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 Last Updated : May 11,2019


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Forever Young Diet - Read In English
હમેંશા જુવાન રહેવા માટેનો આહાર - ગુજરાતી માં વાંચો (Forever Young Diet recipes in Gujarati)

सदा जवान रहने का रेसिपी, Forever Young Diet recipes in Hindi

सदा जवान रहने का रेसिपी, Forever Young Diet recipes in Hindi, Anti ageing recipes in Hindi. 



Top Recipes

बाजरा रेशांक, लौहतत्व, कॅल्शियम और प्रोटीन से भरपुर होता है। बाजरे के आटे बने पराठे बेहद पौष्टिक और स्वादिष्ट होते हैं, लेकिन इसे अच्छी तरह बेलने के लिए अभयास की ज़रुरत होती है। फिर भी, समय लगने के बाद भी, आप इन स्पाईसी बाजरा पराठे को ज़रुर बनाकर देखें। इस व्यंजन में, रोटी में पनीर और मेथी का मिश्रण भरा गया है। एक स्वादिष्ट खाने के लिए, इन पराठों को लो-फॅट दही के साथ परोसें, जो आपका पेट लंबे समय तक भरा रखेंगे।
स्वाद भी! स्वास्थ भी! कैल्शियम और प्रोटीन से भरपूर, रागी की रोटी पौष्टिक हेने के साथ-साथ स्वादिष्ट भी है। दही की हल्कि खट्टास, मिर्च के तीखापन, कद्दूकस किया हुआ गाजर और हरा प्याज़ रोटी के स्वाद को बढाते है। थोडा सा परथन लगाकर रोटी बेलने में मुश्किल नही होनी चाहिए। लेकिन अगर आप नहीं बेल पा रहे हों तो आटे के पेडे को सूखा आटा लगाकर दो प्लास्टिक की पन्नियो कए बीच रखकर आसानी से बेल सकते है। रोटी को टूटने से बचाने के लिए पलटते तथा तवे से उठाते समय चिमटे का इस्तेमाल करें क्योंकि रागी की रोटी बहुत नाजुक होती है। उत्तम आंनद लेने के लिए रोटी गरम ही परोसें।
थेपले गुजराती खाने से कभी ना अलग होने वाला भाग है, जो रोज़ के खाने के लिए, बाहर जाते समय और पिकनिक के लिए भी पर्याप्त होते हैं! दही और छून्दा के साथ खाने पर, थेपले को गरमा गरम या ठंडा भी खाया जा सकता है। कभी-कभी थेपले के स्वाद को निहारने के लिए साबूत ज़ीरा या तिल भी मिलाए जाते हैं। आप इसमें मेथी और लौकी जैसी अन्य सामग्री भी मिला सकते हैं, जिससे आपको और भी विकल्प मिलेंगे।
आसानी से उपलब्ध होने वाले गाजर, टमाटर और चुकंदर से विटामिन a और फाइबर प्राप्त होता है जो दिन की शुरूवात करने के लिए बहुत उत्तम है। इसके रंग को देख के बच्चे भी इसे विशेष रूप से पसंद करेंगे।
दक्षिण भारत से उत्तपन्न एक सौम्य नाश्ता, यह उत्तपा अब विश्व भर में मशहुर हो गया है, कयोंकि इसे बहुत से अनोखे तरीके से बनाया जा सकता है। यह भी एक ऐसा ही विकल्प है, जिसे साबूत बाजरा और उसके आटे से बनाया गया है। गाजर और प्याज़ जैसी सब्ज़ीयाँ इस स्वादिष्ट व्यंजन को करारापन प्रदान करते हैं और वहीं धनिया, नींबू आदि मिलकर इसके स्वाद और खुशबु को निखारते हैं। इस बाजरा, कॅरट एण्ड अनियन उत्तपा को हेल्दी ग्रीन चटनी के साथ तवे से उतारकर तुरंत परोसें।
अक्सर लोग फास्ट फूड चूनना पसंद करते हैं क्योंकि उनका मानना है कि पारंपारिक व्यंजन बनाने में बहुत समय लग जाता है। पर ऐसा नहीं होता है। हर पाकशैली में कुछ झटपट व्यंजन कुछ रोजमर्रा के व्यंजन और कुछ विस्कृत व्यंजन होते हैं। और यह बात सिद्ध करने के लिए यह है एक पांपारिक महाराष्ट्रीयन नुस्खा। तीन प्रकार के आटेके संयोजन से बनता यह थालीपीठ बहुत ही असानी से तैयार किया जा सकता है। इसमें स्वाद और पौष्टिकता दोनों ही कूट-कूट के भरी हुई है। वडा-पाव, मिसल पाव और कांदा पोहा जैसे महाराष्ट्रीयन नुस्खे भी जरूर आज़माइए।
