This category has been viewed 48578 times
 Last Updated : Dec 24,2019


 विभिन्न व्यंजन > भारतीय व्यंजन > जैन व्यंजन, जैन रेसिपी



Jain - Read In English
જૈન વ્યંજન, જૈન પરંપરાગત વાનગીઓ - ગુજરાતી માં વાંચો (Jain recipes in Gujarati)

जैन रेसिपी , जैन व्यंजन , Jain recipes in Hindi

 

हमारे अन्य जैन व्यंजनों की रेसिपी ज़रूर आज़माये…

 जैन दाल कढ़ी की रेसिपी : Jain Dal Kadhi Recipes in Hindi
जैन अंतर्राष्ट्रीय रेसिपी : Jain International Recipes in Hindi
जैन नाश्ता की रेसिपी : Jain Snack Recipes in Hindi
जैन पर्यूषण पर्व की रेसिपी : Jain Paryushan Recipes in Hindi
जैन अचार चटनी रायता सलाद की रेसिपी : Jain Salad Pickle Chutney Recipes in Hindi
जैन रोटी की रेसिपी : Jain Roti Paratha Recipe in Hindi
जैन सब्जी़ ग्रेवी की रेसिपी : Jain Sabzi Gravy Recipes in Hindi
हैप्पी पाक कला!


Top Recipes

कितनी बार ऐसा हुआ है कि आपने अपनी पसंदिदा भारतीय मिठाई को घर पर नहीं बनाया है, क्योंकि उन्हें बनाने में काफी समय लगता है? देखा गया तो, जहाँ चाह है, वहाँ राह है। अगली बार, जब आपका स्वादिष्ट बादाम का शीरा खाने का मन हो, इसे झटपट और आसान से बनने वाले व्यंजन को बनाकर देखें, जिससे आप केसर के स्वाद वाले इस गाढ़े बादाम के शीरा को मिनटों में बना सकते हैं!
इस नाम में खट्टा, इस ढ़ोकले का मुख्य स्वाद है, और इसका खट्टापन इसमे मिलाए खट्टे दही से आता है। हालांकि ढ़ोकले सामान्य तापमान पर भी स्वादिष्ट लगते हैं, एक मज़ेदार नाश्ते के लिए, इन्हें हरी चटनी और गरमा गरम चाय के साथ परोसें!
ढ़ोल और नगाड़ो के साथ, हम पेश करते हैं एक मशहुर चाट का बिना तला हुआ विकल्प…दही वड़ा। वड़ो को 2-3 मिनट से ज़्यादा ना भिगोऐं, जिससे वह टुटे नहीं। यह एक भारी नाश्ता है, इसलिए मैं यह सुझाव देती हूँ कि इसका एक मात्रा से ज़्यादा सेवन ना करें।
यह एक ऐसी मिठाई जिसके बिना बंगाली यह नहीं सकते और मुझे यकीन है कि एक बार खाने के बाद, आपको भी इन बेहद नरम, सफेद-दूध वाले रसगुल्लों से प्यार हो जाएगा। याद रखें कि बेहतरीन रसगुल्ले बनाने के लिए हर बात ज़रुरी है- नींबू के रस की मात्रा से लेकर, छेना को डल्ला मुक्त होने तक मसलना और शक्कर के पानी का रुप। इसलिए, व्यंजन विधी का अच्छी तरह पालन करें और आपको शानदार रसगुल्ले प्राप्त होंगे। एक बार सीखने के बाद, इन्हें बनाना बेहद आसान हो जाता है और आप इन्हें कभी भी बना सकते हैं!
पुरनपोली एक पारंपरिक महाराष्ट्रियन व्यंजन है और इसके विकल्प विश्व भर में बनाये जाते हैं। यह एक संपूर्ण और स्वादिष्ट नाश्ता है, जिसे चना दाल और नारीयल को मीठे गुड़ और इलायची के स्वाद से बनाया गया है। हालाँकि यह त्यौहारों में बनाने वाला व्यंजन है, इसे कुछ खास मीठा खाने के लिए कभी भी बनाया जा सकता है।
विशिष्ट रुप से भाखरी एक बिस्कुट जैसा ब्रेड है जिसमें घी और ज़ीरे का स्वाद होता है। अकसर दो तरह की भाखरी होती है- एक को बिस्कुट की तरह पकाया जाता है और दुसरे को फूलाकर घी के साथ परोसा जाता है। अगर आपको बाहर जाते समय भाखरी बनानी हो, इन्हें छोटा और करारा बनाऐं। किसी भी तरह से बनाने पर, भाखरी पकाते समय दबाते रहें, जिससे यह अंदर से भी अच्छी तरह पका जाए।
रविवार की दोपहर को सुकुन से बिताने के लिए यह स्टफ्ड दही वड़ा बेहद संतोषजनक व्यंजन है! पारंपरिक उड़द दाल के वड़े के घोल को काजू और किशमिश के अनोखे मिश्रण से भरकर तला गया है। जब इन्हें पानी में भिगोकर, उपर दही डालकर और मसाले पाउडर से सजाकर परोसा जाता है, यह स्टफ्ड दही वड़ा एक शानदार व्यंजन बनाते हैं जिसमें एक ही समय में विभिन्न प्रकार के स्वाद और रुप का शामिल है। वड़ो के उपर खजूर इमली कि चटनी और हरी चटनी डालने से इसका स्वाद और भी उभर कर आता है।
वाल नी दाल एक बेहद और अनोखा व्यंजन है, जिसे वाल से बनाया गया है, जिसे गुजराती घरों में अकसर बनाया जाता है। इस व्यंजन में प्रयोग होने वाले मसालों के चुनाव को किशमिश एक मज़ेदार अनोखापन प्रदान करती है। चावल और पसंद की मिठाई के साथ इसे जब परोसा जाता है, वाल नी दाल त्यौहारों के लिए पर्याप्त बनता है!
कड़ी को गुजराती पाकशैली से अलग नहीं किया जा सकता। देखा गया तो यह बेसन से गाढ़ा बनाए गए दही का एक मीठा और तीखा मिश्रण है, जिसे बहुत से तरीको से मज़ेदार बनाया जा सकता है और अन्य सामग्री मिलाई जा सकती है जैसे पकौड़े और कोफ्ते। इस आसान से व्यंजन को बनाने के लिए आपको विशिष्ट तकनीक अपनाना है, जिसके लिए अभ्यास की आवश्यक्ता है। याद रखें कि कड़ी को कभी भी तेज़ आँच पर ना उबाले, जिससे दही फट सकता है।
गुजरात के खाने में यदि कढ़ी का न होना मतलब गुजराती थाली अधुरी है। इसे गुजरात की पाकशैली से अलग नहीं किया जा सकता है। देखा जाए तो यह बेसन से गाढ़ा बनाया गया दही का एक मीठा और तीखा मिश्रण है, जिसे बहुत से तरीकों से मज़ेदार बनाया जा सकता है और अन्य सामग्री मिलाई जा सकती है, जैसे कि पकौड़े और कोफ़्ते। इस आसान से व्यंजन को बनाने के लिए आपको विशिष्ट तकनीक अपनानी है, जिसके लिए अभ्यास की आवश्यक्ता है। याद रखें कि कढ़ी को कभी भी तेज़ आँच पर ना उबाले, क्योंकि दही फट सकती है। आप इस कढ़ी का सेवन चावल के साथ कर सकते हैं।

Categories

  • विभिन्न व्यंजन



  • कोर्स

  • बच्चों का आहार



  • संपूर्ण स्वास्थ्य व्यंजन

  • झट - पट व्यंजन