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 Last Updated : Apr 01,2020


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Indian Lunch - Read In English
બપોરના અલ્પાહાર - ગુજરાતી માં વાંચો (Indian Lunch recipes in Gujarati)

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हैप्पी पाक कला!


Top Recipes

पाँच प्रोटिन युक्त दालों के मिश्रण से बनाई गई इस मसालेदार मिक्स दाले के रूपांतर में दही के साथ परंपरागत मसालों का उपयोग किया गया है, जो इसमें खट्टापन और तीखापन देते हैं। यह दाल पराठे और रोटी के साथ अच्छा संयोजन बनाती है। इस दाल को आसानी से झटपट बनाया जा सकता है। बस, याद रखें कि दाल को 1 घंटे पहले से सोखने रख दें जिससे यह सुनिश्चित हो जाएगा कि दाल एकसमान पकेगी। इस दाल का मज़ा चावल और रोटी के साथ लें।
गुजरात के खाने में यदि कढ़ी का न होना मतलब गुजराती थाली अधुरी है। इसे गुजरात की पाकशैली से अलग नहीं किया जा सकता है। देखा जाए तो यह बेसन से गाढ़ा बनाया गया दही का एक मीठा और तीखा मिश्रण है, जिसे बहुत से तरीकों से मज़ेदार बनाया जा सकता है और अन्य सामग्री मिलाई जा सकती है, जैसे कि पकौड़े और कोफ़्ते। इस आसान से व्यंजन को बनाने के लिए आपको विशिष्ट तकनीक अपनानी है, जिसके लिए अभ्यास की आवश्यक्ता है। याद रखें कि कढ़ी को कभी भी तेज़ आँच पर ना उबाले, क्योंकि दही फट सकती है। आप इस कढ़ी का सेवन चावल के साथ कर सकते हैं।
प्याज़ और पुदिने की रोटी इतनी स्वादिष्ट है कि आप उंगलियाँ चाटते रह जाएँगे। वैसे भी पुदिना के पत्ते इतने मजेदार होते हैं कि वे किसी भी व्यंजन को रूचिकारक बना देते हैं। इस रेसीपी में इन पुदिने के पत्ते को हरी मिर्च, नीबूं के रस और प्याज़ के साथ मिलाकर एक खास पेस्ट तैयार की गई है, जौ इन रोटियों को अत्यधिक मनमोहक बना देती है। इसे और रोमंचक बनाने के लिए एक कप दही के साथ परोसें। आलू पनीर रोटी और कॅरट एण्ड कोरीयेन्डर रोटी को भी आजमाईए, आप जरूर दंग रह जाएँगे।
यह ढ़कले इतने मुलायम और स्पंजी होते हैं कि इन्हें नायलोन कहा जा सकता है! और क्या चाहिए, अगर आपने विधी का पालन अच्छी तरह किया है और अभयास किया है, तो इस व्यंजन को बनाना बेहद आसान हो जाता है। घोल में फ्रूट सॉल्ट और तड़के में पानी, यह दो मुख्य तत्व हैं जो इस ढ़ोकले के बेहद नरम और स्पौंजी रुप के लिए ज़िम्मेदार हैं। पर्याप्त 100/100 नम्बर के लिए, परोसने से तुरंत पहले ही तड़का डालें।
डाकोर ना गोटा | गुजराती गोटा | गुजरात स्ट्रीट फ़ूड स्नैक्स | Dakor na gota recipe in hindi language | with 15 amazing images. dakor na gota recipe डकोर, गुजरात का एक पारंपरिक डाकोर ना गोटा है। डाकोर ना गोटा एक दिलकश स्नैक है, जिसे बनाने के लिए सुपर क्विक और आसान स्नैक है। गुजरात के गांवों में पारंपरिक डाकोर ना गोटा बहुत लोकप्रिय स्नैक है। हर गुजराती घराने के पास डकोर