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 Last Updated : Jun 27,2019


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રાજસ્થાની પારંપારીક સંયોજીક વ્યંજન - ગુજરાતી માં વાંચો (Rajasthani Traditional Combinations recipes in Gujarati)

राजस्थानी पारंपरिक व्यंजनों, Rajasthani Traditional Recipes in Hindi

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हैप्पी पाक कला!


जब हम घर के खाने के बारे में सोचते हैं, सबसे पहले हमें खिचड़ी का खयाल का आता है। एक संपूर्ण खिचड़ी जो आपका दिल जीत लेगी और साथ ही काम से भरपुर दोन के बाद आपको प्रदान करेगी, और यह स्वादिष्ट बाजरा खिचड़ी आपकी उम्मीदों पर ज़रुर खरी उतरेगी। राजस्थान के निवासी चावल से ज़्यादा बाजरा जैसे अनाज का प्रयोग ज़ ....
हालांकि इस कचौड़ी का उत्तपादन जोधपुर मे हुथा है, लेकिन आज यह संपूर्ण राजस्थान में मशहुर है। देखा गया तो प्याज़ के मिश्रण से भरी इन करारी, रवादार तली हुई कचौड़ीयों को बहुत कम घरों में बनाया जाता है। राजस्थान में बहुत से नमकीन की दुकानों में गरमा गरम प्याज़ की कचौड़ी या आलू प्याज़ की कचौड़ीयों को ....
3 में 1 एक पारंपरिक राजस्थानी व्यंजन। राजस्थानी खाने में मीठा और नमकीन साथ परोसने में खासियत रखते हैं और सबका मन जितने में भी। हल्का मीठा चूरमा, तीखी दाल और तली हुई बाटी का मेल एक ऐसा ही पारंपरिक मेल है। गरमा गरम दाल में डूबी ताज़ी बाटी चूरमा के साथ परोसने के लिए पर्याप्त है। अगर आप ठंड के दिनों में ....
खट्टे सरसों के स्वाद से भरे पानी में मूंग दाल के वड़े एक मारवाड़ी व्यंजन है। 'कांजी' या 'राई का पानी', जैसा इसका नाम है, इसे एक दिन पहले बनाकर रखा जाता है जिससे सभी सामग्री का स्वाद इसमें अच्छी तरह घुल जाए। संपूर्ण राजस्थान में कांजी वड़ा बहुत ही मशहुर नाश्ता है। चुकंदर की कांजी भी बेहद मशहुर है ....
छिल्के वाली उड़द दाल का स्वाद, सादी बिना छिल्के वाली उड़द दाल की तुलना में काफी बेहतर लगता है। चना दाल और मिले-जुले मसाले, हरी मिर्च और प्याज़ के साथ, यह एक बेहतरीन दाल बनाती है जिसे खाकर आप अपनी ऊँगलीयाँ चाटते रह जाऐंगे! इस दाल बंजारी को पकाने के तुरंत बाद परोसना बेहतर होता है और ताज़ा कटे हुए हरे ....
गौंट खाने योग्य गौंद होता है, जिसे पेड़ के तने से निकाला जाता है। गौंद के हल्के भूरे पीले रंग के दाने बाज़ार में आसनी से मिलते हैं। आपको इन कणों को तलकर फूलाना होता है और पाउडर बनाकर व्यंजन अनुसार प्रयोग कर सकते हैं। गौंद गरमाहट प्रदान करता है जिसे राजस्थान में ठंड के मौसम मे बहुत ज़्यादा पसंद किया ....
बहुत ही स्वादिष्ट, यह मटर कचौड़ी ऐसी ही है! आपने शायद ही कभी ऐसी कचौड़ी चखौ होगी जिसका भरवां मिश्रण इतना स्वादिष्ट हो। क्रश किये हुए मटर को मसालों के शानदार मेल के साथ चटपटा बनाया गया है, जिनमे से कलौंजी का स्वाद उभर कर आता है। साथ ही आपको इसके भरवां मिश्रण का नरम रुप भी पसंद आएगा, जो करारी परत क ....