एक अनोखा डोसा, जिसे भिगोए और पीसे उड़द दाल के खमीर वाले घोल को 4 तैयार आटे के पर्याप्त मात्रा के साथ मिलाकर बनाया गया है, यह 4 फ्लॉर डोसा बेहद स्वादिष्ट और पेट भरने वाला व्यंजन है! हाई ग्लाईसमिक चावल की जगह, इस स्वादिष्ट पॅनकेक को रेशांक भरपुर आटे जैसे गेहूं का आटा, बाजरा, ज्वार और नाचनी के आटे से बनाया गया है। चूंकी इसका घोल खमीर वाला है, यह पचाने में आसान है और साथ ही करारा और नरम रुप प्रदान करता है। यह 4 फ्लॉर डोसा मधुमेह के लिए एक अच्छा चुनाव है, लेकिन हम सलाह देते हैं इसका सेवन कम से कम मात्रा के सांभर के साथ करें, जिससे नारियल की चटनी के वसा से दुर रहा जा सके।
करेले के बारे में सोचते ही सबसे पहले हमारे मन मे आता है उसका कड़वापन। लेकिन करेला मधुमेह से पीड़ीत के लिए बहुत ही लाभदायक होता है और आगर आपको इसका स्वाद पसंद आ जाए तो आप इसका भरपुर मज़ा ले सकते हैं। इस अनोखे करेले के थेपले में करेले के छिलके का प्रयोग किया गया है जिसे हम अकसर फेक देते हैं। छिलको को धोकर छोटे टुकड़ों में काटकर आटे में मिलाऐं।
ब्रोकन व्हीट उपमा, जैसा इसका नाम है, यह एक गेहूं आधारित एक पौषण भरपुर व्यंजन है। जहाँ दलिया भरपुर मात्रा में रेशांक और ऊर्जा प्रदान करता है, गाजर और हरे मटर भरपुर मात्रा में आहार तत्व प्रदान करते हैं, खासतौर पर विटामीन ए। साथ ही सब्ज़ीया इस नरम उपमा को करारापन प्रदान करते हैं। इसे और भी रंग-बिरंगा और स्वादिष्ट बनाने के लिए, आप इसमें अपनी पसंद की अन्य सब्ज़ीयाँ भी मिला सकते हैं।
घर का बना बादाम का मक्ख़न एक अनोखा और किसी को भी ललचा दे ऐसा बनता है। दरसल यह वर्णित करने से ज्यादा अनुभव करने जैसा है। यहाँ बादाम को पीसने से पहले भूना गया है, इसलिए यह अधिक स्वादिष्ट लगते हैं। थोड़ा सा नारियल का तेल इस मक्ख़न की पौष्टिकता बढ़ाने के साथ-साथ अधिक स्वादिष्ट भी बनता है। यह बादाम का मक्ख़न प्रोटिन का एक बहुत अच्छा स्त्रोत है, जबकि नारियल आपको मध्यम श्रृंखला ट्रायग्लिसराइड के स्वास्थ फैटी एसिड प्रदान करते हैं। बाज़ार में मिलने वाले बादाम के मक्ख़न से घर पर बनाया गया मक्ख़न बेहतर होता है, क्योंकि बाज़ार में मिलने वाले मक्ख़न में अधिक मात्रा में शक्कर और हाइड्रोजनेटेड वनस्पति होते हैं। इसके अलावा घर पर यही मक्ख़न आधे दाम में भी बनाया जा सकता है। और हाँ, यह मक्ख़न बनाने के लिए आपको महंगे और बड़े बादाम खरीदने की जरूरत नहीं हैं, क्योंकि इन्हें पीसना ही है। केवल एक चीज़ यह है कि आपको थोडा धौर्य होना चाहिए, जिससे की आप बादाम को धिरे-धिरे पीसें और हर आधे मिनट पर स्विच बंद करें। यह बादाम का मक्ख़न एक ग्लास की बोतल में भरकर फ्रिज़ में संग्रह करें तो यह 25 दिनों तक ताज़ा रहता है। यदि आप कमरे के तापमान पर इसका संग्रह करेंगे तो यह 15 दिनों तक ताज़ा रहता है। पर एक बात का ध्यान रहे कि यदि आपने इसे बनाकर इसका संग्रह फ्रिज़ में किया है, तो फिर इसे फ्रिज़ में ही रखें। और फिर जब भूख लगे तब 1 चम्मच भर इसका मज़ा ले सकते हैं। यह वज़न घटाने वालों के लिए एक उपयुक्त नाश्ता है क्योंकि इसमें पाए जाने वाले सही वसा आपको लंबे समय तक तृप्त होने का एहसास देते हैं। घर का बना हुआ मूंगफली का मक़्खन भी आजमाईए।

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