Diet - Read In English
સર્જરી પછી ખવાતા આહારની રેસિપિ - ગુજરાતી માં વાંચો (Post Surgery Diet recipes in Gujarati)


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एक मज़ेदार लस्सी बनाने का राज़ दही में है। अगर दही अच्छी तरह नही जमा हो या खट्टा हो, अच्छी लस्सी नही बनेगी। इसलिए, सबसे पहले ज़रुरी है कि आप दही को जमने के तुरंत बाद फ्रिज में रख दें, जिससे थोड़ी देर मे वह गाढ़ा और मुलायम हो जाए, जिससे मज़ेदार लस्सी बनती है। एक गिलास भर मिठी और गाढ़ी लस्सी बनाने के लिए आपको ऐसे ही ताज़े दही और शक्कर की ज़रुरत है, जो ना केवल ताज़गी प्रदान करता है, लेकिन साथ ही पेट भरने में मदद करता है। कभी-कभी ग्लास भर लस्सी अपने आप में ही एक आहार बना सकता है। इस ताज़ी लस्सी का मज़ा चटपटे चाट के साथ लें।
दूध छुड़ाने की शुरुआत में यह एक पौष्टिक खाना है कयोंकि इसका रुप स्तन के दूध के समान होता है। इसके पानी को छान दिया जाता है क्योंकि 6 महीने से कम उम्र के बच्चे साबूत दाल और अनाज को पचा नहीं सकते। जब आपके बच्चे की उम्र 6 महीने से ज़्यादा हो जाये, इसे बिना छाने परोसना बेहतर होता है। इसे और भी स्वादिष्ट बनाने के लिए, कुछ हफतों के बाद आप इसमें घी, ज़ीरा और हल्दी का तड़का लगा सकते हैं।
यह संपूर्ण और पौष्टिक पॉरिज ज्वार और खजूर से बना है। यह पॅरिज आपके शिशु के लिए अच्छा है है क्योंकि अब वह तेज़ी से बढ़ रही है और उसकी भूख भी बढ़ते जा रही है। यह उसका पेट कुछ घंटो के लिए भरा रखेगा। ज्वार रेशांक और लौह से भरपुर है, साथ ही इसमें भरपुर मात्रा में प्रोटीन है। पॉरिज को मीठा बनाने के लिए खजूर का प्रयोग किया गया है कयोंकि यह ज़रुरी मात्रा में लौह और रेशांक प्रदान करते हैं।
यह मेरे पसंदिदा व्यंजन में से एक है और मुझे यकीन है कि यह आपके बच्चे को भी ज़रुर पसंद आयेगा। दूध की तुलना में दही पचाने में आसान होता है और लगभग उसी मात्रा में कॅलशियम प्रदान करता है (जो आपके बच्चे की हड्डीयाँ और दाँतों को मज़बुत करने के लिए ज़रुरी होता है)। साथ हीम स्ट्रॉबेरी इसके विटामीन सी की मात्रा बढ़ाते हैं जो आपके बच्चे को सर्दी-खाँसी से बचाने के लिए बेहद ज़रुरी है। मौसन अनुसार इसमें स्ट्रॉबेरी की जगह आम मिलाकर देखें।
जौ एक प्रोटीन से भरपुर अनाज है जो आपके बच्चे के लिए दूध छुड़ाने की शुरुआता में बेहद पौष्टिक होता है। जौ के पानी मे गुड़ का स्वाद डालें जो लौह का एक अच्छा स्रोत है। साथ इसमें विटामीन सी की मात्रा को बढ़ाने के लिए नींबू का रस डालें, जो आपके बच्चे को सर्दी-खाँसी से बचाता है।
दुध छुड़ाने के बाद खाने की शुरुआत में अकसर उबले और मसले हुए चावल खिलाने का सुझाव दिया जाता है। यह पचाने में आसान होते है और साथ ही फलों का रस जैसे दुसरे आहार की तुलना में ज़्यादा स्वस्थ और पौषटिक होते है, क्योंकि अन्य खाद्य पदार्थ में किटाणूओं के पनपने की आशंका ज़्यादा होती है। पके हुए चावल को दूध (स्तन के सूध या उपर के दूध ) में मिलाकर पतला बना लें जिससे इसे बच्चे को खाने में आसानी होगी।
क्योंकि अब आपकी बच्ची तेज़ी से बढ़ रही है और उसकी भूख भी बढ़ते जा रही है। यह संपूर्ण और पौष्टिक पॉरिज उसका पेट कुछ घंटो के लिए भरा रखेगा। बाजरा प्रोटीन और लौह से भरपुर होता है। इस पॉरिज को मीठा बनाने के लिए खजूर का प्रयोग किया गया है कयोंकि यह ज़रुरी मात्रा में लौह और रेशांक प्रदान करते हैं।
6 महीन की उम्र के बाद, आपका बच्चा ज़्यादा सख्त खाना खाने के लिए तैयार हो जायेगा। यह शीरा कार्बोहाईड्रेट, प्रोटीन, लौह और कॅलशियम से भरपुर है, जो आपके बच्चे का पेट लबे समय तक भरा रखेगा। मैने यहाँ शीरा को मीठा बनाने के लिए कम से कम गुड़ का प्रयोग कर केले का प्रयोग किया है।

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