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 Last Updated : Oct 02,2018


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Rajasthani Mithai, Sweets - Read In English
રાજસ્થાની મનપસંદ મીઠાઇ - ગુજરાતી માં વાંચો (Rajasthani Mithai, Sweets recipes in Gujarati)

 

राजस्थानी मिठाई व्यंजनों, राजस्थानी मीठे रेसिपी, Rajasthani Sweet Dishes Recipes in Hindi

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हैप्पी पाक कला!



गौंट खाने योग्य गौंद होता है, जिसे पेड़ के तने से निकाला जाता है। गौंद के हल्के भूरे पीले रंग के दाने बाज़ार में आसनी से मिलते हैं। आपको इन कणों को तलकर फूलाना होता है और पाउडर बनाकर व्यंजन अनुसार प्रयोग कर सकते हैं। गौंद गरमाहट प्रदान करता है जिसे राजस्थान में ठंड के मौसम मे बहुत ज़्यादा पसंद किया ....
एक शानदार व्यंजन जिसे ठंड के दिनों में संपूर्ण राजस्थान में पसंद किया जाता है, क्योंकि यह शरीर को गरम रखने में और ठंड से बचाने के लिए माना जाता है। इसे रिवाज़ माना जाता है, और अकसर होली, दिवाली और शादियों से भी इसे बनाया जाता है। इसे बनाने में काढी समय और धैर्य चाहिए, क्योंकि दाल भुनकर हलवा बनाने मे ....
केसर और इलायची के स्वाद से भरे और शानदार मावे से बने केसर पेढ़े की अपनी ही कुछ खास बात है। तैयार मावे का प्रयोग करने से हमने इसे बनाने के समय को कम किया है, जिसकी आवश्यक्ता इस पारंपरिक मिठाई को बनाने के लिए होती है। फिर भी इसे बनाने के लिए आपको पहले से कुछ तैयारीयाँ करनी होगी, क्योंकि इस मिश्रण को ठ ....
सौम्य भारतीय परंपरा, बादाम मका हल्वा किसी भी तरह के त्यौहारों का कभी ना अलग होने वाला भाग है। इसे आम दिनों में भी खा सकते हैं! देखा गया तो, ठंड के दिनों में, हमारी दादि उनके बच्चों को रोज़ सुबह इस हलवे को खाने की सलाह देती थी। यह एक ऐसी स्वादिष्ट परंरपरा है, जिसे कोई भी छोड़ना पसंद नही करेगा! हमेशा ....
परोसने में आसान और स्वाद से भरपुर, यहाँ हम पेश करते हैं मधहुर राजस्थानी चुरमा, लड्डू के रुप में! पारंपरिक चुरमा, जिसे गुड़ से मीठा बनाया जाता है और नारियल और तिल के स्वाद से सजाया जाता है, इन्हें लड्डू के रुप में बनाकर संग्रह करना और परोसना आसान होता है। बेहतरीक रुप और स्वाद के लिए, दरदरे पीसे हुए ग ....
ठंड के दिनों में आटे के मालपुवे से ज़्यादा और कुछ पसंद नहीं आ सकता है। यह जानकर नया नहीं लगेगे कि यह राजस्थानी घरों का पारंरपरिक पसंदिदा है, खासतौर पर ठंड के दिनों मे। घी में तले हुए, मीठे, तीखे गेहूं के घोल की खुशबु, खासतौर पर सौंफ और कालीमिर्च की खुशबु आपके मूँह में पानी लाने के लिए काफी है! पर्या ....
ताज़े पनीर से बने मुलायम और नाज़ूक मालपुवे, जो आपके मूँह में जाते ही घुल जाऐंगे। यह व्यंजन काफी कुछ अजमेर के पास पुश्कर के मलाई मालपुवे जैसा है। इन्हें रबड़ी के साथ या केवल कटे हुए बादाम और पिस्ता से सजाकर गुनगुने तापमान पर परोसें। आपको छेना मालपुवे राजस्थान के केवल कुछ ही भाग में मिलेंगे। बस इन्हे ....
पारंपरिक मिठाईयों को घर पर बनाने के लिए केवल थोड़ी समझदारी की आवश्यक्ता है। उदाहरण के तौर पर, इस मलाई बर्फी को तैयार मावे से, घर पर आसानी से झटपट बनाया जा सकता है। जहाँ मिठाई को को बनाकर ठंडा करने में सारा दिन लगता है, आप रसोई में काम के समय को इस व्यंजन का पालन कर कम कर सकते हैं। इसलिए, इस मलाई बर् ....
खीर का एक मज़ेदार विकल्प, जहाँ दूध को गाढ़ा और स्वादिष्ट बनाने के लिए मीठी बूंदी कका प्रयोग किया गया है। यह ध्यान रखना ज़रुरी है कि बूंदी डालने से पहले दूध को पुरी तरह ठंडा किया जाए, जिससे बूंदी का आकार बना रहे। अगर आप बूँदी गरम या गुनगुने दूध मे डालेंगे, तो बूंदी ज़रुर फैल जाएगी और आपको बेसन के स्व ....
यह व्यंजन उदयपुर में काफी मशहुर है, जहाँ से इसका उप्पादन हुआ है। इसका रुप रबड़ी के समान है, हालांकि इसे गाढ़ा बनाने के लिए गेहूं के आटे का प्रयोग किया गया है। "खीच" का मतलब "मसला हुआ" होता है जो काफी कुछ पॉरिज जैसा दिखता है। चूंकी गेहूं और दूध ऊर्जा से भरपुर सामग्री है, इसे बिमारी से उभरने के लिए भी ....
जोधपुर अपने मावा कचौड़ी के लिए मधहुर है। सूखे मेवे और मावा (खोया) से भरी, करारी तली हुई कचौड़ी को चाश्नी से ढ़का गया है। इन कचौड़ीयों का मज़ा दिन के किसी भी समय लिया जा सकता है। इन मीटी कचौड़ी को अकसर "गुजीया" कहा जाता है और होली के पर्व में इन्हें "खास तौर" पर बनाया जाता है।

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