ना गोटा बनाने का अपना संस्करण है, यह हमारा संस्करण है। गुरात के घरों से एक खास खजाने को देखें! एक खास व्यंजन जिसे होली के अवसर पर बनाया जाता है, यह डाकोर ना गोटा एक बेहद पुराना पारंपरिक व्यंजन है जो गुजरात के डाकोर नामक गाँव का मूल है। हालांकि इस डाकोर ना गोटा को तल कर बनाया जाता है, लेकिन इसे बनाना बेहद आसान है क्योंकि इसमें आम सामग्री का प्रयोग किया जाता है और इसके घोल को बिना पीसे या खमीर लाए आसानी से बनाया जा सकता है। इसे और भी खास बनाने के लिए खजूर इमली की चटनी के साथ परोसें। नीचे दिया गया है डाकोर ना गोटा | गुजराती गोटा | गुजरात स्ट्रीट फ़ूड स्नैक्स | Dakor na gota recipe in hindi language | स्टेप बाय स्टेप फोटो और वीडियो के साथ।
पकी हुई और मसालेदार हरी मूंग दाल के भरवां मिश्रण के साथ, करारी परत वाली, इम कचौरी का हर एक टुकड़ा बेहतरीन लगता है! इन्हें नाश्ते के रुप में खाया जा सकता है या खाने के साथ भी परोसा जा सकता है। मूंग दाल के मिश्रण के कारण यह व्यंजन प्रोटीन से भरपुर है और बच्चों के लिए पर्याप्त चुनाव है। इन कचौरी को ध्यान से बहुत ही धिमी आँच पर तलें, जिससे यह अच्छी तरह पक जाए और इसकी परत करारी और कुरकुरी बने।
कड़ी को गुजराती पाकशैली से अलग नहीं किया जा सकता। देखा गया तो यह बेसन से गाढ़ा बनाए गए दही का एक मीठा और तीखा मिश्रण है, जिसे बहुत से तरीको से मज़ेदार बनाया जा सकता है और अन्य सामग्री मिलाई जा सकती है जैसे पकौड़े और कोफ्ते। इस आसान से व्यंजन को बनाने के लिए आपको विशिष्ट तकनीक अपनाना है, जिसके लिए अभ्यास की आवश्यक्ता है। याद रखें कि कड़ी को कभी भी तेज़ आँच पर ना उबाले, जिससे दही फट सकता है।
मुठीया मुठ्ठी के आकार का एक गुजरातियों का पसंदीदा नाश्ता है। इसमें दूधी और प्याज़ के साथ उपयुक्त मात्रा में सूजी, गेहूं के आटे और बेसन का संयोजन है। जबकि हरी मिर्च, अदरक और धनिया इस दूधी मुठीया को अधिक लज़ीज बनाते हैं, तो दूसरी ओर सरसों और तिल का पारंपारिक तड़का इन्हें खूश्बूदार और करकरापन प्रदान करते है। स्टीमर से निकालकर गरमा-गरम ही इनका आनंद लें।
बटेटा नू शाक एक मशहुर गुजराती खाने में से एक है, जिसे लगभग हर घर में बनाया जाता है। तिल, कड़ी पत्ता और अदरक-हरी मिर्च के पेस्ट का मज़ेदार मेल, फीके आलू को अनोखा स्वाद प्रदान करता है। नींबू का रस और धनिया, जिसे बनाने के अंत में मिलाया जाता है, इस व्यंजन के स्वाद को और भी मज़ेदार बनाते हैं। दाल और चावल के साथ परोसने पर यह बेहतरीन लगता है।
एक मशहुर राजस्थानी व्यंजन, मिसी रोटी विभिन्न प्रकार के आटे को मिलाकर और अजवायन, हरा धनिया और प्याज़ के मेल के साथ बनायी जाती है, जिसे अच्छी तरह पकाने से बेहद प्यारी खुशबू आती है। इस बात का ध्यान रखें कि आप रोटी को थोड़ा मोटा बेलें और दोनो तरफ सुनहरे दाग पड़ने तक पकाऐं।

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