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 Last Updated : Mar 26,2019


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Dals / Kadhis - Read In English
દાળ / કઢી - ગુજરાતી માં વાંચો (Dals / Kadhis recipes in Gujarati)


Top Recipes

जैसा इसके नाम में त्रेवटी संबोधित करता है, यह तीन प्रकार की दाल का मेल है जिन्हें मसालों में पकाया गया है। रोज़ खाने वाली दाल को यह तीन तरह की दाल एक खास रुप प्रदान करते हैं, जो भाखरी और लहसुन की चटनी के साथ अच्छी तरह जजती है। विकल्प के रुप में, आप पीली मूंग दाल की जगह उड़द दाल का प्रयोग भी कर सकते हैं।
ओसामन एक गरम पेय है, जिसका संबंध रसम से है, लेकिन रसन जितना तीखा नहीं! तुवर दाल के पानी का प्रयोग इस व्यंजन को सौम्य रुप प्रदान करता है। इस व्यंजन को बनाने के लिए प्रयोग की गई दाल से बाद में लचकि दाल जैसे अन्य व्यंजन बनाए जा सकते हैं। गरमा गरम ओसामन का चावल और लचको दाल के साथ मज़ा लें।
मिक्स्ड कठोल साबूत दालों के मज़ेदार मेल को दर्शाता है जिन्हें गुजराती तरह से पेश किया गया है। कठोल 'जामन' का एक भाग है जिसे त्यौहारों के मौसम में परोसा जाता है, लेकिन इसे गुजराती घरों में सालभर आमतौर पर भी बनाया जा सकता है।
साम्भर दक्षिण भारत का एक व्यंजन है। साम्भर अपने आप में ही बेहद पौष्टिक होता है, क्योंकि इसमें तुवर दाल और मिली-जुली सब्ज़ीयों के मेल का प्रयोग किया गया है। कद्दू, सहजन की फल्ली और लौकी जैसी सब्ज़ीयाँ इस व्यंजन को पौषण तत्व प्रदान करते हैं, वहीं मेथी भाजी से भरपुर मात्रा में लौष प्रदान होता है, जो साथ ही स्वाद और खुशबु प्रदान करता है। इस मेथी लीव्स् साम्भर को इडली, डोसा, चावल के साथ गरमा गरम परोसें या इसे रोटी के साथ भी परोसा जा सकता है।
राजमा करी और चावल…इससे बेहतर और स्वादिष्ट और कोई खाना नही है। राजमा पौष्टिक और संपूर्ण आहार है और टमाटर के गाढ़े ग्रेवी और मसालों के साथ पकाने के बाद बेहतरीन लगता है। यह करी पंजाब में मशहुर है और लगभग सभी उम्र के लोगों की मनपसंद।
तुवर दाल हरे पत्तेदार सब्ज़ीयों के साथ अच्छी तरह जजती है, केवल इस बात का ध्यान रखें कि दाल पुरी तरह घुल जाए लेकिन मसल ना जाए। यहाँ, पालक और तुवर दाल को साथ मिलाकर, संभल कर प्रैशर कुक किया गया है और पर्याप्त रुप पाने के लिए ब्लेन्ड किया गया है। तड़के में कुछ साबूत मसाले डाले गए हैं जो इस पालक तुवर दाल को ताज़ी खुशबु और बेहतरीन स्वाद प्रदान करते हैं।
पिठोर एक राजस्थानी व्यंजन है जो थोड़ा बहुत ढ़ोकले जैसा दिखता है, लेकिन स्वाद ओर रुप के मामलें में और इसे बनाने की विधी बहुत अलग होती है। जहाँ पिठोर में तड़का लगाकर इसे चाय के साथ नाश्ते के रुप मे परोसा जा सकता है, वहीं इन्हें तलकर ग्रेवी या जैसा यहाँ किया गया है, कढ़ी में भी डाला जा सकता है। तले हुए पिठोर के साथ खट्टी मज़ेदार कढ़ी एक बेहद स्वादिष्ट व्यंजन बनाता है और कोई भी व्यक्ति इसके साथ रोटी या पुलाव ज़्यादा ही खाएगा! तले हुए पिठोर को कढ़ी में परोसने के तुरंत पहले ही डालें!
वाल से बना यह रंगून ना वाल एक संपूर्ण लेकिन आसानी से बनने वाला व्यंजन है। गुड़, इमली, लाल मिर्च पाउडर और अजवायन जैसे विभिन्न सामग्री का प्रयोग इसे अनोखा मीठा और खट्टा स्वाद प्रदान करता है। भिगोना बेहद ज़रुरी है इसलिए पहले से सोचकर बनाए।
यह एक ऐसा दक्षिण भारतीय व्यंजन है जिसे किसी परिचय की आवशआयक्ता नहीं है, और यह सभी में से सबसे ज़्यादा बहुउपयोगी है। हर परिवार अलग-अलग माप में सामग्री का प्रयोग करता है। आप अपनी पसंद अनुसार भी सामग्री के माप को बदल सकते हैं। साम्भर में (या किसी भी कूज़ाम्बू में) मिलाई गई सब्ज़ीयों को थान कहते हैं। विभिन्न थान इस प्रकार हैं- सहजन फल्ली, आलू, अरबी, गाजर, कद्दू, बैंगन, भिंडी आदि।
साम्भर दक्षिण भारत के खाने का भाग है। कभी-कभी वह इसे दिने में एक बार से ज़्यादा बनाते हैं- सुबह के नाश्ते में और दोपहर और रात के खाने में भी। तुवर दाल और मिली-जुली सब्ज़ीयों के पौष्टिक्ता से भरपुर, इसे रोज के खाने का भाग बनाया जा सकता है और यह इतना बहुउपयोगी है कि इसे चावल, इडली, वड़ा, उपमा और किसी भी दक्षिण भारतीय नाश्ते के साथ परोसा जा सकता है।

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