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 Last Updated : Sep 17,2019


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Mixer - Read In English
મિક્સર - ગુજરાતી માં વાંચો (Mixer recipes in Gujarati)


सुबह का नाश्ता हो, दोपहर का खाना या रात का खाना हो, एक या किसी प्रकार कि चटनी का परोसना ज़रुरी होता है- चाहे इसे इडली, डोसा या टिफिन व्यंजन के साथ हो या चावल से बने व्यंजन के साथ परोसा जाए। चूंकी दक्षिण भारत में नारियल आसानी से मिल जाता है, नारियल से बनी चटनी बहुत आम है।
आलूबुखारे जैसे तेज़ और तीक्ष फल बच्चों को आसानी से पसंद नहीं आते। लेकिन इस प्रकार के फल भरपुर मात्रा में विटामीन सी प्रदान करते हैं और इन्हें आहार का भाग ज़रुर बनाना चाहिए। मसले हुए केले मिलाने से आलूबुखारे का तेज़ स्वाद सौम्य हो जाता है और आपको और आपके बच्चे को खुश कर देगा।
स्वास्थ के प्रति सचेक को यह पेय ना केवल इसके पौषण तत्वों के लिए पसंद आएगा, लेकिन साथ ही इसके रंग और स्वाद के लिए भी। इस ज्यूस को बनाने के लिए प्रयोग किये गए फल और सब्ज़ीयों को संभाल कर चुना गया है, जो दिन भर की ज़रुरत को पुरा करने के लिए भरपुर मात्रा में विटामीन ए, सी और पाचन एन्ज़ाईम्स् से भरे है। ....
इसे खाकर आपको ज़रुर संतुष्ट मिलेगा! इस बात की कोई शंका नहीं है कि किसी को भी यह रोमन स्टाईल पम्पकिन सूप पसंद नहीं आएगा, कयोंकि यह सौम्य कद्दू को एक सवादिष्ट व्यंजन में बदलता है। यह मलाईदार सूप, जो विटामीन ए और कॅलशियम से भरपुर कद्दू और कॅलशियम से भरपुर लि-फॅट दूध से बना है, रंग और स्वाद के मामलें मे ....
यह अनोखा मेल आपके शिशु के आहार में 2 फलों के मेल को एक नये तरह से शामिल करने का मज़ेदार तरीका है। विटामीन ए, विटामीन सी और रेशांक से भरपुर, यह मेल आपके बच्चे के पाचन तंत्र को साफ करने में भी मदद करेगा। देखा गया तो, पपीते जैसे एक फल के साथ शुरुआत करना बेहतर होता है और कुछ दिनों बाद खरबूजा शामिल करना ....
रेशांक से भरपुर गाजर और कलेस्ट्रॉल कम करने वाले लहसुन को अपने आहार का भाग बनाने का यह एक अच्छा तरीका है।
बहुत से बच्चों को 7 महीने की उम्र तक दूध कम पसंद आने लगता है। उनके कॅलशियम की ज़रुरत को पुरा करने के लिए क्रीम चीज़ (जिसे हम पनीर भी कहते हैं) ऊर्जा, प्रोटीन और कॅलशियम का एक बेहतरीन स्रोत है। साथ ही व्यंजन आपके बच्चे के दिन भर की ज़रुर को पुरा करता है और साथ ही यह विटामीन ए और सी का अच्छा स्रोत है।
रसवान्गी का मतलब ही होता है रस भरी ग्रेवी में बैंगन। जहाँ यह एक पारंपरिक दक्षिण भारतीय व्यंजन है, बहुत से लोग यह मानते हैं कि इसका स्वाद महाराष्ट्रियम होता है, जिसकी वजह इसमें प्रयोग आने मसाले या धनिया का तेज़ स्वाद हो सकता है! यह इडली या पके हुए चावल के साथ परोसने के लिए बेहतरीन व्यंजन है।
चटनी पोड़ी का एक सौम्य विकल्प, इसे भी तिल के तेल में मिलाकर इडली, डोसे के साथ परोसा जाता है। इसके अलावा, अगर आप बाहर जाते समय, इडली या डोसा पैक कर ले जा रहे हैं, आप इस मलगा पोड़ी और तेल के मिश्रण को इडली और डोसे के उपर लगा सकते हैं, जिससे इसे खाने में आसानी हो, और साथ ही तेल की परत इडली और डोसे को ल ....
बहुत से शीशु विषेशज्ञ यह सलाह देते हैं कि 1 साल की कम उम्र से बच्चों को तरबूज़ नहीं देना चाहिए क्योंकि यह एनके नाज़ूक आँतों को नहीं जजता है। लेकिन, 1 साल की उम्र से ज़्यादा बच्चों के लिए यह फलों के रस का एक बहुत ही स्वादिष्ट मेल है जो आपके बच्चे को ज़रुर पसंद आयेगा।
रतालू या सूरण को चना दाल और मिले-जुले मसालों के साथ मिलाकर शानदार सीख कबाब बनते हैं जो बेहद स्वादिष्ट लगते हैं।

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