जैन रेसिपी , जैन व्यंजन , Jain recipes in Hindi

 


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જૈન વ્યંજન, જૈન પરંપરાગત વાનગીઓ - ગુજરાતી માં વાંચો (Jain recipes in Gujarati)

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Top Recipes

वारकी पराठे अपने आप में ही अलग हैं- आपने शायद इनके बारे ना पहले सुना होगा और ना बनाया होगा, लेकिन इस तकनीक को सीखने का आपके पास अच्छा मौका है! गेहूं के रोटी पर चावल के आटे का पेस्ट लगाकर, परतें बनाकर, रोल कर और घी से करारा होने तक पकाया गया है। ठंड के दिन के लिए पर्याप्त, यह आपको ज़रुर ऊंटी वारकी की याद दिलायेगा!
जैसा इसका नाम है, यह भरवां शाही पुरी बेहद शानदार व्यंजन है! आटे और मेथी से बने आटे को शानदार पनीर के मिश्रण से भरकर पुरी बनायी गई है और तेल में तला गया है। मेथी का तेज़ स्वाद सौम्य पनीर के साथ बेहतरीन तरीके से मिलता है, जो इस व्यंजन को कभी ना भुलने वाला व्यंजन बनाता है।
दोनो टेण्डली और काजू भारत के दक्षिण पश्चिमी भाग के तटीय श्रेत्र के, खासतौर पर मैंगलोर में सबका मनपसंद है। टेण्डली कैश्युनट एक मज़ेदार सब्ज़ी है जिसमें दोनो को मिलाया गया है। सामान्य तरीके से सरसों और लाल मिर्च से तड़का लगाकर, इस व्यंजन का सारा ध्यान नरम पकी हुई सब्ज़ी पर है।
केले के पत्तों के बीच में घोल को पकाकर पान्की बनाई जाती है। जहाँ आमतौर पर, पान्की चावल के आटे के घोल से बनाई जाती है,अन्य विकल्प भी बनाऐ जा सकते हैं और आप अपना अनोखा विकल्प भी बना सकते हैं! यह देखना मज़ेदार है कि केले के पत्तों के साथ परोसने से पान्की दिखने में और भी बेहतरीन लगने लगती है। पान्की बनाते समय, केले के पत्तों को हमेशा तेल से चुपड़ लें और परोसने से पहले पान्की को पत्तों के किनारे से अपने आप अलग होने दें। साथ ही समान तरह से पकाने के लिए घोल को अच्छी तरह फैला लें।
सूखी मूंग दाल रेसिपी | मूंग दाल की सुखी सब्जी | गुजराती मग नी छुट्टी दाल | स्वस्थ सूखी मूंग की दाल | mag ni dal in hindi | with 26 amazing images. सूखी मूंग दाल बनाने के लिए, दाल को धोकर, गुनगुने पानी में कम से कम ११/२ घंटे के लिए भिगो दें। छानकर एक तरफ रख दें। एक गहरे नॉन-स्टिक पॅन में तेल गरम करें और सरसों डालें। जब बीज चटकने लगे, हींग और भिगोई दाल डालकर, मध्यम आँच पर १ मिनट के लिए भुन लें। लाल मिर्च पाउडर, हल्दी पाउडर और धनिया-ज़ीरा पाउडर डालकर, लगातार हिलाते हुए मध्यम आँच पर और २ मिनट के लिए भुन लें। आँच से हठाकर, दाल के मिश्रण को एक बर्तन में निकालकर १/४ कप पानी डालकर अच्छी तरह मिला लें। इस बर्तन को प्रैशर कुकर में रखकर, २ सिटी तक प्रैशर कुक कर लें। ढ़क्कन खोलने से पुर्व सारी भाप निकलने दें। नींबू का रस, शक्कर और नमक डालकर अच्छी तरह मिला लें। पुरन पोली और कड़ी के साथ गरमा गरम परोसें। गुजराती मग नी छुट्टी दाल आधारिय गुजराती मसालों से बना एक सूखा व्यंजन है- यह रोज़ खाने के लिए एक स्वादिष्ट व्यंजन है। सामान्य दाल की तैयारी के विपरीत, यह एक सूखी डिश है जिसे मूंग दाल के साथ बनाया जाता है, जो एक साधारण तड़के और आम मसाले के चूर्ण के साथ होती है। छुट्टा का अर्थ है अलग, और इस गुजराती स्वादिष्ट खाद्य की सुंदरता मूंग दाल के प्रत्येक दाने को अपने मुंह में महसूस करने में सक्षम है। इसे प्राप्त करने के लिए, आपको दाल को पर्याप्त समय के लिए भिगोना चाहिए और इसे पानी की आवश्यक मात्रा के साथ कम से कम समय के लिए पकाना चाहिए, जैसा कि यहां वर्णित है। पूरन पोली, चावल और कढ़ी के साथ मग नी दाल का आनंद लें। यह स्वस्थ सूखी मूंग की दाल प्रोटीन का बहुत अच्छा स्रोत है। इस रेसिपी को परोसने से आपके दिन भर की प्रोटीन की आवश्यकता लगभग 17% पूरी हो जाती है। विटामिन, फोलेट, पोटेशियम, जिंक, फॉस्फोरस और मैग्नीशियम कुछ अन्य पोषक तत्व हैं जो इस दाल में मौजूद हैं। यह वेट-वॉचर्स, दिल के मरीजों और मधुमेह रोगियों को भी। मग नी दाल के टिप्स। 