राजस्थानी पकौड़ा कढी की खास बात है इसमें मिलाए गए करारे और ताज़े बेसन के पकौड़े! यह कढी को करारा और चबाने योग्य रुप प्रदान करता है जो कढ़ी को और भी मज़ेदार बनाता है। अपको यह कढ़ी और भी स्वादिष्ट लगेगी क्योंकि इसमें आम मसालों के साथ-साथ कुछ चुनिंदा मसालें डाले गए हैं। राजस्थान के मौसम अनुसार इस तरह क ....
चना दाल और गुड़ चावल स्वादिष्ट तीखी चना दाल और खुशबुदार गुड़ चावल का एक बेहतरीन मेल है। यह गुड़ चावल में सौंफ और इलायची का स्वाद और खुशबु से इस तरह से भरपुर है, कि यह आपकी भूख बढ़ा देगा। यह एक इतना स्वादिष्ट व्यंजन है कि आप इसे ज़रुर ज़रुरत से ज़्यादा खाऐंगे, लेकिन चिंता ना करें, कयोंकि हींग, सौंफ औ ....
राजस्थान में चावल का प्रयोग बहुत ज़्यादा नही किया जाता है और वहाँ के लोग गेहूं, बाजरा और ज्वार जैसे अनाज का प्रयोग करना चुनते हैं और खिचड़ी और राब जैसे पारंपरिक व्यंजन बनाने के लिए प्रयोग करते हैं। यह एक ऐसी ही अनोखी खिचड़ी है जिसे गेहूं का प्रयोग करने के लिए बिकानेर श्रेत्र से मूल किया गया था, जैसा ....
यह भारतीय रोटी रेगीस्तान के फैले हुए विस्तार के राज़ को खोलती है। खोबा का मतलब होता है निशान या छेद और इन रोटीयों को ऐसे ही बनाया जाता है। बेहतर होता है कि इन्हें तंदूर में पकाया जाए, लेकिन आम गैस पर आम तवे पर, धिमी आँच पर भी आप इन्हें बेहतरीन तरह से बना सकते हैं। इन रोटी में घी लगाकर गरमा गरम परोसे ....
क्या यह रोज़ प्रोयग आने वाले भारतीय मसालों का कमाल है या बनाने के तरीके का, जो इस गवारफल्ली की सूखी सब्ज़ी को इतना स्वादिष्ट बनाता है? अपने आप देखें! गवारफली से बना एक मसालेदार व्यंजन, जिसे आपकी रसोई में मिलने वाली आम सामग्री से बनाया गया है, जैसे अदरक, हरी मिर्च, ज़ीरा, लहसुन आदि। इस सूखी सब्ज़ ....
राजस्थानी खने में चने की दाल प्रयोग भरपुर मात्रा में किया जाता है क्योंकि इसका उत्पादन रेगिस्तान श्रेत्र में ज़्यादा किया जाता है। चने की दाल से बना बेसन का प्रयोग रोटी, गट्टा, मिठाई और साथ ही कढ़ी को गाढ़ा बनाने के लिए किया जाता है। त्यौहारों के खास मौको पर चावल की जगह गट्टे का पुलाव बनाया जाता है ....
बिना बाटी के राजस्थानी खाने को अधुरा माना जाता है! राजस्थान में बाटी को बहुत से अलग पारंपरिक और विभिन्न तरीकों से बनाया जाता है। हरे मटर के मिश्रण से भरी यह मसाला बाटी एक बेहद स्वादिष्ट विकल्प है। ध्यान रखें कि बाटी को तलने से पुर्व पानी में उबालकर ठंडा किया गया है। इस विधी के बिना इस व्यंजन को ना ब ....
चूंकी राजस्थान के कुछ भाग में ताज़ी सब्ज़ीयाँ आसानी से नहीं मिलती है, पकी हुई दाल और सब्ज़ीयों को तली और संग्रह की हुई सब्ज़ी या दाल के मंगौड़ी से बनाना आम है। पर्याप्त मात्रा के मसालों के साथ मिलाकर और घी में पकाने से, यह एक बेहद स्वादिष्ट वयंजन बनाता है, जैसा यहाँ इस मंगौड़ी की दाल में किया गया है ....

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