1. हम आपको पकवान तैयार करने से पहले दाल को भिगोने का सुझाव देते हैं जिससे इसे पकाने में कम समय लगेगा। 2. आपको यह भी याद रखने की आवश्यकता है कि इस विशेष तैयारी के लिए, दाल को ओवरकुक नहीं किया जाना चाहिए क्योंकि दाल को अलग और सूखा होना चाहिए, न कि उबाऊ। यह इस नुस्खा की सफलता का रहस्य है! आनंद लें सूखी मूंग दाल रेसिपी | मूंग दाल की सुखी सब्जी | गुजराती मग नी छुट्टी दाल | स्वस्थ सूखी मूंग की दाल | mag ni dal in hindi | स्टेप बाय स्टेप फोटो के साथ।
सेव टमेटा रेसिपी | गुजराती सेव टमेटा नू शाक | सेव टमाटर | सेव टमाटर सब्जी | सेव टमाटरsev tameta in Hindi language | with 15 amazing images. सेव टमेटा रेसिपी एक झटपट लेकिन स्वादिष्ट व्यंजन जहाँ ज़ीरा और अदरक का तड़का लगे टमाटर को सेव के साथ परोसा जाता है। सेव बेसन से बना, एक तला हुआ, सेंवई जैसा दिखने वाला नाश्ता है। यह इतना आम है कि यह लगभग हर दुकानों में मिलता है, सड़क के किनरों से लेकर सुपर्माकेट तक! देखा गया तो, सेव टमाटर सब्जी बिना झंझट के बनने वाला व्यंजन है! इस बात का ध्यान रखें कि टमाटर को पहले पकाया जा सकता है और सेव को परोसने से तुरंत पहले डाला जा सकता है, जिससे वह ताज़े और करारे बने रहे। नीचे दिया गया है सेव टमेटा रेसिपी | गुजराती सेव टमेटा नू शाक | सेव टमाटर | सेव टमाटर सब्जी | सेव टमाटरsev tameta in Hindi language | स्टेप बाय स्टेप फोटो और वीडियो के साथ।
खांडवी | गुजराती खांडवी | बेसन खांडवी | गुजराती नाश्ते की रेसिपी | khandvi in hindi | with amazing 27 images. खांडवी गुजरातियों का और खास करके बच्चों का एक लोकप्रिय नाश्ता है। बेसन, दही और सरसों के तड़के से तैयार होते इस स्वादिष्ट नाश्ते को लगभग कोई भी मना नहीं कर पाता है। साथ ही कोई भी यह इनकार नहीं कर सकता है कि इसे तैयार करना मुश्किल है। धैर्य रखें और मिश्रण को धीरे–धीरे गाढ़ा होने तक पकाना है। इसके अलावा खांडवी को हल्के से रोल करें और उपर तड़के को डालना न चूकें। डाकोर ना गोटा और नायलॅान खमन ढ़ोकला जैसे अन्य गुजराती फरसाण भी जरूर आज़माएँ।
वाल नी दाल एक बेहद और अनोखा व्यंजन है, जिसे वाल से बनाया गया है, जिसे गुजराती घरों में अकसर बनाया जाता है। इस व्यंजन में प्रयोग होने वाले मसालों के चुनाव को किशमिश एक मज़ेदार अनोखापन प्रदान करती है। चावल और पसंद की मिठाई के साथ इसे जब परोसा जाता है, वाल नी दाल त्यौहारों के लिए पर्याप्त बनता है!
मिनटों में तैयार होने वाला एक स्वादिष्ट अचार! गाजर और शिमला मिर्च, सरसों के साथ हल्के भुने हुए और तीखे मसाले के साथ मिलाये हुए- बस! याद रखें कि इस गाजर मर्चा नू सम्भारीयु की खास बात है इसमें प्रयोग होने वाली सब्ज़ीयों का करारापन। इसलिए, कभी भी सब्ज़ीयों को बहुत ज़्यादा ना पकाऐं और नरम होने से पहले ताज़ा परोसें! यह सबसे अच्छा तब लगता है जब इसे ताज़ा बनाया गया है और साथ ही आप इसे 4-5 दोन के लिए फ्रिज में रखकर भी संग्रह कर सकते हैं।
ढ़ोकली और कुछ नहीं लेकिन विभिन्न तरह के आटे से बने डम्पलिन्गस् है, जो सब्ज़ी को गाढ़ा बनाकर एनके स्वाद को निखारते हैं। जहाँ ढ़ोकली को पारंपरिक रुप से बेसन से बनाया जाता है, आप अपने अनुभव का प्रयोग कर विभिन्न तरह के आटे का प्रयोग भी कर सकते हैं। फण्सी ढ़ोकली ऐसा ही एक व्यंजन है, जिसमें ढ़ोकली का प्रयोग अच्छी तरह से किया गया है और फण्सी के गुणों के साथ मिलाया गया है। ढ़ोकली बनाते समय, सबसे पहले एक या दो ढ़ोकली डालकर देखें कि वह नरम हुए हैं या नहीं। बाद में बची हुई ढ़ोकली डालें।